: 12 दिन में तीन डेंगू मरीज और दो मलेरिया पीड़ित मिले, फिर भी नहीं हुई फॉगिंग
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Sun, Sep 14, 2025
पत्राचार में उलझा नगर प्रशासन, लोग बीमारी से परेशान
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। बरसात का मौसम बीतने के बाद भी शहर में मच्छरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। वायरल फीवर और डायरिया से जूझ रहे लोगों को अब डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों ने भी अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट बताती है कि बीते 12 दिनों में शहर के भीतर तीन डेंगू और दो मलेरिया के मरीज मिले हैं। इसके बावजूद नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग के बीच जिम्मेदारी के टालमटोल के कारण न तो फॉगिंग हो रही है और न ही एंटी लार्वा दवा का छिड़काव।
जिम्मेदारी से भाग रहे विभाग
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई महीनों से मोहल्लों में फॉगिंग तक नहीं कराई गई। गली-कूचों में जलभराव और नालों की दुर्दशा ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि फॉगिंग नगर पालिका की जिम्मेदारी है और उन्हें पत्र भेजा जा चुका है। वहीं नगर पालिका का कहना है कि रोस्टर के अनुसार फॉगिंग कराई जा रही है। हकीकत यह है कि मोहल्लों में कहीं कोई छिड़काव नहीं दिख रहा।
गल्ला मंडी, पुरानी बाजार[/caption]
मोहल्लों में गंदगी और जलभराव
पुरानी बाज़ार गल्ला मंडी निवासी मयंक गुप्ता ने बताया कि वार्ड में नालिया चोक होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, लेकिन वार्ड में महीनों से न तो सफाई हो रही न ही दवा का छिड़काव नहीं हुआ। एबीनगर के मोहम्मद अहमद, बंदूहार निवासी भीम सिंह, दरोगा बाग के रहीम, कल्याणी देवी मोहल्ले के दिनेश और एबीनगर के शिवेंद्र ने भी यही शिकायत दोहराई कि फॉगिंग तो दूर, एंटी लार्वा दवा तक का छिड़काव नहीं किया गया।
अक्टूबर में बढ़ेगा डेंगू का प्रकोप
डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू के मामलों में अक्टूबर तक और इजाफा होगा। ऐसे में रोकथाम के इंतजाम किए जाने चाहिए, लेकिन शहर की तस्वीर उलटी है। अधिकांश मोहल्लों में कूड़े के ढेर और पानी जमा होने से मच्छरों को पनपने का खुला मौका मिल रहा है।
अधिकारियों का बयान
संक्रामक रोग नियंत्रण विभाग के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. जे.आर. सिंह ने कहा कि फॉगिंग और एंटी लार्वा दवा का छिड़काव नगर पालिका की जिम्मेदारी है, इसके लिए ईओ को पत्र भेजा गया है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार गौतम का कहना है कि फॉगिंग रोस्टर के हिसाब से कराई जा रही है। लेकिन सच्चाई यह है कि शहर की गलियों में अब भी मच्छरों की भरमार है और लोग बीमारी की आशंका से सहमे हुए हैं।
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