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स्टार प्लस पर एंट्री, निभाएंगें जेलर का किरदार
उन्नाव। रंगमंच से निकलकर राष्ट्रीय टेलीविजन और वेब प्लेटफॉर्म तक अपनी पहचान बना चुके वरिष्ठ रंगकर्मी जब्बार अकरम एक बार फिर छोटे पर्दे पर अहम भूमिका में नजर आने जा रहे हैं। 19 जनवरी से स्टार प्लस चैनल पर शाम 7 बजे प्रसारित होने वाले धारावाहिक “तोड़ कर दिल मेरा” में वह जेलर के किरदार में दिखाई देंगे। यह भूमिका उनके अभिनय जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। शहर के पूरब खेड़ा, सिविल लाइन के एक साधारण परिवार में जन्मे जब्बार अकरम ने वर्ष 1990 में रंगमंच से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की थी। उनका पहला नाटक “अमीबा” रहा, जिसके निर्देशक वरिष्ठ रंगकर्मी विजय पंडित थे। यहीं से उन्होंने अभिनय की बारीकियां सीखीं और थिएटर को ही अपना आधार बनाया। उनके लंबे और समर्पित रंगमंचीय योगदान को देखते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी से सम्मानित भी किया जा चुका है।
अब तक जब्बार अकरम करीब 30 से अधिक नाटकों में अभिनय और निर्देशन कर चुके हैं। इनमें अमीबा, उनकी मौत, राजा का बाजा, जांच पड़ताल, राज दर्शन, तमाचा, पुरुष, बकरी, बिच्छू, कंजूस, सांझ, लड़की है तो क्या हुआ, वाह रे शहर, दरोगा जी, मिर्जा की बाइसिकल जैसे चर्चित नाटक शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक सरोकारों से जुड़े नाटक भी लिखे, जिनमें “वाह रे शहर”, “ये लड़की है तो क्या हुआ” और “दरोगा जी” प्रमुख हैं। इन नाटकों का संभागीय नाट्य समारोहों में मंचन हो चुका है। जीवन यापन के लिए कचहरी के पास डाकघर के बगल में पेंटर और आर्टिस्ट के रूप में काम करते हुए भी उन्होंने रंगमंच से कभी दूरी नहीं बनाई। अपने अभिनय के लंबे सफर में उन्होंने उत्तर प्रदेश के अलावा हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, दिल्ली और मध्य प्रदेश में भी कई नाट्य प्रस्तुतियां दी हैं।
टेलीविजन की दुनिया में उनकी पहली उपस्थिति वर्ष 1992 में लखनऊ दूरदर्शन के नाटक “उनकी मौत” से हुई थी, जिसके निर्देशक श्री अशरफ हुसैन थे। इसके बाद उन्होंने फिल्मों और वेब सीरीज में भी लगातार छोटे छोटे रोल के तौर में काम किया। खास बात यह है कि जब्बार अकरम ने अपने करियर में अधिकतर भूमिकाएं पुलिसकर्मी के रूप में निभाई हैं, जिनमें उनकी सशक्त और प्रभावी अदाकारी को खास पहचान मिली।
वह बुलेट राजा, मिशन मजनू, फैमिली ऑफ ठाकुरगंज, मिलन टॉकीज, मचान, रायबरेली, प्यारा कुल्हड़, एक्टिंग का भूत, छोलाछाप, जाइए आप कहां जाएंगे जैसी फिल्मों के साथ-साथ वेब सीरीज “ए सूटेबल बॉय”, “गृहण” और सावधान इंडिया में भी नजर आ चुके हैं। इसके अलावा बाबी देओल अभिनीत चर्चित वेब सीरीज “आश्रम-2” में भी उन्होंने सीबीआई अफसर की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी व्यापक पहचान मिली।
सम्मानों की बात करें तो जब्बार अकरम को वर्ष 2018 में रंगमंच अभिनय के लिए चयनित किया गया और वर्ष 2020 में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल द्वारा उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान मिलने के साथ ही वह उन्नाव जनपद के पहले कलाकार बने, जिन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुआ।
अपने नए सीरियल को लेकर जब्बार अकरम का कहना है, कि “मेरे लिए रंगमंच ही मेरी असली पाठशाला रहा है। जो कुछ भी आज तक सीखा, वह थिएटर की वजह से संभव हुआ। छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन अगर मेहनत और ईमानदारी हो तो रास्ते जरूर बनते हैं। ‘तोड़ कर दिल मेरा’ में जेलर का किरदार मेरे लिए चुनौतीपूर्ण है और उम्मीद है दर्शकों को यह भूमिका पसंद आएगी।”
स्टार प्लस के धारावाहिक में उनकी एंट्री की खबर से उन्नाव के रंगकर्मियों और उनके शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। इस मौके पर राघवेंद्र सिंह, शफी अहमद खान, एसके टाइगर, मोहम्मद आमिर, जया उपाध्याय, सविता उपाध्याय, मोहम्मद रफीक, अनुराग यादव, मोहम्मद सलीम रंगरेज, मो. आजम अकरम, मो. इरफान सिद्दीकी, अभिषेक वर्मा, अस्मिता उपाध्याय और एडवोकेट राघवेंद्र कुमार पाल सहित कई लोगों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उन्नाव के रंगमंच से शुरू हुआ जब्बार अकरम का यह सफर आज राष्ट्रीय टेलीविजन और वेब प्लेटफॉर्म तक पहुंच चुका है। उनकी कहानी उन तमाम कलाकारों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने हुनर के दम पर बड़े मंच तक पहुंचने का सपना देखते हैं।