जल निकासी बाधित : पीपरखेड़ा के ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार
Mon, Jun 15, 2026
पुराने निकासी मार्ग बंद होने का आरोप, 8 फुट चौड़ा रास्ता और नाली निर्माण की मांग
उन्नाव। सदर तहसील क्षेत्र के पीपरखेड़ा गांव में जल निकासी और रास्ते की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। सोमवार को ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराते हुए समस्या के समाधान की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में वर्षों से मौजूद पानी निकासी का मार्ग बंद कर दिए जाने से घरों और रास्तों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, पहले गांव और आसपास के खेतों का पानी एक पुराने निकासी मार्ग से तालाब की ओर निकल जाता था, लेकिन हाल के वर्षों में उस रास्ते के अवरुद्ध हो जाने से जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हो गई है। इससे बारिश के दौरान कई घरों के सामने पानी जमा हो जाता है और लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण रज्जन पाल ने बताया कि तालाब की ओर जाने वाले पानी के निकास को बंद किए जाने के बाद समस्या लगातार बढ़ती गई। उनका कहना है कि निकासी मार्ग बाधित होने से खेतों और आबादी वाले हिस्सों में पानी भरने लगा है, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण महिलाओं ने भी समस्या को गंभीर बताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। सुताना ने बताया कि गांव में नाली और करीब आठ फुट चौड़े खड़ंजा मार्ग की जरूरत है। उनका आरोप है कि विभिन्न स्थानों पर बांध जैसी रुकावटें बना दी गई हैं, जिससे पानी का प्राकृतिक प्रवाह रुक गया है और घरों के सामने जलभराव होने लगा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पहले स्थानीय स्तर पर भी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और जल निकासी की व्यवस्था बहाल कराने, नाली निर्माण तथा रास्ते की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बरसात के मौसम में हालात और गंभीर हो सकते हैं। उनका कहना है कि जलभराव से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।
15 मिनट बिजली, फिर घंटों इंतजार : गर्मी में बढ़ी लोगों की मुश्किलें
Sat, Jun 6, 2026
छोटे चौराहा और कसाई चौराहा फीडर के लोड संतुलन पर उठे सवाल, 10 हजार से अधिक उपभोक्ता प्रभावित
उन्नाव। गर्मी के बीच शहर की बिजली व्यवस्था सवालों के घेरे में है। पिछले करीब एक महीने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति लगातार बाधित हो रही है। हालात यह हैं कि कई बार महज 10 से 15 मिनट बिजली आने के बाद घंटों आपूर्ति ठप हो जाती है। दिनभर में आठ से दस बार ट्रिपिंग और शटडाउन की समस्या से हजारों उपभोक्ता परेशान हैं। शुक्रवार को सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज खान और सभासद मेराज खान ने एसडीओ को ज्ञापन सौंपकर निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की। शहर के ऊंटसार, गद्दियाना, किला, छिपयाना, एबी नगर, आईबीपी चौराहा, अब्बास बाग, सुंदर टॉकीज के पीछे का क्षेत्र, गंदा नाला और जामा मस्जिद समेत कई मोहल्लों के लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लगातार बिजली आने-जाने से घरेलू उपकरणों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं रात के समय भी राहत न मिलने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
फीडरों पर बढ़ा अतिरिक्त भार
स्थानीय लोगों और जानकारों के अनुसार, छोटे चौराहा फीडर से जुड़े कुछ क्षेत्रों का विद्युत भार कसाई चौराहा फीडर से जुड़े ट्रांसफार्मरों पर स्थानांतरित किए जाने के बाद व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। इसके चलते किसी एक स्थान पर तकनीकी खराबी आने पर पूरे फीडर की आपूर्ति प्रभावित हो जाती है। परिणामस्वरूप एक छोटे फाल्ट का असर हजारों उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है। लोगों का कहना है कि दोनों फीडरों का भार एक साथ आने के बाद फाल्ट, ट्रिपिंग और शटडाउन की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है। गर्मी के मौसम में लंबे समय तक बिजली न मिलने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
एक फेज गायब होने से बढ़ी दिक्कत
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली कटौती के अलावा बार-बार एक फेज बंद होने की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। कई इलाकों में एक फेज गायब रहने से पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण सही तरीके से नहीं चल पा रहे हैं। शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
कारोबार पर भी असर
लगातार बाधित हो रही बिजली आपूर्ति का असर बाजारों और छोटे कारोबारों पर भी पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से ग्राहकों को असुविधा होती है और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के संचालन में परेशानी आती है। कई प्रतिष्ठानों को जनरेटर और अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे खर्च बढ़ रहा है।
