उन्नाव के सरस्वती मेडिकल कॉलेज में ईडी की रेड : फर्जी डिग्री कनेक्शन की जांच
Thu, Nov 6, 2025
दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त कर ईडी अफसरों ने शुरू की आगे की जांच
उन्नाव। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर सोहरामऊ क्षेत्र स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज गुरुवार सुबह ईडी की कार्रवाई से सन्नाटे में बदल गया। दो गाड़ियों से पहुंची प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने कॉलेज कैंपस में प्रवेश करते ही मुख्य प्रशासनिक भवन को अपने कब्जे में ले लिया। मेडिकल कालेज के इमरजेंसी विभाग को छोड़कर बाकी हिस्सों में आवाजाही रोक दी गई। जांच टीम ने प्राचार्य डॉ.
आर.एल
. श्रीवास्तव समेत सभी कर्मचारियों के मोबाइल फोन जमा कर लिए और सभी को अपने-अपने कमरों में ही रहने के निर्देश दिए। कॉलेज के अकाउंट सेक्शन, मैनेजर और आईटी विभाग के कंप्यूटर जब्त कर ईडी अधिकारी दस्तावेज खंगालने में जुट गए।
जानकारी
के मुताबिक, यह छापेमारी हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री और मार्कशीट घोटाले से जुड़ी है। इसी केस में ईडी ने हरियाणा और दिल्ली के कई ठिकानों पर भी एक साथ कार्रवाई की है। इसके अलावा उन्नाव के नवाबगंज स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज और लखनऊ के गोमतीनगर स्थित सरस्वती कॉलेज के प्राचार्य अखिलेश मौर्य के आवास पर भी तलाशी ली गई है। कार्रवाई के दौरान कॉलेज परिसर में किसी को अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं है। कर्मचारी और छात्र बाहर खड़े हालात जानने की कोशिश करते रहे। फिलहाल ईडी टीम की छापेमारी जारी है।
आसमान में लहराया उन्नाव का नाम : शिक्षक ने की 10 हजार फीट की छलांग
Wed, Nov 5, 2025
कासगंज में सहायक अध्यापक पद पर तैनात, अब जिले के पहले स्काई डाइवर बने
उन्नाव। शहर के युवा शिक्षक प्रत्यूष मिश्रा ने अपने साहस और जज़्बे से आसमान को छू लिया। हरियाणा के नरनौल में ‘स्काई हाई इंडिया’ ट्रेनिंग सेंटर पर उन्होंने 10 हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाकर स्काई डाइविंग में सफलता हासिल की। इस कारनामे के साथ ही वे उन्नाव जिले के पहले शिक्षक स्काई डाइवर बन गए हैं। प्रत्यूष मिश्रा उन्नाव शहर के मोहल्ला मोतीनगर के रहने वाले हैं और फिलहाल कासगंज के एक परिषदीय विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं। उन्होंने 5 नवंबर को बेलारूस के प्रशिक्षक यूहेनी के निर्देशन में यह डाइव पूरी की। पैराशूट के सहारे सफल लैंडिंग करते ही वहां मौजूद प्रशिक्षकों और सहयोगियों ने तालियों से उनका स्वागत किया। डीसीए के महामंत्री और प्रत्यूष के पिता पी.के. मिश्रा ने बताया कि उनका बेटा शुरू से ही रोमांचक गतिविधियों में रुचि रखता है। स्काई डाइविंग से पहले वह वैली ऑफ फ्लॉवर्स, हेमकुंड साहिब, खीरगंगा, गिदारा बुग्याल और हर की दून जैसी ऊंचे और कठिन पहाड़ी जगहों की सफल ट्रैकिंग कर चुका है।उनकी इस उपलब्धि की खबर मिलते ही परिवार, विद्यालय स्टाफ, विद्यार्थियों और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। सभी ने कहा कि प्रत्यूष की यह उपलब्धि नई पीढ़ी को प्रेरित करने वाली है, जो यह सिखाती है कि अगर इरादा मजबूत हो, तो उड़ान की कोई सीमा नहीं।
: शिक्षा के मंदिर में महिला शिक्षक और रसोईया में मारपीट, बीएसए ने की कार्रवाई
Sun, Nov 2, 2025
विवाद के बाद वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाते हुए महिला शिक्षक को किया सस्पेंड
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। शिक्षा के मंदिर में उस वक्त शर्मनाक हालात बन गए जब ऊंचगांव सानी के प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापिका और रसोइया आपस में भिड़ गईं। शनिवार को हुए इस विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें दोनों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई साफ नजर आ रही है। वीडियो में सहायक अध्यापिका प्रियंका श्रीवास्तव एक रसोइया को गिराकर उसके ऊपर बैठी दिख रही हैं, जबकि दूसरी रसोइया उन्हें रोकने की कोशिश में हाथ में प्लास्टिक का पाइप लिए खड़ी नजर आती है। बच्चों के सामने हुए इस पूरे वाकये से अभिभावक और ग्रामीण आक्रोशित हैं।
वीडियो वायरल होते ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमिता सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश सिंह को जांच के लिए मौके पर भेजा। रसोइया प्रज्ञा ने बताया कि शिक्षिका भोजन की गुणवत्ता में गड़बड़ी करने का दबाव डालती थीं। शनिवार को जब उसने इसका विरोध किया तो बहस बढ़ गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। साथी रसोइया मंजू और लक्ष्मी ने किसी तरह बीच-बचाव किया। ग्राम प्रधान अतुल चौधरी ने बताया कि यह पहली बार नहीं है, शिक्षिका पहले भी स्कूल स्टाफ और छात्रों से अभद्रता कर चुकी हैं। जांच रिपोर्ट में शिक्षिका को दोषी पाए जाने पर बीएसए अमिता सिंह ने उन्हें निलंबित कर पुरवा बीआरसी में संबद्ध कर दिया है।
बीएसए अमिता सिंह ने कहा कि शिक्षिका का यह बर्ताव किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। उन्हें तत्काल निलंबित किया गया है। हसनगंज बीईओ की आख्या के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के संस्कार और शिक्षा का केंद्र है, ऐसे में शिक्षकों से अनुशासन और संयम की उम्मीद की जाती है। विभाग इस तरह के मामलों में सख्ती से कार्रवाई करेगा।