ईपीसीएच द्वारा की गई प्रेस वार्ता : भारत के हस्तशिल्प सेक्टर को ग्लोबल लेवल पर नई ऊंचाई देने की तैयारी
आलम वारसी
Wed, Apr 8, 2026
मुरादाबाद में हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने एक प्रेसवार्ता आयोजित की, जिसमें भारत के हस्तशिल्प सेक्टर को ग्लोबल लेवल पर नई ऊंचाई देने की तैयारी पर चर्चा की गई। ईपीसीएच का लक्ष्य है कि भारत को डिजाइन, क्वालिटी, इनोवेशन और दीर्घकालिक निर्यात के मामले में दुनिया का लोडर बनाना।
ईपीसीएच के चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि उनका फोकस भारत के हस्तशिल्प सेक्टर को दुनिया का सबसे पसंदीदा सोर्सिंग डेस्टिनेशन बनाना है। इसके लिए वे पारंपरिक कारीगरी की ताकत को आधुनिक टेक्नोलॉजी, बेहतर सिस्टम, क्वालिटी एश्योरेंस और मजबूत मार्केट एक्सेस के साथ जोड़ रहे हैं।
इस विज़न के तहत, ईपीसीएच देश के बड़े हस्तशिल्प क्लस्टर्स में कई बड़े कदम उठा रहा है, जैसे कि मुरादाबाद में पहला कैश एंड कैरी सेंटर, हैंडीक्राफ्ट टेक्नोलॉजी मिशन, मुरादाबाद में एक उडी स्टूडियो का डेवलपमेंट, जयपुर में टेस्टिंग फैसिलिटी का अपग्रेडेशन, जोधपुर में एक नई टेस्टिंग लैब, अमेरिका और यूरोप में वेयरहाउसिंग और ड्रॉप-शिपिंग मॉडल तैयार करना और आईएचजीएफ दिल्ली मेला ऑटम 2026 के लिए अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जुड़ाव बढ़ाना।
ईपीसीएच के मेंबर सीओए और कन्वीनर- सेंट्रल रीजन, श्री अवधेश अग्रवाल ने कहा कि ये सभी पहल क्लस्टर आधारित विकास के लिए बेहद अहम हैं। इससे स्थानीय उत्पादन सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों की जरूरतों से जुड़ पाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सलमान आजम, जीशान अली, रोहित ढल, नावेद उर रहमान, राशिम दुग्गल और मोहम्मद जुनैद सहित क्षेत्र के कई दिग्गज निर्यातक और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स और स्किल डेवलपमेंट का यह तालमेल एमएसएमई (MSME) सेक्टर के लिए गेम चेंजर साबित होगा और भारतीय हस्तशिल्प को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त दिलाएगा।
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मुरादाबाद।।भारत के हस्तशिल्प सेक्टर को ग्लोबल लेवल पर नई ऊंचाई देने की तैयारी
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