सपाइयों ने घेरा कलेक्ट्रेट : अखिलेश की गिरफ्तारी से सपा कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Wed, Jul 22, 2026
पुलिस से नोकझोंक के बाद जिलाध्यक्ष और पूर्व सांसद समेत हिरासत में कई नेता

जमीन पर लेटे पूर्व राज्यमंत्री और अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष
उन्नाव। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को उन्नाव में सपाइयों का गुस्सा सड़क पर उतर आया। बड़ी संख्या में सपा नेता और कार्यकर्ता हाथों में सरकार विरोधी तख्तियां लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। डीएम कार्यालय की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और सपाइयों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बाद में जिलाध्यक्ष राजेश यादव, पूर्व सांसद अन्नू टंडन, अंकित सिंह परिहार समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया गया। गिरफ्तारी के दौरान भी कार्यकर्ता लगातार सरकार विरोधी नारे लगाते रहे।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन, बैरिकेडिंग पर रोका
बुधवार को सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता हाथों में सरकार विरोधी तख्तियां लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम कार्यालय की ओर बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने पहले से लगाए गए बैरिकेडिंग के पास उन्हें रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए और केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
जिलाध्यक्ष से धक्का-मुक्की के बाद बढ़ा तनाव
प्रदर्शन का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष राजेश यादव और पूर्व सांसद अन्नू टंडन कर रहे थे। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इसी दौरान जिलाध्यक्ष राजेश यादव के साथ पुलिस की धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद मौके पर मौजूद सपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश और बढ़ गया। पुलिस ने एक-एक कर अन्य प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लेना शुरू कर दिया।


सपाइयों को संभालने में पुलिस के छूटे पसीने
प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के दौरान पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाकर वाहनों में बैठाने का प्रयास कर रही थी, तभी पूर्व राज्यमंत्री सुधीर रावत, अंकित सिंह परिहार और सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज खान जमीन पर लेट गए। पुलिसकर्मियों ने उनको उठाने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ता विरोध करते रहे। बाद में पुलिसकर्मियों ने दोनों को उठाकर पुलिस वैन में बैठाया। इस दौरान मौके पर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा और सपाई सरकार विरोधी नारे लगाते रहे।
‘तानाशाही नहीं चलेगी’ के लगाए नारे
हिरासत में लिए जाने के दौरान भी सपाई लगातार सरकार विरोधी नारे लगाते रहे। कार्यकर्ताओं ने ‘योगी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी’ और ‘जब-जब योगी डरता है, पुलिस को आगे करता है’ जैसे नारे लगाए। सपा नेताओं ने कहा कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में आवाज उठाने पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास है। इसी के विरोध में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हैं।
कलेक्ट्रेट के बाहर पहले से तैनात था पुलिस बल
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। डीएम कार्यालय के आसपास बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। कुछ देर तक मौके पर नारेबाजी और विरोध का दौर चलता रहा। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों और अन्य वाहनों से पुलिस लाइन भेज दिया। हालांकि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की हिंसा, तोड़फोड़ या अन्य अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन कार्रवाई की गई। प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कराया गया और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
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