Sun 11 Oct 2026

ब्रेकिंग

गुरुजनों के योगदान को किया सलाम

शिकायत की तो घर पहुंचकर फिर धमकाया

मारपीट कर सुबह छोड़ा

कुछ ही देर में खाते से निकल गए 61 हजार

170 बुजुर्ग अयोध्या रवाना

सूचना

BREAKING NEWS

CRIME BREAKING

दोस्त की फोटो लगी फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से भेजी ट्रेडिंग एपीके : खाते से 85 हजार पार

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Fri, Sep 4, 2026
Post views : 167

लिंक खोलते ही खाते से कटने लगे रुपये, साइबर पोर्टल पर शिकायत के बाद रकम होल्ड

उन्नाव। इंस्टाग्राम पर दोस्त की फोटो लगी फर्जी आईडी से आए ट्रेडिंग के मैसेज पर भरोसा करना एक युवती को महंगा पड़ गया। साइबर ठगों ने ट्रेडिंग के नाम पर एपीके फाइल भेजकर उसे खुलवाया। लिंक खुलते ही बैंक खाते से रुपये कटने शुरू हो गए। कई बार में करीब 85 हजार रुपये की साइबर ठगी हो गई। जानकारी होने पर पीड़िता ने मोबाइल बंद कर राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पोर्टल पर रकम होल्ड होने के बाद सदर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हिरन नगर निवासी वैशाली पांडेय मुताबिक, इंस्टाग्राम अकाउंट पर 9 अप्रैल को ट्रेडिंग के नाम से मैसेज आया था। मैसेज भेजने वाली आईडी पर उनकी दोस्त अंशिका तिवारी की फोटो लगी थी। दोस्त की फोटो देखकर वैशाली ने आईडी को असली समझ लिया और मैसेज पर भरोसा कर लिया। इसके बाद जालसाजों ने ट्रेडिंग के नाम पर एक एपीके फाइल भेजी। वैशाली ने फाइल खोली तो एक लिंक खुल गया। इसमें उनका नाम, बैंक खाता संख्या समेत अन्य जानकारी पहले से दर्ज थी। इसके बाद खाते से एक के बाद एक रुपये कटने लगे। निकासी के विवरण में 10 हजार, 10 हजार, 20 हजार, 15 हजार और 10-10 हजार रुपये की रकम शामिल है। पीड़िता के मुताबिक कुल ठगी करीब 85 हजार रुपये की हुई। रकम कटने का सिलसिला देखकर युवती को साइबर ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तत्काल अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत संख्या 33104260078541 है। पीड़िता के अनुसार पोर्टल पर ठगी की रकम फिलहाल होल्ड प्रदर्शित हो रही है।

फर्जी आईडी और एपीके की जांच शुरु

पीड़िता की शिकायत के बाद सदर कोतवाली पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस फर्जी इंस्टाग्राम आईडी और भेजी गई एपीके फाइल के साथ ही रकम के लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। मामले की विवेचना निरीक्षक राजेश यादव कर रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि ठगी की रकम किन बैंक खातों में पहुंची और फर्जी आईडी का संचालन कहां से किया जा रहा था।

Tags :