गैस की किल्लत : एजेंसियों पर भारी भीड़, सिलिंडर खत्म होने से रोज लौट रहे उपभोक्ता
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Wed, Apr 22, 2026
लंबी लाइन, कम सप्लाई और कालाबाजारी के आरोपों से बढ़ी परेशानी
उन्नाव। रसोई की सबसे जरूरी चीज अब लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गई है। जिले में एलपीजी गैस की सप्लाई बुरी तरह चरमरा गई है। हालत यह है कि उपभोक्ताओं को बुकिंग के 20 दिन बाद भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा, जबकि सिस्टम चार दिन में डिलीवरी का मैसेज भेज रहा है। गर्मी में लंबी कतारें, धक्का-मुक्की और खाली हाथ लौटते लोग… यह तस्वीर अब जिले के कई गैस एजेंसियों पर रोज की हो गई है। करीब 50 दिनों से चल रही इस किल्लत ने आम लोगों की दिनचर्या बिगाड़ दी है। जिले में करीब 6 लाख उपभोक्ता हैं और 62 गैस एजेंसियां, लेकिन सप्लाई इतनी कम है कि मांग के मुकाबले व्यवस्था लड़खड़ा गई है।
लाइन में घंटों इंतजार, फिर भी नहीं मिल रहा सिलिंडर
औरास की इंडेन गैस एजेंसी पर मंगलवार को आठ दिन बाद गैस का लोड पहुंचा तो सुबह से ही भीड़ उमड़ पड़ी। तेज धूप में लोग घंटों लाइन में खड़े रहे। दो ट्रक सिलिंडर आए, वितरण भी शुरू हुआ, लेकिन शाम तक 150 लोग बिना सिलिंडर के लौट गए। इस दौरान धक्का-मुक्की और नोकझोंक की नौबत तक आ गई, जिसे कर्मचारियों ने किसी तरह संभाला। इसी तरह पाटन बिहार की अमर शहीद गैस एजेंसी और शहर की अन्य एजेंसियों पर भी हालात कुछ अलग नहीं रहे। कई जगहों पर दो दिन बाद गैस पहुंची, लेकिन मांग इतनी ज्यादा रही कि सैकड़ों लोग मायूस होकर लौटे।
रात 10 बजे तक लाइन, सुबह भी नहीं नंबर
अचलगंज क्षेत्र में एक एजेंसी के बाहर का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, वायरल वीडियो में रात करीब 10 बजे तक लोग कतार में खड़े नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई उपभोक्ता देर रात से ही लाइन में लग जाते हैं, ताकि सुबह जल्दी नंबर मिल सके। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा—सभी घंटों इंतजार कर रहे हैं। इसके बावजूद कई लोगों को सुबह और दोपहर तक भी सिलिंडर नहीं मिल पाता और खाली हाथ लौटना पड़ता है।
‘बुकिंग कराई, लेकिन सिलिंडर किसी और को दे दिया’
समस्या सिर्फ देरी तक सीमित नहीं है, बल्कि गड़बड़ी के आरोप भी सामने आने लगे हैं। पुरवा तहसील के दतौली गांव निवासी रामनरेश ने शिकायत की है कि उन्होंने मार्च में गैस बुक कराई थी, लेकिन एजेंसी ने उनका सिलिंडर किसी और को दे दिया। विरोध करने पर अभद्रता करने का भी आरोप लगाया गया है। मामले में एसडीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।
720 सिलिंडर आए, फिर भी 150 लोग खाली हाथ
औरास की ईश्वरीय कृपा इंडेन एजेंसी पर नौ दिन बाद 720 सिलिंडर पहुंचे, लेकिन यहां भी स्थिति नहीं संभली। सुबह से लगी लाइन के बावजूद 150 उपभोक्ताओं को बिना सिलिंडर के लौटना पड़ा। नाराज लोगों ने एजेंसी पर मनमानी और कालाबाजारी के आरोप लगाए। सूचना पर यूपी-112 पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। उपभोक्ताओं का कहना है कि रात के समय घरेलू गैस सिलिंडर 1500 से 1800 रुपये तक में बेचे जाने की चर्चा है। कई लोगों ने इसकी शिकायत भी दर्ज कराई है।
आपूर्ति कम, उपभोक्ता ज्यादा
एजेंसी संचालकों का कहना है कि समस्या की जड़ सप्लाई की कमी है। एक एजेंसी के मुताबिक, उनके यहां 15 हजार से ज्यादा उपभोक्ता हैं, लेकिन अप्रैल में अब तक सिर्फ 2160 सिलिंडर ही मिले हैं। ऐसे में सभी को समय पर गैस देना संभव नहीं हो पा रहा।
अधिकारियों का दावा—स्थिति सुधर रही
पूर्ति विभाग का कहना है कि शिकायतों की जांच की जा रही है और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, कार्रवाई होगी। जिला पूर्ति अधिकारी राज बहादुर ने बताया कि सभी एजेंसियों की निगरानी की जा रही है और धीरे-धीरे स्थिति सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।
सप्लाई फेल, भरोसा भी डगमगाया
उन्नाव में गैस संकट अब सिर्फ सप्लाई की दिक्कत नहीं रह गया है, बल्कि भरोसे का भी संकट बनता जा रहा है। एक तरफ लोग हफ्तों इंतजार कर रहे हैं, दूसरी तरफ कालाबाजारी और अनियमितता के आरोप हालात को और बिगाड़ रहे हैं। जब तक सप्लाई और निगरानी दोनों मजबूत नहीं होतीं, तब तक आम उपभोक्ता की परेशानी कम होती नहीं दिख रही।
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