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स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट : सीएचसी में दो और जिला अस्पताल में छह बेड आरक्षित

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Mon, Aug 31, 2026
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शासन की गाइडलाइन के बाद बढ़ाई निगरानी, फ्रंटलाइन वर्करों को भय न फैलाने के निर्देश

उन्नाव। स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जिले में तैयारियां तेज कर दी हैं। शासन स्तर से 25 अगस्त को जारी पत्र और विस्तृत गाइडलाइन मिलने के बाद सभी ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। मरीजों के उपचार के लिए प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में दो-दो और जिला अस्पताल में छह बेड आरक्षित किए जाएंगे। साथ ही जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।सोमवार को सीएमओ कार्यालय में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जेआर सिंह ने बताया कि शासन से मिले दिशा-निर्देशों के आधार पर जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी एमओआईसी, बीसीपीएम, एचईओ और एआरओ के साथ बैठक कर उन्हें गाइडलाइन की जानकारी दी जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से फ्रंटलाइन वर्करों को भी लोगों के बीच अनावश्यक भय न फैलाने और लक्षणों के आधार पर मरीजों को उचित चिकित्सकीय सलाह देने के निर्देश दिए गए हैं।

तीन श्रेणियों में बांटे गए लक्षण

डॉ. जेआर सिंह के अनुसार इन्फ्लूएंजा के मरीजों के लक्षणों को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में समझाया गया है। कैटेगरी ए में खांसी, हल्का बुखार, गले में खराश और बदन दर्द जैसे सामान्य लक्षण होते हैं। ऐसे मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्हें घर पर आराम करने, बुखार की दवा लेने और परिवार के अन्य सदस्यों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। कैटेगरी बी में खांसी, बुखार और बदन दर्द अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। बी-1 श्रेणी के मरीजों को घर पर आइसोलेट रहने और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार लेने को कहा जाता है। जरूरत पड़ने पर ओसेल्टामिविर 75 मिलीग्राम की दवा पांच दिन तक सुबह-शाम देने की व्यवस्था है। वहीं बी-2 श्रेणी में तेज बुखार और अधिक बदन दर्द के साथ सह-रुग्णता वाले मरीजों को विशेष सावधानी की जरूरत होती है। गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे, 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोग और किडनी संबंधी बीमारी से ग्रस्त मरीजों को इस श्रेणी में विशेष निगरानी की जरूरत बताई गई है।

स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता पर जोर

स्वास्थ्य विभाग ने सभी ब्लॉक स्तरीय केंद्रों पर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार मरीजों की पहचान, उपचार और जरूरत पड़ने पर रेफर करने की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखेगा।

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