अवैध घुसपैठ का खुलासा : पांच साल से फर्जी दस्तावेजों पर रह रहा बांग्लादेशी गिरफ्तार
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Thu, Feb 26, 2026
एटीएस और स्थानीय ऑपरेशन टीम की संयुक्त कार्रवाई, मीट फैक्ट्री में कर रहा था काम
उन्नाव। जिले में खुफिया इनपुट के आधार पर एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है, जो पिछले पांच से छह साल से फर्जी पहचान के सहारे भारत में रह रहा था। उसे उन्नाव बाईपास के पास घेराबंदी कर पकड़ा गया। कार्रवाई में की लखनऊ फील्ड यूनिट और बांग्ला/रोहिंग्या ऑपरेशनल टीम शामिल रही। अधिकारियों के मुताबिक, सूचना मिल रही थी कि जिले की कुछ मीट फैक्ट्रियों में बांग्लादेशी नागरिक फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर काम कर रहे हैं। इसी सूचना की पुष्टि के लिए पिछले कुछ समय से निगरानी की जा रही थी। मंगलवार को टीम ने उन्नाव बाईपास से कस्बा शिवनगर जाने वाले मोड़ के पास एक संदिग्ध को रोका। पूछताछ में उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर जांच शुरू की गई।
मोबाइल जांच में खुला राज
तलाशी के दौरान उसके मोबाइल फोन की जांच की गई। फोन की गैलरी में बांग्ला भाषा में कुछ दस्तावेजों की तस्वीरें मिलीं। डिजिटल जांच के दौरान वे दस्तावेज बांग्लादेश के पहचान पत्र निकले। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सैफुल पुत्र फरीदुल आलम बताया और पहले खुद को उन्नाव के शिवनगर दही क्षेत्र का निवासी बताया। हालांकि सख्ती से पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि वह मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है। उसके पास मिले डिजिटल पहचान पत्र में फरीदुल आलम नाम, माता-पिता का विवरण और बांग्लादेश का पता दर्ज पाया गया। जन्मतिथि 10 अप्रैल 1976 और पहचान पत्र जारी होने की तिथि 24 जून 2008 दर्ज थी।
अवैध तरीके से भारत में प्रवेश
आरोपी ने जांच एजेंसियों को बताया कि वह करीब पांच-छह वर्ष पहले बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था। उसने दावा किया कि वह बेनापोल-24 परगना (पश्चिम बंगाल) और खुलना बॉर्डर के रास्ते सीमा पार कर भारत पहुंचा। भारत आने के बाद वह करीब एक साल मुंबई में रहा, जहां पंखे के रेगुलेटर बनाने वाली एक यूनिट में काम करता था। इसके बाद वह उन्नाव आ गया और यहां अलग-अलग मीट फैक्ट्रियों में मजदूरी करने लगा।
मीट फैक्ट्री में कर रहा था काम
जांच में सामने आया कि आरोपी ने पहले नूर मोहम्मद की मीट कंपनी ‘नूर इंटरप्राइजेज’ में करीब एक वर्ष तक काम किया। बाद में वह जीएस मीट फैक्ट्री में हेल्पर के तौर पर काम करने लगा। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में फैक्ट्री प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या अन्य लोग भी इसी तरह फर्जी दस्तावेजों के सहारे काम कर रहे हैं। एटीएस और स्थानीय पुलिस मिलकर इस नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
केस दर्ज, आगे की कार्रवाई जारी
आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। उससे पूछताछ जारी है और उसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।फिलहाल, यह गिरफ्तारी जिले में अवैध दस्तावेजों के सहारे रह रहे लोगों के मुद्दे को फिर से चर्चा में ले आई है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की भी जांच कर रही हैं कि आरोपी को यहां तक पहुंचाने और रोजगार दिलाने में किसने मदद की।
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Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news
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