: डीएम का कड़ा रुख, फर्जी स्कूलों पर ताले पड़ेंगे
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Sat, Aug 23, 2025
16 ब्लॉकों और नगर क्षेत्र में 65 स्कूल चिह्नित, 18 बिना मान्यता के संचालित
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। जिले में फर्जी और गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों पर अब शिकंजा कसना शुरू हो गया है। डीएम गौरांग राठी ने कड़ा रुख अपनाते हुए एसडीएम और बीएसए को निर्देश दिया है कि ऐसे स्कूलों की तालाबंदी कराई जाए और छात्रों को पास के सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाया जाए। जांच में सामने आया है कि नगर क्षेत्र के साथ जिले के 16 ब्लॉकों में 65 स्कूल ऐसे हैं जिनकी निशानदेही हुई है। इनमें से 18 स्कूल बिना किसी मान्यता के अब तक संचालित हो रहे थे। इतना ही नहीं, एक स्कूल में तो छात्र संख्या 150 से अधिक मिली, जो बच्चों का भविष्य अंधकार में धकेल रहे थे। डीएम के आदेश के बाद अब इन सभी पर सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रशासन का कहना है कि बिना मान्यता चल रहे स्कूल न केवल नियमों का उल्लंघन कर रहे थे बल्कि सरकारी स्कूलों की छात्र संख्या पर भी सीधा असर डाल रहे थे।
छात्रों का भविष्य अंधकार से बाहर
डीएम के आदेश के बाद अनधिकृत स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को अब पास के सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई किसी भी हाल में बाधित नहीं होगी। विद्यार्थियों को न केवल नियमित कक्षाएं मिलेंगी बल्कि उन्हें मिड-डे मील, छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा। अधिकारियों का दावा है कि अब बच्चों की शिक्षा सुरक्षित हाथों में होगी और उनका भविष्य उजाले की ओर बढ़ेगा।
शिक्षा से समझौता नहीं
प्रशासन ने साफ किया है कि अनधिकृत स्कूल किसी भी हाल में संचालित नहीं रहेंगे। ऐसे स्कूलों की तालाबंदी के साथ छात्रों को नजदीकी सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का मौका मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रत्येक स्कूल की नियमित निगरानी की जाएगी और मानकों का पालन न करने पर तुरंत कार्रवाई होगी।

मान्यता के बिना नहीं चलेगा स्कूल
डीएम ने कहा है कि बिना मान्यता के चलने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई होगी। नियम तोड़ने वाले प्रबंधकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने की भी तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने चेताया है कि भविष्य में भी यदि कोई स्कूल बिना अनुमति के संचालित पाया गया तो न केवल उसे तुरंत सील किया जाएगा, बल्कि संचालक को जेल भी भेजा जाएगा। सरकार की गाइडलाइन से बाहर जाकर पढ़ाई कराने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
सरकारी स्कूलों में बढ़ेगी रौनक
गैर-मान्यता स्कूलों के बंद होने के बाद सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ेगी। इससे विद्यालयों में पढ़ाई का माहौल और बेहतर बनेगा। शिक्षकों को भी अब पर्याप्त संख्या में विद्यार्थी मिलेंगे, जिससे कक्षाओं में प्रतिस्पर्धा का माहौल बनेगा। बेहतर सुविधाओं और अनुशासन के साथ सरकारी स्कूलों की छवि भी निखरेगी।
डीएम गौरांग राठी का कड़ा रुख
जिलाधिकारी का कहना है कि बिना मान्यता के चलने वाले स्कूल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। ये बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। सभी एसडीएम और बीएसए को निर्देश दिए गए हैं कि तुरंत कार्रवाई करें और छात्रों का दाखिला नजदीकी सरकारी स्कूलों में सुनिश्चित कराएं।

फर्जी स्कूलों पर बीएसए का कड़ा रुख
बेसिक शिक्षा अधिकारी संगीता सिंह ने बताया कि जिलेभर के फर्जी तरीके से चल रहे स्कूलों की सूची तैयार हो चुकी है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि किसी भी कीमत पर ऐसे स्कूल संचालित न रहें। इस सप्ताह के भीतर तालाबंदी की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। नियम तोड़ने वाले प्रबंधकों पर कठोर कार्रवाई भी होगी।
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