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सर्राफा व्यापारी से लूट का खुलासा : 16 किलोमीटर तक नहीं मिला सीसीटीवी, फिर भी पुलिस ने खोला लूटकांड का राज; तीन बदमाश गिरफ्तार

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Tue, Jun 23, 2026
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आठ किलो चांदी के जेवर, साढ़े चार लाख नकद और फर्जी नंबर प्लेट लगी बाइक बरामद

उन्नाव। औरास थाना क्षेत्र में सर्राफा व्यापारी से हुई लाखों रुपये की लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया। एसओजी, सर्विलांस और औरास पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब आठ किलो चांदी के जेवर, बिक्री के 4.50 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई फर्जी नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल बरामद की है। एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में बताया कि आठ जून को रामपुर खंझड़ी निवासी सर्राफा व्यापारी प्रभात कुमार ने थाना औरास में तहरीर देकर बताया था कि वह सीसी चौराहा स्थित अपनी दुकान बंद कर चांदी के आभूषणों से भरा बैग लेकर घर लौट रहे थे। शाम करीब सात बजे रास्ते में दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और बैग छीनकर फरार हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर एसओजी, सर्विलांस और थाना औरास पुलिस की संयुक्त टीमों को खुलासे में लगाया। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि घटनास्थल से करीब 16 किलोमीटर तक कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था। इसके बावजूद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपितों तक पहुंच बनाई। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अमेठी निवासी रंजीत यादव, चंद्रशेखर पाल उर्फ चंदू और आशीष कुमार उर्फ मुकेश के रूप में की है। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वारदात को अंजाम देने से पहले कई महीनों तक व्यापारी की रेकी की गई थी। रंजीत ने करीब पांच माह पहले व्यापारी की दुकान और आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटाई थी। इसके बाद लगातार तीन दिन तक निगरानी कर वारदात को अंजाम दिया गया। एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि बदमाश ऐसे व्यापारियों को निशाना बनाते थे जिनकी दुकानों में तिजोरी नहीं होती थी। वारदात के लिए ऐसे स्थान चुने जाते थे जहां सीसीटीवी कैमरे न हों और नहर पटरी या सुनसान रास्तों से आसानी से फरार हुआ जा सके। पहचान छिपाने के लिए वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि घटना में इस्तेमाल की गई बाइक का नंबर फर्जी था। इंजन और चेसिस नंबर की जांच में वाहन का असली नंबर सामने आया। इस आधार पर मुकदमे में फर्जीवाड़े से संबंधित धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। एसएसपी जेपी सिंह ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहास है और उन पर हत्या, लूट, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट व एनडीपीएस एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। घटना के सफल खुलासे पर पुलिस अधीक्षक ने टीम को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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