शहीद आज़ाद को नमन : सर्वधर्म मंच से धर्मगुरुओं ने दिया एकता का संदेश
Thu, Jan 22, 2026
23 जनवरी को रामलीला मैदान में होगा मुख्य कार्यक्रम, देश विदेश से पहुंचेंगे धर्मगुरु
उन्नाव। सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से उन्नाव में देश को समर्पित सर्वधर्म महोत्सव की भव्य शुरुआत हुई। गुरुवार को बदरका क्षेत्र से इस आयोजन का शुभारंभ हुआ, जहां सर्वधर्म संसद से जुड़े विभिन्न धर्मों के प्रमुख धर्मगुरु पहुंचे। पहले दिन आयोजित विशेष कार्यक्रम ‘रंग दे बसंती’ के जरिए मंच से भाईचारे, प्रेम और देशभक्ति का साझा संदेश दिया गया। आयोजकों के अनुसार यह आयोजन उन्नाव में अपनी तरह का पहला प्रयास है, जिसमें अलग अलग धर्मों के प्रतिनिधि एक साथ मंच साझा कर रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य साफ है। समाज में आपसी समझ बढ़े, मतभेद कम हों और राष्ट्रीय एकता की भावना मजबूत हो।
कार्यक्रम की शुरुआत अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की स्मृतियों को नमन के साथ हुई। सभी धर्मगुरुओं ने बदरका स्थित अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद स्मारक पर पहुंचकर माल्यार्पण किया और देश की आज़ादी के लिए दिए गए बलिदान को याद किया। इस दौरान माहौल पूरी तरह देशभक्ति और एकता के रंग में रंगा नजर आया।
सर्वधर्म संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोस्वामी सुशील महाराज ने कहा कि उन्नाव के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब सभी प्रमुख धर्मों के धर्मगुरु एक मंच पर आकर समाज को एकजुट रहने का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस आयोजन का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है। इसका उद्देश्य केवल सामाजिक समरसता और देश की एकता को मजबूत करना है।
कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक सुरेंद्र वर्मा ‘बाबा जी’ ने बताया कि 23 जनवरी को रामलीला मैदान में सर्वधर्म महोत्सव का मुख्य आयोजन होगा। इस दिन देश और विदेश से आए विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु ‘रंग दे बसंती’ सम्मेलन में लोगों को संबोधित करेंगे। उन्होंने इसे उन्नाव के लिए ऐतिहासिक और अभूतपूर्व आयोजन बताया।आयोजकों का कहना है कि सर्वधर्म महोत्सव के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि भारत की ताकत उसकी विविधता में है। जब सभी धर्म, वर्ग और समुदाय मिलकर चलते हैं, तभी एक मजबूत और एकजुट राष्ट्र का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में आचार्य लंकेश जी महाराज, सदर विधायक प्रतिनिधि प्रखर गुप्ता, सौरभ वर्मा, राजेश शुक्ला, सनी सरदार, सभासद मुन्ना सिंह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और आयोजन समिति के सदस्य मौजूद रहे।
विदेशी कंपनियों का बढ़ता भरोसा : उद्योगों से जिले का भविष्य चमकेगा
Wed, Jan 21, 2026
डिफेंस कॉरिडोर, एचएमए निवेश से खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते
उन्नाव। अब सिर्फ उन्नाव एक जिला नहीं, बल्कि औद्योगिक निवेश का नया केंद्र बनता जा रहा है। लखनऊ–कानपुर हाईवे और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के संगम पर स्थित यह जिला आने वाले वर्षों में प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाने वाला है। यहां औद्योगिक गलियारे के साथ-साथ रक्षा उद्योग गलियारा विकसित करने की तैयारी ने उन्नाव को निवेशकों के रडार पर ला दिया है। सदर तहसील के सराय कटियान गांव के पास 132 हेक्टेयर क्षेत्र में औद्योगिक गलियारा तेजी से आकार ले रहा है। शासन की ओर से इसके लिए 186 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। सड़क, बिजली, पानी, सीईटीपी और पेट्रोल पंप जैसी बुनियादी सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है ताकि यहां उद्योग लगाने वालों को किसी तरह की परेशानी न हो। प्रशासन की