निर्बल इंडियन शोषित हमारा आमदल निषाद पार्टी के जिला अध्यक्ष लोकनाथ निषाद ने अपने कार्यकर्ताओं सहित जिलाधिकारी को जाति प्रमाण-पत्र को लेकर दिया ज्ञापन!
उत्तर प्रदेश फतेहपुर निर्बल इंडियन शोषित हमारा आमदल निषाद पार्टी के जिला अध्यक्ष लोकनाथ निषाद ने अपने कार्यकर्ताओं सहित जिलाधिकारी को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि शासनादेश के अनुसार कार्मिक अनुभाग-2. की अधिसूचना संख्या-4(1)/ 2002-का-2, लखनऊ दिनांक 31-12-2016 एवं संख्या-1/2017/4(1) /2002-का-2, लखनऊ दिनांक 12-01-2017 में उ०प्र० लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम-1994 (उ०प्र० अधिनियन संख्या-4 सन 1994) में संशोधित कर निषाद, केवट, मल्लाह, कश्यप, कहार, धीमर बिन्द, बाथन, तुरहा, गोड़िया, मांझी, मछुआ जातियों को पिछड़ी जाति की सूची से निकाल दिया गया है फिर भी जनपद एवं तहसील स्तर पर विशेष रूप से तहसीलदार द्वारा नियम विरूद्ध उपरोक्त संशोधन का अनुपालन न करते हुए उपरोक्त जातियों को पिछड़ी जाति का प्रमाण-पत्र जारी हो रहा है जो नियमानुसार गलत एवं असंवैधानिक तथा महामहिम राज्यपाल द्वारा जारी अधिसूचना का स्पष्ट उल्लंघन है। इन उपरोक्त सभी जातियों को पिछड़ी जाति का प्रमाण-पत्र जारी करने पर रोक लगायी जाय साथ ही राजस्व परिषद के अभिलेखों, संशोधित शासनादेश संख्या-4442 / छब्बीस-818-1957, दिनांक 22 मई, 1957 में संशोधन अधिनियम 1976, 'देनांक 27 जुलाई, 1977 महामहिम राष्ट्रपति द्वारा जारी 08 अगस्त, 1950 के अधिसूचना के अनुसार मारत के संविधान की अनुसूची में सूचीबद्ध अनुसूचित जाति 53 नम्बर पर मझवार व 66 नम्बर पर तुरैहा जातियों के समूह के रूप में हैं। साथ ही महामहिम राज्यपाल ने भी अपनी अनुसूची में उपरोक्त जातियों को उ०प्र० लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम-1994 (3०२० अधिनियम संख्या-4 सन 1994) की धारा-13 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके महामहिन राज्यपाल ने पिछड़े वर्ग अधिनियम में संशोधन करके इन्हें पिछड़े वर्ग की सूची से निकाल कर 31-12-2016 को अधिसूचित किया है कि उपरोक्त जातियां पिछड़े वर्ग के स्थान पर अनुसूचित जाति की समझे जायेंगे और ये जातियां अनुसूचित जाति की सभी प्रकार की प्रसुविधा पाने के हकदार होंगे। आपसे आग्रह है कि जनपद-संतकबीरनगर की भांति पूरे प्रदेश में कार्मिक विभाग द्वारा निर्गत उक्त शासनादेश दिनांक 31-12-2016 एवं 12-01-2017 का अनुपालन कराएं जिससे उपरोक्त सभी मझवार, तुरैहा (निषाद, केवट, मल्लाह, कश्यप, कहार, धीमर, बिन्द, बाथम, तुरहा, गोड़िया, मांझी, मधुआ जातियां) जो अनुसूचित जाति के है व्यक्तियों को पिछड़ी जातियों का प्रमाण-पत्र जारी करने से रोक लगाएं और उपरोक्त जातियों/उपजातियों को मझवार एवं तुरैहा को पिछड़े वर्ग के स्थान पर अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र निर्गत कराने हेतु समस्त उप जिला अधिकारियों को आदेशित किया जाए