किस्तें पूरी होने के बाद भी नहीं मिली मैच्योरिटी की रकम : कोर्ट के आदेश पर मामले में रिपोर्ट दर्ज
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Sat, Oct 17, 2026
महिला का आरोप- 30 हजार रुपये और जमा कराए, फिर भी खाते में नहीं पहुंचे 1.50 लाख
उन्नाव। हर महीने किस्त जमा करने के बाद भी जब महिला को उसकी मैच्योरिटी की रकम नहीं मिली तो उसने पुलिस से लेकर अदालत तक गुहार लगाई। मामला शहर के ईदगाह, गांधी नगर स्थित एक निधि कंपनी से जुड़ा है। हड़हा गांव निवासी शहनाज ने कंपनी संचालक सरफराज पर धोखाधड़ी कर रुपये हड़पने और जमा रकम का हिसाब बदलने का आरोप लगाया है। अदालत के आदेश पर मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। शहनाज के मुताबिक, कंपनी के एजेंट ने उसे योजना के बारे में बताया था। इसमें हर महीने दो हजार रुपये की 60 किस्तें जमा करने पर कुल 1.20 लाख रुपये के बदले 1.50 लाख रुपये देने का भरोसा दिया गया था। साथ ही गंभीर बीमारी या दुर्घटना होने पर बीमा का लाभ मिलने की बात भी कही गई थी। महिला का आरोप है कि उसने 21 मई 2015 से छह फरवरी 2020 तक कंपनी के कार्यालय में रुपये जमा किए। उसे किस्तों की रसीदें और पासबुक भी दी गई थीं।
पासबुक बदलने पर उठाए सवाल
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि कुछ किस्तों की रसीद उसे नहीं मिली। कार्यालय में पूछने पर रसीद बुक की कमी बताकर पासबुक में रकम दर्ज होने का भरोसा दिलाया जाता था। बाद में पुरानी पासबुक लेकर नई पासबुक दी गई, जिसमें कथित तौर पर 20 जुलाई 2017 से 30 अगस्त 2019 तक की प्रविष्टियां दर्ज थीं। महिला का कहना है कि उसके पास 2015 से 2020 के बीच मिली कई रसीदें अब भी मौजूद हैं।
30 हजार रुपये देने के बाद भी भुगतान नहीं
शहनाज के अनुसार, चार अक्तूबर 2022 को सरफराज से रुपये मांगे तो खाते में 30 हजार रुपये कम होने की बात कही गई। आरोप है कि उसने यह रकम भी दे दी। इसके बदले उसे हाथ से लिखी रसीद दी गई और एक सप्ताह के भीतर यूको बैंक के खाते में 1.50 लाख रुपये भेजने का आश्वासन दिया गया। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी रकम नहीं मिली। महिला ने पांच अगस्त 2024 को पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी। उसका आरोप है कि सरफराज को पुलिस कार्यालय बुलाए जाने पर उसने रुपये लेने की बात स्वीकार करते हुए एक महीने में भुगतान करने का भरोसा दिया, लेकिन रकम वापस नहीं की गई।
कई लोगों से ठगी का भी आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कंपनी के नाम और एसबीआई से मिलते-जुलते मोनोग्राम का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित किया गया। उसने कंपनी से जुड़े अन्य लोगों के साथ भी करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी होने की आशंका जताई है। शहनाज का कहना है कि शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर उसने अदालत की शरण ली। अब मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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