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नगर पालिका में हंगामा : सभासदों ने ईओ पर लगाया अधिकार हनन का आरोप

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Sat, Dec 20, 2025
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सभासदों ने मांगी जानकारी, ईओ ने नियमों का दिया हवाला

उन्नाव। नगर पालिका परिषद उन्नाव में शुक्रवार को उस समय माहौल गर्म हो गया, जब सभासदों और अधिशासी अधिकारी (ईओ) के बीच विकास कार्यों के खर्च को लेकर तीखी नोकझोंक हो गई। मामला इतना बढ़ा कि नाराज सभासदों ने नगर पालिका कार्यालय में नारेबाजी की और सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी देते हुए ईओ को लिखित पत्र सौंप दिया। बताया गया कि शुक्रवार दोपहर नगर पालिका के करीब 15 सभासद अपने-अपने वार्डों की समस्याओं को लेकर पालिका कार्यालय पहुंचे थे। सभासदों ने अधिशासी अधिकारी संजय गौतम से वार्डों में विकास कार्य, मार्ग प्रकाश, नाला सफाई सहित अन्य लंबित समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की। इस पर ईओ ने बजट की कमी का हवाला देते हुए कहा कि जैसे ही बजट उपलब्ध होगा, कार्य कराए जाएंगे। ईओ के इस जवाब से असंतुष्ट सभासदों ने नगर पालिका में चल रहे नाला सफाई, वाहन मरम्मत और अन्य मदों में हो रहे खर्च का पूरा ब्योरा मांगा। सभासदों का कहना था कि जब वार्डों में काम नहीं हो पा रहा है, तो अन्य मदों में खर्च कैसे किया जा रहा है, इसकी जानकारी बोर्ड सदस्यों को मिलनी चाहिए। ईओ ने कुछ फाइलें मंगाईं, लेकिन उनका विवरण दिखाने या समझाने से इनकार कर दिया। ईओ का कहना था कि इस तरह की फाइलें देखना सभासदों के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इसी बात को लेकर विवाद और गहरा गया। सभासदों ने मौके पर ही अपने कानूनी अधिकारों का हवाला देते हुए कहा कि नगर पालिका बोर्ड का सदस्य होने के नाते उन्हें विकास कार्यों और उन पर होने वाले खर्च की जानकारी लेना पूरी तरह जायज है। विवाद बढ़ने पर सभासदों ने कार्यालय परिसर में नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद ईओ को एक पत्र सौंपा गया, जिसमें नगर पालिका में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए। पत्र में लिखा गया कि सभासदों के अधिकारों का लगातार हनन किया जा रहा है और मांगपत्र देने के बावजूद किसी भी समस्या पर सुनवाई नहीं होती। इसी के चलते मजबूरन सामूहिक रूप से नगर पालिका की सदस्यता से इस्तीफा देने पर विचार किया जा रहा है। सभासद बृजेश पांडेय ने आरोप लगाया कि कई बार लिखित रूप से समस्याएं और मांगें दी जाती हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में सरकारी जमीन की पहचान कराने के बाद कुछ मामलों में उस पर जबरन कब्जा करा दिया जाता है, जो बेहद गंभीर विषय है। वहीं सभासद मुन्ना सिंह ने कहा कि बोर्ड का सदस्य होने के नाते यह उनका संवैधानिक और कानूनी अधिकार है कि वे विकास कार्यों की प्रगति और खर्च का विवरण देखें। यदि जानकारी छिपाई जा रही है, तो इससे भ्रष्टाचार की आशंका और मजबूत होती है।
इस दौरान सतीश यादव, राजेंद्र भारती, निशेष जायसवाल, अशोक कुमार, लक्ष्मी देवी, यासीन अहमद और प्रेमा सहित अन्य सभासद भी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में पारदर्शिता की मांग की और कहा कि जब तक स्थिति में सुधार नहीं होता, विरोध जारी रहेगा। दूसरी ओर अधिशासी अधिकारी संजय गौतम ने सभासदों के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उनका किसी को जानकारी देने से इनकार करने का उद्देश्य नहीं था। केवल इतना कहा गया था कि नियमानुसार अध्यक्ष की अनुमति लेकर ही फाइलें दिखाई जाएंगी। ईओ ने यह भी कहा कि नगर पालिका में सभी कार्य नियमों के तहत किए जा रहे हैं। फिलहाल इस पूरे मामले ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सभासदों के तेवर और सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी के बाद अब सबकी निगाहें नगर पालिका अध्यक्ष और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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