: सात साल में ही बेकार हुआ 62 करोड़ का गंगा पुल
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Wed, Sep 17, 2025
बीघापुर-कानपुर को जोड़ने वाला मार्ग पूरी तरह कटा, पीडब्ल्यूडी ने बंद कराया आवागमन
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। बीघापुर तहसील को कानपुर के महराजपुर से जोड़ने वाला गंगा नदी पर बना पुल सात साल में ही अनुपयोगी हो गया। रविवार को पहुंच मार्ग नदी में समा जाने के बाद पीडब्ल्यूडी ने पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया। वर्ष 2018 में 62.91 करोड़ की लागत से एक किमी लंबा पुल तैयार हुआ था। शुरुआत से ही कानपुर छोर की ओर नदी का रुख बदलने लगा और डोमनपुरवा गांव के पास रेत जमने लगी। नतीजतन पुल के नीचे आधे हिस्से में पानी का बहाव रुक गया और दूसरी तरफ कटान तेज हो गया। तीन साल पहले ही बीघापुर की तरफ का पहुंच मार्ग बह गया था, जिसमें किसानों की करीब 100 बीघा जमीन भी नदी में समा गई थी। तब पीडब्ल्यूडी ने अस्थायी वैकल्पिक रास्ता बनाकर केवल पैदल और दोपहिया वाहनों को राहत दी थी।
कटान रोकने के उपाय अधूरे
2021 में शासन ने अप्रोच रोड दोबारा बनाने के लिए 4.20 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। तकनीकी टीम ने पुल से 500 मीटर की दूरी पर दोनों किनारों पर मजबूत कंक्रीट की दीवार (बंड वॉल) बनाने का सुझाव दिया था। इस पर करीब 30 करोड़ की लागत आती, लेकिन बजट न मिलने से काम अधर में लटक गया।
आईआईटी की सलाह – पुल की लंबाई बढ़ाई जाए
इधर, मार्च 2025 में पीडब्ल्यूडी ने बनारस आईआईटी की टीम से सर्वे कराया। प्रोफेसर पीके दीक्षित की रिपोर्ट में बताया गया कि गंगा की धारा कभी उन्नाव की ओर और कभी कानपुर की ओर कटान करती है। ऐसे में पुल को सुरक्षित रखने के लिए इसकी लंबाई एक किलोमीटर और बढ़ानी होगी। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन हरदयाल अहिरवार ने बताया कि बीघापुर की तरफ की अप्रोच रोड कटने के बाद अब कानपुर छोर डोमनपुरवा गांव के पास भी सड़क कट रही है। इससे पुल बंद करना पड़ा। बनारस आईआईटी की रिपोर्ट के आधार पर पुल की लंबाई बढ़ाने के लिए सेतु निगम से एस्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। उच्चाधिकारियों की स्वीकृति और बजट मिलने के बाद काम शुरू होगा।
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