योजना इसे आगे फेज-दो में 316 हेक्टेयर तक विस्तार देने की है। इसी औद्योगिक गलियारे के पास रक्षा उद्योग गलियारा स्थापित करने की भी तैयारी है। इसके लिए 230 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है, जिसमें करीब 40 हेक्टेयर सरकारी और शेष किसानों की जमीन है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसानों को सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। प्रशासन ने भूमि चिह्नांकन का काम पूरा कर शासन को रिपोर्ट भेज दी है। एसडीएम सदर क्षितिज द्विवेदी के मुताबिक उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने रक्षा उद्योग गलियारे के लिए भूमि की मांग की थी। जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। यह गलियारा रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने में मदद करेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। उन्नाव की सबसे बड़ी ताकत उसकी भौगोलिक स्थिति है। लखनऊ और कानपुर जैसे बड़े शहरों से नजदीकी, एक राष्ट्रीय राजमार्ग और दो एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी इसे देशी और विदेशी कंपनियों के लिए आकर्षक बनाती है। यही वजह है कि यहां निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। विदेशी निवेश भी उन्नाव की औद्योगिक कहानी को नई ऊंचाई दे रहा है। यूएई का शाही परिवार यहां करीब चार हजार करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है। उनकी कंपनी फिश हैचरी, प्रोसेसिंग प्लांट और फीड प्लांट की स्थापना करेगी। इससे मत्स्य पालन और उससे जुड़े रोजगार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा पोलैंड की बहुराष्ट्रीय कंपनी कैनपैक यहां 65 एकड़ भूमि पर कैन निर्माण संयंत्र लगाने जा रही है। कंपनी करीब 1300 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस प्लांट में शीतल पेय, एनर्जी ड्रिंक और बियर के लिए कैन बनाए जाएंगे। अनुमान है कि इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से पांच हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
उन्नाव के औद्योगिक विकास में मांस निर्यातक एचएमए ग्रुप की भूमिका भी लगातार मजबूत होती जा रही है। एचएमए ग्रुप पहले से ही दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र में अपनी मांस निर्यात इकाई संचालित कर रहा है, जिसकी शाखाएं दिल्ली, अलीगढ़ और आगरा में भी हैं। अब ग्रुप दुबई की स्नैक फूडस्टफ एलएलसी कंपनी के साथ मिलकर करीब 2000 करोड़ रुपये का नया निवेश करने जा रहा है। इस साझेदारी के तहत उन्नाव में एक आधुनिक कृषि उत्पाद पैकेजिंग और निर्यात इकाई स्थापित की जाएगी। यह इकाई केवल मीट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मछली, चावल और अन्य कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और निर्यात में भी अहम भूमिका निभाएगी। इससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज के बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी और जिले को एक मजबूत निर्यात हब के रूप में पहचान मिलेगी। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार एचएमए ग्रुप का यह विस्तार उन्नाव में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई दिशा देगा और सप्लाई चेन से जुड़े हजारों छोटे कारोबारियों और मजदूरों को रोजगार से जोड़ेगा।
जिलाधिकारी गौरांग राठी के अनुसार औद्योगिक और रक्षा औद्योगिक गलियारों के जरिए उन्नाव प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इसके लिए जिले में वन ट्रिलियन डॉलर सेल का गठन किया गया है, जिसमें अधिकारी, उद्यमी और निवेशकों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह सेल हर महीने बैठक कर निवेश और औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं पर काम करेगी। प्रशासन का अनुमान है कि आने वाले समय में दोनों गलियारों में करीब दो हजार छोटे-बड़े उद्योग स्थापित होंगे। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि उन्नाव एक मजबूत औद्योगिक और निर्यात केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। कुल मिलाकर, उन्नाव अब कृषि प्रधान जिले से आगे बढ़कर औद्योगिक विकास की नई कहानी लिखने की ओर बढ़ रहा है।
