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: पशु चिकित्सालयों में अधूरे काम का पूरा भुगतान, सीवीओ समेत तीन डॉक्टरों पर कार्रवाई की सिफारिश

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Tue, Oct 14, 2025
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सरकारी धन की बर्बादी पर डीएम ने मानी विभागीय लापरवाही, भेजी रिपोर्ट शासन को

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

उन्नाव। जिले के कई पशु चिकित्सालयों में कायाकल्प के अधूरे कामों के बावजूद पूरी रकम का भुगतान कर दिया गया। मामले की जांच में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) सहित तीन डॉक्टर जिम्मेदार पाए गए हैं। डीएम गौरांग राठी ने इन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भेजी है। जानकारी के मुताबिक, जिले के 16 विकासखंडों में 12 पशु चिकित्सालय और दो पशु केंद्र संचालित हैं। इन भवनों की मरम्मत और रंगाई-पुताई के लिए मार्च में शासन से 13.80 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई थी। प्रति चिकित्सालय एक लाख और प्रत्येक पशु केंद्र के लिए 90 हजार रुपये जारी हुए थे। निर्देश था कि काम पूरा होने के बाद ही भुगतान किया जाए। लेकिन पशुपालन विभाग ने कार्यदायी संस्था को पूरा भुगतान कर दिया। इस बीच डीएम को शिकायत मिली कि कई जगह काम अधूरा छोड़ दिया गया है। शिकायत की सच्चाई जांचने के लिए डीएम ने जिला विकास अधिकारी, आरईडी के एक्सईएन और कोषाधिकारी की तीन सदस्यीय टीम गठित की। टीम ने अचलगंज, सुमेरपुर, सिकंदरपुर कर्ण और अन्य इलाकों के पशु चिकित्सालयों का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि कई केंद्रों में न तो फर्श ठीक किए गए थे, न खिड़कियों की मरम्मत हुई थी। टूटी खिड़कियां, उखड़ी दीवारें और अधूरी रंगाई-पुताई देखने को मिली। टीम ने इसे सरकारी धन की बर्बादी बताते हुए विस्तृत रिपोर्ट डीएम को सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. महावीर सिंह, उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार और डॉ. शरद शाक्य को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश शासन से की है। जिन पशु चिकित्सालयों को मरम्मत के लिए धनराशि जारी हुई थी उनमें औरास का शाहपुर तोंदा, सुमेरपुर का दौदापुर और सुमेरपुर केंद्र, पुरवा का ममरेजपुर, मझिगवां सदकू, सिकंदरपुर कर्ण का अचलगंज, सिकंदरपुर सरोसी का रऊकरना, परियर, असोहा का नरसिंहपुर, औरास का देवतारा, हिलौली और नवाबगंज शामिल हैं। इनमें से हर एक को एक लाख रुपये मिले थे। वहीं सुमेरपुर के भगवंतनगर और बिछिया के कोरारीकला केंद्र को 90-90 हजार रुपये जारी हुए थे। डीएम गौरांग राठी ने बताया कि शासन से तीनों डॉक्टरों के संबंध में जांच के निर्देश मिले थे। जांच पूरी कर ली गई है और आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।

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