बिजली कनेक्शन के रिकॉर्ड में हेरफेर : मकान पर कब्जे का आरोप
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Wed, Nov 4, 2026
बिल निकलवाने पर खुला नाम और मोबाइल नंबर बदलने का मामला, कोर्ट के आदेश पर केस
उन्नाव। अपनी कमाई से जमीन खरीदकर और बैंक से कर्ज लेकर बनवाए गए मकान पर मालिकाना हक पाने के लिए एक व्यक्ति को कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ रही है। आरोप है कि मकान में पहले अलग कमरे में रहने वाले व्यक्ति ने बिजली कनेक्शन के रिकॉर्ड में अपना और अपने पिता का नाम दर्ज करा लिया। इसके बाद मकान पर कब्जा कर किरायेदार भी रख दिया। पीड़ित की शिकायत पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश से कोतवाली सदर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
हसनगंज क्षेत्र के मड़ैया गांव निवासी साहेब दयाल के मुताबिक, उन्होंने शहर के बंदूहार सिविल लाइंस मोहल्ले में जमीन खरीदकर मकान बनवाया था। इसके लिए उन्नाव विकास प्राधिकरण (यूडीए) से नक्शा पास कराया और बैंक से ऋण भी लिया था। नगर पालिका के रिकॉर्ड में मकान का पुराना नंबर 50 और नया नंबर 549 दर्ज है। मकान में उनके नाम से बिजली कनेक्शन था और वह नियमित रूप से बिल जमा करते थे। साहेब दयाल का आरोप है कि मकान में अलग कमरे में रहने वाले सिविल लाइंस निवासी रामसहाय ने उनकी जानकारी और सहमति के बिना बिजली कनेक्शन के रिकॉर्ड में बदलाव करा लिया। इसके लिए उनसे न तो अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लिया गया और न ही किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान कराया गया। इसके बावजूद बिजली विभाग के रिकॉर्ड में उनका नाम हटाकर रामसहाय और उसके पिता का नाम दर्ज कर दिया गया। 16 सितंबर 2025 को बिजली का बिल निकलवाने पर उन्हें इस बदलाव की जानकारी हुई। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद रामसहाय ने बदले हुए बिजली कनेक्शन के रिकॉर्ड का सहारा लेकर मकान पर कब्जा कर लिया। मकान में सजीवन नाम के व्यक्ति को किरायेदार रख दिया और उससे मिलने वाला किराया भी खुद वसूलने लगा। साहेब दयाल के मुताबिक, अब उन्हें अपने ही मकान में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।
बिल में नाम के साथ मोबाइल नंबर भी बदला
बिजली का बिल निकलवाने पर साहेब दयाल को पता चला कि कनेक्शन में दर्ज नाम के साथ मोबाइल नंबर भी बदल दिया गया है। पहले कनेक्शन उनके नाम पर था और उसमें उनका मोबाइल नंबर दर्ज था, जबकि बाद में रामसहाय और उसके पिता का नाम दर्ज मिला। पीड़ित ने इस बदलाव को मकान पर कब्जे की साजिश से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की है।
थाने से एसपी तक लगाई गुहार
साहेब दयाल ने 12 अगस्त 2026 को कोतवाली सदर में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। सुनवाई नहीं होने पर 19 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से और पंजीकृत डाक से प्रार्थना पत्र भेजा। इसके बाद भी कार्रवाई न होने पर उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी दी। न्यायालय के आदेश पर तीन नवंबर 2026 को कोतवाली सदर पुलिस ने रामसहाय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news
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