अनहोनी का ठीकरा फिर पिता पर न फूटे : ऐश्वर्या सेंगर ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखी चिट्ठी
Sat, Jan 3, 2026
सीबीआई और विशेषज्ञ संस्थानों की रिपोर्ट का ज़िक्र, दुर्घटना को बताया गया था हादसा
उन्नाव। माखी रेप कांड इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में है। हाई कोर्ट से कुलदीप सिंह सेंगर को मिली राहत और उस पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद मामला दोबारा गर्मा गया है। पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी ऐश्वर्या सेंगर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक चिट्ठी लिखकर अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि मौजूदा हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि अगर भविष्य में कोई भी अनहोनी होती है, तो बिना जांच के उसका आरोप फिर उनके पिता पर डाल दिया जाएगा। ऐश्वर्या का कहना है कि शिकायतकर्ता लगातार सार्वजनिक मंचों, मीडिया और सोशल मीडिया पर आत्महत्या करने या जान को खतरा होने जैसी बातें कह रही हैं। उनके मुताबिक, इससे न सिर्फ दबाव बनाया जा रहा है, बल्कि एक डर का माहौल भी बन रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर शिकायतकर्ता या उसके परिवार के साथ कुछ भी गलत होता है, तो सीधे उनके पिता को जिम्मेदार ठहरा दिया जाएगा, चाहे सच्चाई कुछ भी हो। चिट्ठी में ऐश्वर्या ने 2018 की घटनाओं का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह के प्रयास के बाद पूरा मामला अचानक दूसरी दिशा में चला गया था। उस समय उनके पिता के खिलाफ कोई ठोस या वैज्ञानिक सबूत नहीं था, फिर भी माहौल के दबाव में कार्रवाई कर दी गई। ऐश्वर्या ने यह भी याद दिलाया कि जिस सड़क दुर्घटना ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया था, उसकी जांच सीबीआई, आईआईटी दिल्ली की विशेषज्ञ टीम, सीएफएसएल और सीआरआरआई जैसी संस्थाओं ने की थी। इन सभी ने इसे साफ तौर पर एक हादसा माना था। दिल्ली की अदालत ने भी इस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को दोषमुक्त कर दिया था और आज तक इस फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं हुई। इसके बावजूद, उनका कहना है कि आज भी उनके पिता को उसी हादसे के लिए जिम्मेदार बताया जाता है।
ऐश्वर्या ने लिखा है कि लगातार बन रही नकारात्मक धारणा की वजह से उनके परिवार को निष्पक्ष सुनवाई का हक भी प्रभावित हो रहा है। जब भी कोई कानूनी फैसला उनके पक्ष में आता है, तो उनके पिता के खिलाफ माहौल बना दिया जाता है और आंदोलन जैसी स्थिति खड़ी हो जाती है। इससे एक सामान्य परिवार की तरह जीना भी मुश्किल हो गया है। चिट्ठी के जरिए ऐश्वर्या सेंगर ने गृह मंत्री से मांग की है कि शिकायतकर्ता और उसके परिवार को राज्य सरकार की ओर से पूरी और लगातार सुरक्षा दी जाए, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी की आशंका न रहे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि भविष्य में किसी भी घटना का राजनीतिक या मीडिया स्तर पर गलत इस्तेमाल न हो और बिना जांच के किसी को दोषी न ठहराया जाए। पत्र के अंत में ऐश्वर्या ने साफ किया है कि यह चिट्ठी किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि एक बेटी और एक नागरिक की मानवीय अपील है। उनका कहना है कि अगर समय रहते हालात को गंभीरता से नहीं समझा गया, तो एक और बड़ा अन्याय हो सकता है। उन्हें उम्मीद है कि गृह मंत्री इस संवेदनशील मामले को समझेंगे और सभी पक्षों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएंगे।