: मानवता के मिसाल बनें इंस्पेक्टर सुब्रत नारायण तिवारी, मासूम मृतका के परिवार की आर्थिक मदद
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Tue, May 27, 2025
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान✍️
उन्नाव। धर्मशास्त्र और साधु संत शिक्षा देते हैं कि मनुष्य को अपने जीवन में सबकी मदद करनी चाहिए। परोपकार ही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म होता है। जीव, जंतु आदि को पीड़ा देना सबसे बड़ा अधर्म होता है, और किसी असहाय और आर्थिक रुप से कमजोरों के मददगार बनने से पूण्य लाभ अर्जित होता है। ऐसा ही यूपी पुलिस के एक अफसर ने मानवता की मिसाल पेश की है। वैसे पुलिस का नाम जुबां पर आते ही मानस पटल पर एक नकारात्मक छवि उभर आती है, पर कभी-कभी इस खाकी वर्दी मे छुपा मानवीय चेहरा भी समाज के सामने आ जाता है। उन्नाव जिले के सफीपुर कोतवाली के इंस्पेक्टर सुब्रत नारायण तिवारी जो कि अपराध व अपराधियों के खिलाफ सख्ती में कोई कमी नही छोड़ते वहीं उनकी खाकी वर्दी के नीचे छुपे संवेदनशील हृदय की जितनी तारीफ़ की जाए कम है। दरअसल, मामला 22 अप्रैल का है, जब कोतवाली क्षेत्र के नैनीखेड़ा मजरा ओसियां निवासी संजय पुत्र कल्लू की 6 वर्षीय मासूम बेटी एक पिकअप लोडर की चपेट में आकर दर्दनाक हादसे में मौत का शिकार हो गई थी। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। आर्थिक रूप से निर्धन यह परिवार बेटी की असमय मौत से टूट चुका था। कोतवाली प्रभारी सुब्रत नारायण तिवारी ने इस घटना से प्रभावित होकर मानवता का परिचय देते हुए पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान का संकल्प लिया था। एक माह बाद यानि आज मंगलवार को उन्होंने पूर्व ग्राम प्रधान दिनेश सिंह की उपस्थिति में यह राशि सौंपी और परिवार को ढांढस बंधाया।
एसपी उन्नाव: दीपक भूकर[/caption]
कप्तान दीपक भूकर से मिली प्रेरणा
इंस्पेक्टर सुब्रत नारायण तिवारी का कहना है कि इस काम की प्रेरणा जिले के कप्तान दीपक भूकर से मिली है। कप्तान साहब ने हर थाने में एक आर्थिक सहायता फंड दे रखा है जो बच्चियों महिलाओं को आर्थिक मदद के रुप में किया जाता है जिसका उद्देश्य जरूरतमंद और गरीब लोगों को मदद पहुंचाना है। इस फंड में जमा किए गए धन का उपयोग विभिन्न सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं के लिए भी किया जाता है। सुब्रत नारायण अपना प्रेरणाश्रोत एसपी दीपक भूकर को मानते हुए कहते है कि अपराधियों को सलाखों के पीछे होना चाहिए और निर्दोष व जरुरतमंदों की हर संभव मदद के लिए खड़े होना चाहिए।
हरदोई में जनसुनवाई के दौरान पीड़ित छात्रा की थी मदद[/caption]
हरदोई में तैनाती के दौरान छात्रा की थी मदद
इंस्पेक्टर सुब्रत नारायण पहले भी लोगों की मदद का परिचय दे चुके है बातचीत के दौरान उन्होनें बताया कि 2022 में हरदोई जिले के माधौगंज में तैनाती के दौेरान जहां जनसुनवाई के बीच थाने पर एमएस पब्लिक स्कूल की एक 9 वीं क्लास की छात्रा संध्या पहुंची और उनके सामने फफक कर रोने लगी थी। सुब्रत नारायण ने जब उससे रोने का कारण पूछा तो उसने बताया कि दुकानदार ने किताब के दाम अधिक वसूल लिए है। बुक डिपो से उसने भौतिक विज्ञान की किताब खरीदी थी जो दुकानदार ने 850 रुपए की दी, जबकि बाकी दुकानों पर वो किताब 765 रुपए की है। जब उसने दुकादार से कहा, तो उसने न तो उसके रुपए लौटाए और न ही किताब दी। साथ ही दुकानदार ने कहा कि वो जो चाहे कर ले वो उसको किताब नहीं देगा। जिसके बाद संध्या थाने पहुंची और रोते हुए सारी कहानी सुनाने के बाद बोली कि उसने किताब में पढ़ा है कि उपभोक्ता के अधिकार होते है उसको वो अधिकार दिलाए जाएं। छात्रा संध्या ने सुब्रत नारायण को बताया कि उसके पिता मजदूरी करके बड़ी मेहनत से उसे पढ़ा रहे हैं। उसकी चप्पल टूटी हुई है जिसे उसने 5 रुपए देकर जुड़वाया है। ड्रेस भी फट गई है और ऐसे में पढ़ाई करना बहुत मुश्किल है। इस बारे में थानाध्यक्ष सुब्रत नारायण तिवारी ने बताया कि बच्ची की शिकायत के बाद महिला आरक्षी दिव्या द्विवेदी व प्रगति दुबे को दुकानदार के पास भेजा गया। दोनों महिला आरक्षियों ने दुकानदार से अधिक रुपए लेने की बात पूछी तो दुकानदार ने गलती स्वीकार करते हुए रुपए वापस किए। इसके अलावा पैरों में टूटी चप्पल पहने होने पर थानाध्यक्ष ने एक हजार रुपए देकर उसको नई चप्पलें और किताबें भी दिलाई थी। उसी के बाद उनके मन में आया कि क्यों न वह भी कुछ ऐसा करें जिससे दूसरों का दर्द कम हो। उन्होंने लोगों की निस्वार्थ भाव से लोगों की मदद करने लगे।
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सफीपुर कोतवाली प्रभारी: सुब्रत नारायण तिवारी[/caption]
अपनी सैलरी से करते हैं मदद
सुब्रत नारायण ने बताया कि वह अपनी सैलरी से लोगों की सेवा करने के लिए भी खर्च करते हैं और विभाग और कुछ उनके साथी भी इस काम में मदद कर देते हैं। लोगों की सेवा करने में खर्च की कोई गिनती नहीं है। ऊपर वाले की दया से सब ठीक होता चला जाता है। कोतवाल ने कहा कि यह मदद मृतका मासूम के परिवार की आर्थिक रुप से कमजोर पीड़ित परिवार के जीवनयापन में कुछ हद तक सहायक हो सके, यही उनका उद्देश्य है। उन्होंने आश्वासन भी दिया कि भविष्य में भी परिवार को हरसंभव सहायता दी जाएगी।
संवेदनशील पहल की चारो ओर हो रही प्रशंसा
कोतवाली प्रभारी सुब्रत नारायण की इस संवेदनशील पहल की चारों ओर प्रशंसा हो रही है। आमतौर पर पुलिस विभाग को कठोर छवि के रूप में देखा जाता है, लेकिन कोतवाल तिवारी की यह पहल उनके मानवीय पक्ष को उजागर करती है। क्षेत्रीय लोगों ने भी उनके इस कदम की भूरी-भूरी प्रशंसा की और कहा कि ऐसे अधिकारी समाज के लिए प्रेरणा हैं। इस घटना के बाद कोतवाल की कार्यशैली व उनका संवेदनशील व्यवहार चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का कहना है कि यदि हर अधिकारी इस तरह मानवीयता दिखाए तो समाज में पीड़ितों को वास्तविक राहत मिल सकती है।
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