व्हाट्सएप चैट से शुरू हुआ विवाद : ट्रैक पर खत्म हुई दो जिंदगियां
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Wed, Feb 25, 2026
व्हाट्सएप चैट को लेकर घर में कलह, भाई ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया
उन्नाव। शुक्लागंज में सोमवार रात एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के सहजनी इलाके में रहने वाले 45 वर्षीय विकास गुप्ता और उनकी 13 साल की बेटी वेदिका के शव कानपुर-लखनऊ रेलखंड पर रेलवे ट्रैक के पास क्षत-विक्षत हालत में मिले। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है, लेकिन परिवार के भीतर चल रहे विवाद और मृतक के भाई के आरोपों ने इसे उलझा दिया है।
ट्रैक के पास मिली लावारिस कार से खुला मामला
सोमवार रात करीब नौ बजे सहजनी रेलवे क्रॉसिंग से कुछ दूरी पहले ट्रैक पर दो शव पड़े होने की सूचना पुलिस को मिली। पास ही एक लावारिस कार भी खड़ी मिली। वाहन नंबर के आधार पर पुलिस परिजनों तक पहुंची। कोतवाली पहुंची पत्नी शैफाली ने दोनों की पहचान अपने पति विकास और बेटी वेदिका के रूप में की।
व्हाट्सएप चैट बना विवाद की वजह
परिवार के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से विकास और उनकी पत्नी के बीच तनाव चल रहा था। विकास के छोटे भाई शिवम ओमर ने आरोप लगाया कि भाभी जनवरी से दुबई में रहने वाले एक युवक के संपर्क में थीं और व्हाट्सएप पर बातचीत करती थीं। यह बात विकास को पता चलने के बाद घर में लगातार झगड़े होने लगे। शिवम का दावा है कि उस युवक ने चैट वायरल करने की धमकी देकर पैसे भी मांगे थे। रुपये की मांग पूरी न होने पर उसने विकास के मोबाइल पर मैसेज भेजे। इसके बाद विकास ने पत्नी का फोन चेक किया और कथित चैट व वीडियो देखे। शिवम के मुताबिक, विकास ने यह सामग्री उन्हें भी भेजी थी।
मारपीट का आरोप, पुलिस पर लापरवाही का सवाल
शिवम ने यह भी आरोप लगाया कि 19 फरवरी की रात चैटिंग को लेकर हुए झगड़े में ससुराल पक्ष के लोग घर पहुंचे और विकास के साथ मारपीट की। पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन मामला शांत कराकर छोड़ दिया गया। अब शिवम ने पत्नी शैफाली, ससुर राकेश गुप्ता, सास सुमन गुप्ता और साले यश व शशांक गुप्ता पर हत्या कर शव ट्रैक पर फेंकने का आरोप लगाया है। उनकी तहरीर पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है।
सुसाइड नोट से जांच तेज
मौके से एक कागज की पर्ची भी मिली है, जिसे पुलिस सुसाइड नोट मानकर जांच कर रही है। इसमें लिखा है कि मृतक पत्नी और ससुराल पक्ष से परेशान होकर यह कदम उठा रहा है।
अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश सिंह ने बताया कि नोट की लिखावट की जांच कराई जाएगी और सभी संबंधित लोगों से पूछताछ होगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं किसी तरह का दबाव या साजिश तो नहीं थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटें
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों का अंतिम संस्कार मिश्रा कॉलोनी पक्का घाट पर कर दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, वेदिका का सिर और बायां हाथ धड़ से अलग था। विकास के शरीर पर करीब 22 चोटों के निशान पाए गए। विकास मूल रूप से कानपुर के कल्याणपुर के रहने वाले थे और सहजनी में किराये के मकान में परिवार के साथ रहते थे।
कई सवाल बाकी
क्या यह पारिवारिक कलह से उपजा आत्मघाती कदम था या फिर हत्या के बाद आत्महत्या का रूप देने की कोशिश? सुसाइड नोट असली है या नहीं? पहले हुए विवाद में पुलिस की भूमिका क्या रही? इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल एक परिवार टूट चुका है और एक मासूम की जान चली गई है। इलाके में घटना को लेकर सन्नाटा और बेचैनी दोनों हैं।
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