उन्नाव में भाजपा खेमे की खींचतान खुलकर सामने : मारपीट और साजिश के आरोपों से गरमाई सियासत
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Sun, Mar 1, 2026
दोनों पक्ष आमने-सामने, निष्पक्ष जांच का भरोसा
उन्नाव। नगर पालिका से जुड़ा एक विवाद अब सीधे सत्ताधारी दल के नेताओं के बीच टकराव का रूप लेता दिख रहा है। एक ओर संविदा पर काम कर चुके कर्मचारी ने पालिका अध्यक्ष के पति पर अभद्रता और हमला कराने का आरोप लगाया है, तो दूसरी ओर अध्यक्ष के पति ने इसे राजनीतिक प्रतिद्वंदिता का हिस्सा बताते हुए खुद को फंसाने की कोशिश करार दिया है।मामला पुलिस तक पहुंच चुका है और दोनों पक्षों के प्रार्थनापत्रों पर जांच जारी है।
संविदा कर्मचारी का आरोप: हमला और पहले से प्रताड़ना
सदर तहसील के मानधाता खेड़ा निवासी आकाश, जो नगर पालिका में संविदा पर कार्यरत रहा है, उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है कि उसे लंबे समय से अपमानित किया जाता रहा। उसका आरोप है कि पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा के पति प्रवीण मिश्रा अक्सर उसके साथ अभद्र व्यवहार करते थे। इतना ही नहीं, वह यह भी कहता है कि उसे पहले एक मामले में साजिशन जेल तक भिजवाया गया। आकाश के अनुसार 26 फरवरी की रात करीब साढ़े आठ बजे वह काम से लौट रहा था। निराला नगर के पास एक काली गाड़ी में आए लोगों ने उस पर धारदार हथियार से हमला करने की कोशिश की। उसने जान बचाकर किसी तरह खुद को सुरक्षित किया। शिकायत में उसने हमलावरों के पीछे राजनीतिक संरक्षण होने की बात भी कही है।हालांकि शुरुआती जांच में पुलिस को जो सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, उनमें जिन लोगों पर आरोप लगाया गया है, वे घटना के समय अलग अलग स्थानों पर पारिवारिक कार्यक्रमों में मौजूद दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इन फुटेज की पुष्टि और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
प्रवीण मिश्रा: राजनीतिक रंजिश का आरोप
दूसरी ओर भाजपा नेता और नगर पालिका अध्यक्ष के पति प्रवीण मिश्रा ने भी एसएसपी से शिकायत की है। उनका कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उन्हें जानबूझकर विवाद में घसीटा जा रहा है। उन्होंने सदर विधायक और उनके एक करीबी पर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के चलते साजिश रचने का आरोप लगाया है। प्रवीण मिश्रा का दावा है कि आकाश उर्फ इंडियन के माध्यम से झूठा मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि फर्जी मेडिकल बनवाकर प्रार्थनापत्र दिलवाया गया ताकि उनकी छवि खराब की जा सके। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विधायक का जवाब: “साजिश विपक्ष की”
सदर विधायक पंकज गुप्ता ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह पूरा विवाद राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने प्रवीण मिश्रा को छोटा भाई बताते हुए कहा कि वे विपक्ष के कुछ लोगों के बहकावे में आकर बेबुनियाद बातें कर रहे हैं। विधायक का यह भी कहना है कि नगर पालिका में हाल के दिनों में भ्रष्टाचार और सभासदों के विरोध जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के आरोप उछाले जा रहे हैं। उनका दावा है कि पार्टी के भीतर कोई मतभेद नहीं है, बल्कि विपक्षी दल माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। बावजूद रिश्ते आगे चलकर सामान्य होंगे।
विधायक का नरम संदेश, सियासत में नई बहस
रविवार सुबह विधायक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर भी एक भावनात्मक पोस्ट साझा की। पोस्ट में उन्होंने लिखा, “भैया क्षमा करो, हमको जनता की सेवा करने दो।” इस एक पंक्ति ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। समर्थक इसे रिश्तों में नरमी का संकेत मान रहे हैं, तो विरोधी इसे सियासी संदेश के तौर पर देख रहे हैं। फिलहाल बयान और सोशल मीडिया पोस्ट के बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है।
पुलिस की स्थिति: तथ्य जुटाए जा रहे
एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने दोनों पक्षों की शिकायतें मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल, मेडिकल रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
भीतर की खींचतान या सियासी दांव?
पूरा मामला अब सिर्फ एक मारपीट की शिकायत तक सीमित नहीं रह गया है। पार्टी के भीतर चल रही तनातनी, संभावित टिकट की चर्चाएं और स्थानीय स्तर पर बढ़ती राजनीतिक सक्रियता ने इसे और संवेदनशील बना दिया है। भाजपा खेमे के भीतर की खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है, जिसे विपक्ष भी ध्यान से देख रहा है। फिलहाल उन्नाव की स्थानीय राजनीति में यह प्रकरण चर्चा का केंद्र बना हुआ है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और निष्कर्ष यह तय करेंगे कि मामला आपसी रंजिश है, राजनीतिक रणनीति है या फिर वाकई किसी साजिश की कड़ी है।
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