Fri 17 Apr 2026

ब्रेकिंग

पीएफ घोटाले का शिकार हुआ मजदूर, तीन साल बाद दर्ज हुआ केस

BDO भुता को सौंपा ज्ञापन,मांगे पूर्ण न होने पर सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे

एक की मौत,कई घायल, मचा हड़कंप

धोखाधड़ी कर चावल गायब करने के आरोप में हुई गिरफ्तारी

परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

सूचना

BREAKING NEWS

CRIME BREAKING

: यूपी के देवरिया में सड़क निर्माण घोटाले में असिस्टेंट इंजीनियर निलंबित, 6.08 करोड़ के वित्तीय अनियमितता का हुआ खुलासा!

THE LUCKNOW TIMES

Thu, May 15, 2025
Post views : 45

यूपी के देवरिया में सड़क निर्माण घोटाले में असिस्टेंट इंजीनियर निलंबित, 6.08 करोड़ के वित्तीय अनियमितता का हुआ खुलासा!

    उत्तर प्रदेश लखनऊ : दरअसल जनपद देवरिया में लोक निर्माण विभाग (PWD) की सड़क के निर्माण में 6.08 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता के मामले में संलिप्तता के आरोप में सहायक अभियंता सुधीर कुमार को बुधवार को निलंबित कर दिया गया है, इसके साथ ही अवर अभियंता (JE) राम गणेश पासवान को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है, जबकि अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) अनिल कुमार जाटव के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है मामला कप्तानगंज-हाटा-गौरीबाजार-रुद्रपुर और भभौली बाईपास को जोड़ने वाली 88 किलोमीटर लंबी सड़क से जुड़ा है, जो देवरिया और कुशीनगर जिलों को जोड़ती है. इस सड़क का निर्माण 2015 में शुरू हुआ था और 2022 में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की 38.64 करोड़ रुपये की फंडिंग से पूरा हुआ था. इसके बावजूद, पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने मार्च 2024 में इस सड़क की मरम्मत और चौड़ीकरण के लिए 6.08 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा, जो बिना किसी जांच के स्वीकृत हो गया, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय सिंह चौहान के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई है. माना जा रहा है कि निकट भविष्य में एक्सन के खिलाफ भी एक्शन होगा   जांच में खुलासा हुआ कि सड़क की मरम्मत का कोई औचित्य नहीं था, क्योंकि यह पहले ही चकाचक स्थिति में थी, गोरखपुर के मंडलीय अधीक्षण अभियंता की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में इस अनियमितता को उजागर किया समिति ने पाया कि प्रस्ताव में गलत जानकारी दी गई थी, जिसके आधार पर राशि मंजूर की गई, इसके बाद शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरी राशि वापस कर दी, ताकि विभाग की साख बनी रहे. लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने बताया कि इस मामले में अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, मार्च में बजट खर्च के दबाव में अधिकारियों ने मिलीभगत कर यह प्रस्ताव तैयार किया था, जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर जेई राम गणेश पासवान को पहले निलंबित किया गया, और अब सहायक अभियंता सुधीर कुमार पर भी कार्रवाई हुई है, वहीं एक्सईएन अनिल जाटव के खिलाफ फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई है!

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन