Mon 20 Apr 2026

ब्रेकिंग

दो गंभीर रूप से घायल,अज्ञात वाहन हुआ फरार

जामा मस्जिद क्षेत्र में सील दुकानों को लेकर व्यापारियों का हल्ला बोल, धरने पर बैठे दुकानदार

बुद्धि विहार में ‘आओ हाथ बढ़ाएं’ ट्रस्ट ने लगाया निःशुल्क महिला स्वास्थ्य शिविर, 60 महिलाओं ने कराई जांच

मिड टाउन क्लब में रक्तदान शिविर का आयोजन, एसपी सिटी ने बढ़ाया रक्तदाताओं का हौसला

फर्जी हाजिरी’ से लाखों के गबन का आरोप, जांच में देरी पर नाराज सभासद

सूचना

BREAKING NEWS

CRIME BREAKING

: ग्रामीणअंचल में वास्तविक पात्रों को नहीं मिल रहा डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ,ग्रामीण भगवान भरोसे कर रहे जीवन यापन!

THE LUCKNOW TIMES

Wed, Sep 3, 2025
Post views : 83

ग्रामीणअंचल में वास्तविक पात्रों को नहीं मिल रहा डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ,ग्रामीण भगवान भरोसे कर रहे जीवन यापन!

बरेली व्यूरो मुनीश गुप्ता 

  उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के ग्रामीण अंचल क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ व देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गरीब असहाय परिवारों को सुखमय जीवन यापन करने वास्ते जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाने का प्रावधान बनाया है।किन्तु डबल इंजन सरकारों द्वारा चलाई जा रहीं जनकल्याणकारी योजनाएँ जिला स्तरीय जिम्मेदारों की मनमानी के कारण ग्रामीण अंचल में वास्तविक पात्रों को योजनाओं का लाभ नसीब नहीं हो है।इसका जीता जगता सबूत फरीदपुर की ग्राम पंचायत खल्लपुर एवं तहसील सदर-ब्लाक क्यारा के ग्राम पीपल गौटिया में देखने को मिला है जहाँ रहने बाले दर्जनों परिवार पन्नी-फूंस की झोपड़ी तथा मिट्टी के आशियानों में रहकर जीवन यापन कर रहे हैँ जिन्हे बारिश के मौसम में खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्राम खल्लपुर में मिट्टी के एक दर्जन आशियाने भर भराकर जमीदोज हो चुके हैँ और कई आशियाने जर्जर हालत में हैँ जो गिरने की कगार पर हैँ कब गिर जाएँ यह भगवान भरोसे है। परेशान ग्रामीण ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव से मदद की गुहार लगाने पहुँचे तो उन्होंने झूंठा अस्वासन देकर टाल मटोल कर पीड़ितों को परेशान किया जा रहा है।वहीं ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कुछ पीड़ित पात्रों से योजनाओं का लाभ दिलाने के एवज में सचिव से लेकर ग्राम प्रधान तथा इनके गुर्गो द्वारा सुविधा शुल्क की माँग की जाती है जिस कारण योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।रिमझिम बारिश के चलते ग्राम खल्लपुर में मिट्टी के झोपड़ी युक्त आशियाने में रहने बाले पुष्पाल पुत्र रामभजन की पत्नी अन्नु 25,बर्ष तीन मासूम बच्चों समेत शो रहे थे और पुष्पाल मजदूरी करने बहार गया था कि रविवार बीती रात अचानक आशियाने की मिट्टी युक्त दीबार भर भराकर गिर गई अन्नु ने मासूम बच्चों को तख्त से हटाकर जान बचाई।हादसे के बाद तमाम ग्रामीण एकत्रित हो गए किन्तु ग्राम प्रधान हरिराम देखने तक नहीं पहुँचा।पीड़ित अन्नु ने योगी सरकार से आवास समेत डबल इंजन सरकार की जनकल्याण कारी योजनाओं की आस लगाई है।इसके अलावा गाँव खल्लपुर में ही रहने बाले धीरेन्द्र पुत्र रूम 6 परिजनों समेत खपड़ेल युक्त मिट्टी के आशियाने में रहकर जीवन यापन कर रहे थे कि बीते 30 अगस्त की रात्रि में बारिश के चलते आशियाना भर भराकर जमीदोज हो गया परिजनों ने भागकर जान तो बचा ली किन्तु घरेलू समान मिट्टी में दब गया जिसे बमुश्किल बहार निकाला जा सका पीड़ित परिजन दूसरे भाई के सहारे जीवन यापन करने को मजबूर हैँ और सरकारी योजनाओं के लाभ की आस लगाए हुए हैँ।यहीं रहने बाली नन्ही देवी पत्नी सुखपाल का भी मिट्टी का आशियाना जमीदोज हो चुका है और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।खुशपाल पुत्र बनवारी,छोटे लाल पुत्र सेवाराम,श्याम लाल पुत्र पीतम आदि के मिट्टी के आशियाने भी गिरकर जमीदोज हो चुके हैं और दूसरों के सहारे जीवन यापन करने को मजबूर हैं।पीड़ितों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ कब और कैसे मिलेगा।खल्लपुर निबासी मुन्ना लाल पुत्र अंगने लाल,राजा राम पुत्र सेवा राम,रामकुमार पुत्र आंगन लाल आदि के मिट्टी के आशियाने जर्जर होने के बाद गिरने की कगार पर हैं जिससे बड़ी जनहानि होने की संभावना बनी हुई है।