: नगर पालिका लिपिक की फांसी से मौत, सुसाइड नोट में अध्यक्ष प्रतिनिधि समेत 4 पर लगाए आरोप, जांच में जुटी पुलिस
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Wed, Sep 10, 2025
नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने आरोपों को बताया गलत
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। नगर पालिका के हुसैन नगर स्थित सीवरेट ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में तैनात कनिष्ठ लिपिक सतीश प्रजापति (32) ने मंगलवार को फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस को उसकी जेब से मिला सुसाइड नोट पूरे मामले को गंभीर बना रहा है। इसमें नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि, ईओ, एक सेवानिवृत्त बड़े बाबू और एक लिपिक पर प्रताड़ित करने और 24 महीने से वेतन न मिलने का आरोप है।
2017 में पिता की मौत के बाद मिली नौकरी
सतीश प्रजापति दही थाना क्षेत्र के मोहल्ला पीतांबर नगर भाग दो के निवासी थे। पिता राजाराम प्रजापति की मौत के बाद 2017 में मृतक आश्रित कोटे से नगर पालिका में कनिष्ठ लिपिक बने। शुरू में टैक्स विभाग में तैनात हुए लेकिन शराब की लत के चलते निलंबित कर दिए गए थे। छह महीने पहले बहाली के बाद उन्हें हुसैन नगर एसटीपी कार्यालय भेजा गया था।
घर में फंदे से लटका मिला शव
मंगलवार को सतीश दफ्तर नहीं गए। दोपहर करीब एक बजे घर में ही रस्सी के फंदे से लटका शव मिला। पुलिस जांच में जेब से मुख्यमंत्री को संबोधित सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें जिम्मेदारों के नाम लिखे थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट: हैंगिंग से मौत
सुसाइड नोट मिलने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। पोस्टमार्टम हाउस में सदर विधायक पंकज गुप्ता और सांत्वना दी। पुलिस ने वीडियोग्राफी कराई। डॉ. निरुपम अवस्थी और डॉ. फैसल जुबेर के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में हैंगिंग से मौत की पुष्टि हुई।
वेतन न मिलने से था परेशान
परिजनों का कहना है कि सतीश पर मां, पत्नी रिंकी, एक साल के बेटे, बहन और छोटे भाई की पढ़ाई की जिम्मेदारी थी। पिता की मौत के बाद परिवार का सारा बोझ उसी पर आ गया था। 24 महीने से वेतन न मिलने और अफसरों की प्रताड़ना से वह टूट गया था। कई बार शिकायत करने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई।

पत्नी ने सीएम को लिखा पत्र
पत्नी रिंकी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रवीण मिश्रा, जलकल अभियंता विवेक वर्मा, सेवानिवृत्त बाबू रामसमुझ और सुरेंद्रदत्त विश्वकर्मा पति को प्रताड़ित करते थे। एक दिन पहले मारपीट होने का भी जिक्र किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सुरक्षा की मांग की है।

रिपोर्ट दर्ज कराने पर अड़े परिजन
शाम 6:30 बजे पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव उठाने से इनकार कर दिया। वे बोले कि जब तक जिम्मेदारों पर मुकदमा दर्ज नहीं होगा, शव नहीं ले जाएंगे। दही थानाध्यक्ष अवनीश सिंह ने समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजन अड़े रहे।
बीते साल लगा था गबन का आरोप
नगरपालिका के कर विभाग में तैनात कनिष्ठ लिपीक सतीश प्रजापति पर 5600 रुपए का गबन करने का अरोप लगा था उसे इस आरोप में निलंबित भी कर दिया गया था। आरोप था कि मोहल्ला गद्दियाना निवासी मोहम्मद मुस्लिम से टैक्स जमा करने के लिए रुपए लिए था और नगरपालिका में जमा नही किया था इस मामलें मे लिपिक को नोटिस भी दिया गया था।
नगर पालिका अध्यक्ष और ईओ ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने कहा कि लगाए गए आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा कि एक निष्पक्ष जांच होगी, तो सच्चाई सामने आ जाएगी। इधर, नपा ईओ एसके गौतम ने बताया कि लिपिक ने जो भी आरोप लगाया है वो पूरी तरह से निराधार है। सतीश के दिए गए प्रार्थनापत्रों पर कार्रवाई की गई है। नगरपालिका में तैनात किसी भी कर्मचारियों पर कोई दबाव नही बनाया जाता है। मेरे ऊपर जो भी आरोप लगाया गया है वो बेबुनियाद है। उन्होनें कहा कि मामलें की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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