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दम घोंटू 'जहरीली हवा' : का आपातकाल! दिल्ली-NCR में AQI 450 के पार, सुप्रीम कोर्ट सख्त

THE LUCKNOW TIMES

Thu, Nov 20, 2025
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नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) पिछले कई दिनों से एक बार फिर गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में है। यहाँ की हवा लगातार 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में बनी हुई है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य आपातकाल जैसे हालात बन गए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार बना हुआ है, जबकि कई हॉटस्पॉट इलाकों में यह 450 से 477 तक पहुँच गया है, जो बेहद जानलेवा स्तर है।

प्रमुख शहर और सबसे प्रदूषित इलाके

राजधानी दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के पड़ोसी शहरों में भी हवा की गुणवत्ता चिंताजनक बनी हुई है:

शहर/इलाका | एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) | श्रेणी

वजीरपुर (दिल्ली) | 477 तक | गंभीर (Severe) |

गाजियाबाद | 430 | गंभीर (Severe) |

नोएडा | 408 | गंभीर (Severe) |

ग्रेटर नोएडा | 388 | बहुत खराब (Very Poor) |

आरके पुरम (दिल्ली) | 424 | गंभीर

ये आंकड़े वर्तमान स्थिति को दर्शाते हैं, जो मौसम और हवा की दिशा बदलने पर लगातार बदलते रहते हैं।

प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारण

प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर के पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं

पराली जलाना: हालांकि इस वर्ष पराली जलाने की घटनाएँ पिछले वर्ष से कम हैं, लेकिन पंजाब और हरियाणा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी पराली जलाने की घटनाओं के कारण धुआँ NCR की ओर आ रहा है, जो प्रदूषण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा (15-30%) है।

स्थानीय उत्सर्जन: वाहनों का धुआँ, औद्योगिक उत्सर्जन, निर्माण और तोड़फोड़ की धूल (Construction and Demolition Dust), और कूड़ा जलाने जैसी स्थानीय गतिविधियाँ प्रदूषण में भारी योगदान दे रही हैं।

मौसम की स्थिति: कम तापमान, शांत हवाएँ और नमी के कारण प्रदूषक कण (PM2.5 और PM10) निचले वातावरण में फँस जाते हैं, जिससे धुंध (Smog) की मोटी परत छा जाती है और AQI खतरनाक स्तर पर पहुँच जाता है।

स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा और डॉक्टर की चेतावनी

एम्स (AIIMS) दिल्ली के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख ने वर्तमान स्थिति को 'जानलेवा' करार दिया है। जहरीली हवा के कारण लोगों को आँख में जलन, गले में खराश, सिरदर्द और साँस लेने में तकलीफ जैसी शिकायतें हो रही हैं। डॉक्टर N95 मास्क पहनने और सुबह की सैर जैसी बाहरी गतिविधियों से बचने की सलाह दे रहे हैं।

सरकारी कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट का रुख

बिगड़ते हालात को देखते हुए केंद्र के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने एनसीआर के राज्यों को पत्र लिखकर सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया है। ऐसी खबरें हैं कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के फेज-IV के प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं।

GRAP-IV में संभावित प्रतिबंध: इसमें डीजल ट्रकों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध और सभी प्रकार के निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर रोक शामिल हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप: माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी प्रदूषण के हालात पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए दीर्घकालिक समाधान खोजने की आवश्यकता पर जोर दिया है, और राज्यों को पराली जलाने से जुड़े निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है।

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