फर्जी जमानत रैकेट का खुलासा : कोतवाली पुलिस की मुस्तैदी से खुला बड़ा खेल, दो गिरफ्तार
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Tue, Apr 7, 2026
आठ नकली मुहरें और कई फर्जी दस्तावेज बरामद; कई और मामलों के खुलासे के संकेत

उन्नाव। सदर कोतवाली पुलिस ने अपनी सतर्कता और तेज कार्रवाई से फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपराधियों की जमानत कराने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने अदालत की प्रक्रिया से खिलवाड़ करने वाले नेटवर्क को उजागर किया है। पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। आरोपी फर्जी आधार कार्ड, निवास प्रमाणपत्र और थाने की रिपोर्ट तैयार कर अदालत में दाखिल करते थे और उसी के आधार पर आरोपियों की जमानत करा लेते थे। इस पूरे मामले का खुलासा 30 मार्च को हुई एक शिकायत से हुआ। अचलगंज थाना क्षेत्र के रिठनई गांव निवासी संजय कुमार ने पुलिस को बताया कि उसके और उसके चाचा राजकुमार के नाम से फर्जी दस्तावेज बनाकर नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किए गए और एक अपराधी की जमानत करा ली गई। शिकायत मिलते ही कोतवाली पुलिस ने बिना देरी किए जांच शुरू की और तेजी से साक्ष्य जुटाए। जांच में सामने आया कि सोहेल नाम का आरोपी इस रैकेट का अहम सदस्य है। उसने गुफरान नाम के अपराधी की जमानत कराने के लिए उसके परिवार से 20 हजार रुपये लिए। इसके बाद उसने अपने साथी रंजीत के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और अदालत में पेश कर जमानत हासिल कर ली। कोतवाली पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए 31 मार्च को कांशीराम कॉलोनी मोड़ के पास से सोहेल और गुफरान को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्रा ने बताया कि आरोपियों के पास से आठ फर्जी सरकारी मुहरें, 11 आधार कार्ड और एक इंक पैड बरामद हुआ है, जो इस पूरे फर्जीवाड़े की गंभीरता को दर्शाता है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी कई मामलों में इसी तरह की जालसाजी कर चुके हैं। कोतवाली पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और पुराने मामलों की भी जांच कर रही है। इस पूरी कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर कोतवाली पुलिस की सराहना हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की तत्परता और पेशेवर जांच के चलते ही इतने कम समय में इस संगठित गिरोह का खुलासा संभव हो पाया। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के साथ-साथ जालसाजी, सरकारी दस्तावेजों की फर्जी तैयारी और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराएं बढ़ा दी गई हैं। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभियान जारी रहेगा।
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