लोड संतुलन को बताया मूल समस्या
स्थानीय निवासियों का कहना है कि आईबीपी ट्रांसफार्मर से जुड़े छोटे चौराहा और एबी नगर क्षेत्र का अतिरिक्त लोड हटाए बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है। उनका आरोप है कि ट्रांसफार्मरों पर क्षमता से अधिक भार पड़ने के कारण बार-बार फाल्ट और ट्रिपिंग हो रही है। लोगों का कहना है कि जब तक फीडरों का लोड संतुलित नहीं किया जाएगा और क्षमता के अनुरूप विद्युत वितरण नहीं होगा, तब तक शहरवासियों को राहत मिलना मुश्किल है।
10 दिन से कर रहे शिकायत, नहीं निकला समाधान
शुक्रवार को सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज खान और सभासद मेराज खान ने एसडीओ सूर्य कुमार को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने बताया कि छोटे चौराहा फीडर से जुड़े ट्रांसफार्मरों का भार कसाई चौराहा फीडर पर डाले जाने से अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। इससे कसाई चौराहा फीडर से जुड़े करीब 10 हजार उपभोक्ता लंबे समय से परेशान हैं। सभासद मेराज खान ने बताया कि पिछले लगभग 10 दिनों से बिजली कटौती, एक फेज और ट्रिपिंग की समस्या को लेकर वह लगातार विभागीय अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं। जेई से लेकर एसडीओ तक कई बार समस्या के समाधान की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि रात में बार-बार बिजली बाधित होने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज खान ने यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि शहर के कई मोहल्लों में हालात ऐसे हैं कि लोग 24 घंटे तो दूर, 24 मिनट भी निर्बाध बिजली नहीं पा रहे हैं। लगातार हो रही कटौती और ट्रिपिंग से जनता परेशान है, जबकि विभाग समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाता नहीं दिख रहा है। इस पर एसडीओ सूर्य कुमार ने बताया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
समस्या : बिजली कटौती को लेकर सपा नेताओं ने एसडीओ से की शिकायत
Fri, Jun 5, 2026
मामूली खराबी पर लंबे शटडाउन से व्यापारियों और घरेलू उपभोक्ताओं को दिक्कत
रात चार बजे तक गुल रही बिजली, दिनभर फाल्ट से जूझते रहे उपभोक्ता
उन्नाव। भीषण गर्मी के बीच शहर के कई इलाकों में लगातार हो रही बिजली कटौती और बार-बार के शटडाउन से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज खान और नगर पालिका सभासद मेराज खान ने बिजली विभाग के एसडीओ से मुलाकात कर कसाई चौराहा फीडर से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और जल्द समाधान की मांग की।प्रतिनिधिमंडल ने एसडीओ को बताया कि छोटे चौराहे फीडर से जुड़े अब्बास बाग, सुंदर टॉकीज के पीछे का इलाका, गंदा नाला क्षेत्र और जामा मस्जिद ट्रांसफार्मर का लोड कसाई चौराहा फीडर पर स्थानांतरित किए जाने के बाद फीडर पर क्षमता से अधिक भार पड़ रहा है। इसके चलते आए दिन तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं और किसी भी क्षेत्र में फाल्ट आने पर पूरे फीडर की बिजली आपूर्ति बाधित करनी पड़ती है। सभासद मेराज खान ने कहा कि छोटे चौराहे और कसाई चौराहा फीडर का लोड एक साथ जोड़ने के बाद से समस्या लगातार बढ़ी है। उन्होंने बताया कि गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई रही। रात में करीब चार बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रही। इसके बाद सुबह छह बजे बिजली आई, लेकिन साढ़े नौ बजे तक ही आपूर्ति सुचारु रह सकी। इसके बाद दिनभर फाल्ट और तकनीकी खराबियों के कारण लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि मामूली फाल्ट होने पर भी लंबे समय तक शटडाउन लिया जाता है, जिससे हजारों उपभोक्ता प्रभावित होते हैं। गर्मी के इस मौसम में लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घरों में पानी की समस्या से लेकर बच्चों की पढ़ाई और व्यापारिक गतिविधियों तक पर असर पड़ रहा है। सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज खान ने कहा कि बढ़े हुए लोड के कारण एक फेज की समस्या भी लगातार सामने आ रही है। रात के समय घंटों बिजली बाधित रहने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि कई मोहल्लों में लोगों की नींद तक पूरी नहीं हो पा रही है और भीषण गर्मी के कारण हालात और कठिन हो गए हैं। उन्होंने मांग की कि कसाई चौराहा फीडर पर बढ़े अतिरिक्त लोड को कम करने के लिए प्रभावी तकनीकी व्यवस्था की जाए। साथ ही ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए कि किसी एक स्थान पर फाल्ट होने की स्थिति में पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित न हो। उपभोक्ताओं को नियमित और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रतिनिधिमंडल ने एसडीओ से जल्द आवश्यक तकनीकी सुधार कर समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। इस पर एसडीओ ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।