बताते चलें कि ग्राम खल्लपुर में ही रहने वाले गरीब का मिट्टी का आशियाना 2 वर्ष पूर्व भर भरा कर गिरने से दो मासूमो की मौके पर ही मौत हो चुकी है जबकि दो अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे इसके बाद तहसील प्रशासन की आंखें खुल गई और सरकारी सुविधाएं मोहिया कराने को विभिन्न प्रकार के आदेश जारी किए थे।यहीं चंद्रपाल पुत्र रामेश्वर नन्ने-मुन्ने 8 परिजनों समेत फूंस की टूटी झोपड़ी में रहकर जीवन यापन करने को मजबूर है।पीड़ित पात्रों का कहना है कि ग्राम प्रधान से कई बार आवास आदि जनकल्याण कारी योजनाओं की मांग की माँग पर ग्राम प्रधान ने पीड़ितों को झूठा आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ लिया जिस कारण पीड़ित ग्रामीण फूंस की टूटी झोपड़ी समेत मिट्टी के जर्जर आशियानों में रहने को मजबूर हैं।इसी प्रकार तहसील सदर की ग्राम पंचायत क्यारा के पीपल गौटिया में पन्नी एवं मिट्टी की टूटी झोपड़ी में 6 परिजनों के साथ रहने बाली विमला देवी ने बताया कि वह भूमि हीन है जिसके पास राशन कार्ड नहीं आन लाइन कराने के बाद कई महीनों से कार्यालय के चक्कर लगाकर थक चुकी है किन्तु राशनकार्ड नहीं बना एवं उज्ववला गैस कनेशन भी नहीं है जिम्मेदारों ने शौचालय,आवास भी मुहिया नहीं कराया है क्योंकि उनके पास जिम्मेदारों को देने को मोटी रकम नहीं है।टूटी झोपड़ी- पन्नी में रहने बाली विमला की आपबीती बताते समयं आँखे भर आई।यहीं रहने बाली चन्द्रकली पति के बाद शराबी देवर की झोपड़ी में 4-बेटी तथा 2-बेटों के साथ रहकर जीवन यापन कर रही है।जिसे उज्जवला गैस कनेक्शन,शौचालय, आवास आदि जनकल्याणकारी योजनाओं का नहीं मिला है इसके अलावा दो बर्षों से पेंशन भी नसीब नहीं हुई है जिस कारण भारी परेशानी से जूझ रही है।पति रामबीर और दो बेटों समेत पन्नी एवं फूंस की झोपड़ी में रहने बाली सुनीता ने बताया कि कर्ज लेकर दो बेटियों के हाँथ पीले किए हैँ और चार परिजन मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैँ।राशन कार्ड,पेंशन,शौचालय, गैस कनेक्शन और आवास की सुविधाओं से बंचित हैँ।मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहे हैँ।बारिश होने पर भारी समस्या का सामना करना पड़ता है।वहीं पीपल गौटिया में ही पन्नी-झोपड़ी में पति रजनेश एक बेटी व एक बेटे के साथ रहने बाली छोटी ने आप बीती बताते हुए कहा कि कोई सरकारी सुविधा का लाभ अभी तक नहीं मिला है मजदूरी कर परिवार का जीवन यापन करना पड़ रहा है जिम्मेदार कर्मचारियों से राशन कार्ड,शौचालय,आवास आदि सरकारी सुविधा पाने की आस लगाई किन्तु अभी तक जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से अभी भी बंचित हैँ।इसके अलावा फूंस व पन्नी की झोपड़ी में पति फकीरी व दो बेटे तथा 3-बेटियों समेत 7,परिजनो के साथ रहकर जीवन यापन करने बाली गोमती ने बताया कि पति मजदूरी कर परिजनों का जीवन यापन करता है किन्तु बारिश होने पर भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।यहीं पीपल गौटिया में ही रहने बाले एक हाँथ से विकलांग श्यामाचरन पुत्र पाती राम पन्नी व टीन के आशियाने में 3-बेटे व 3-बेटियों के साथ कष्टमय जीवन यापन करने को मजबूर हैँ।श्यामाचरन का पिछले बर्ष मजदूरी के दौरान एक हाँथ कट चुका है।इस दुख की घड़ी में पत्नी बौली भी श्यामा चरन का साथ छोड़ चली गई जो अभी तक बापस नहीं लौटी है विकलांग श्यामाचरन आधा दर्जन छोटे बच्चों एवं पशुओं की देखभाल कर कष्टमय जीवन यापन कर रहा है।श्यामाचरन राशन कार्ड,उज्ववला गैस कनेक्शन, शौचालय,पेंशन,और आवास योजना के लाभ से बंचित है।वहीं कालीचरन मिस्त्री मिट्टी का आशियाना गिरने के बाद दूसरे ग्रामीण की जगह में 6 बेटी व 2 बेटों समेत दस परिजनो समेत रहकर जीवन यापन कर रहे हैँ।कालीचरन के पास थोड़ी जगह है किन्तु आशियाना नहीं है जहाँ पन्नी डालकर पशुओं को बांध रखा है।तहसील प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से परे रहकर मानो किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।तहसील के जिम्मेदारों की यह भारी लापरवाही एवं मनमानी ग्रामीणों को परेशान कर रही है जिससे पीड़ित पात्र प्रधान समेत तहसील प्रशासन को कोसते हुए योगी सरकार से जनकल्याणकारी योजनाओं की आस लगाए हुए हैं।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन