वीडियो वायरल : मोबाइल चोरी के शक में युवक को दी ‘तालिबानी सजा’
Sun, Aug 9, 2026
पिता-पुत्र ने हाथ बांधकर बीच सड़क पर सिर-मूंछ मुंडवाया, पुलिस ने दोनों को दबोचा
उन्नाव। मोबाइल चोरी के शक में एक युवक को लखनऊ से पकड़कर गांव लाना पिता-पुत्र को भारी पड़ गया। आरोप है कि घर लाने के बाद दोनों ने युवक से मोबाइल के बारे में पूछताछ की। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर युवक को तालिबानी सजा़ दे डाली, उसके साथ मारपीट की और हाथ बांधकर उसका सिर व मूंछ मूंड़ दी। युवक को इस तरह सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने का वीडियो भी सामने आया। जानकारी पुलिस तक पहुंची तो कार्रवाई शुरू हुई। पीड़ित के पिता की तहरीर पर आसीवन थाने में पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। मामला आसीवन थाना क्षेत्र के पाठकपुर गांव का है। गांव निवासी राजू ने 30 जुलाई को पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि उनके बेटे राज का मोबाइल चोरी हो गया है। चोरी का शक गांव के ही सोनू पर जताया गया था। इसके बाद राजू और उनका बेटा राज खुद ही सोनू की तलाश में जुट गए।
मोबाइल चोरी का शक जताकर लखनऊ से लाए
पाठकपुर निवासी गोकुल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका बेटा सोनू एक अगस्त को गांव के ही राजू पुत्र रामगुलाम सिंह और उसके बेटे के साथ था। आरोप है कि राजू और उसका बेटा सोनू को मोबाइल चोरी के आरोप में लखनऊ से पकड़कर गांव ले आए। इसके बाद दोनों उसे अपने दरवाजे पर ले गए और मोबाइल के बारे में पूछताछ करने लगे। गोकुल के मुताबिक, सोनू ने मोबाइल चोरी की बात से इनकार किया तो दोनों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इसके बाद उसके हाथ बांध दिए गए।
वीडियो वायरल होते ही पुलिस सक्रिय
घटना का किसी ने मोबाइल से वीडियो बना लिया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो मामला पुलिस के संज्ञान में आया। पुलिस ने वीडियो को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। इसके बाद पिता-पुत्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
ग्रामीणों ने पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि मोबाइल चोरी का मामला पुलिस के संज्ञान में पहले से था। यदि पुलिस समय रहते मामले की जांच कर युवक से पूछताछ करती तो शायद पिता-पुत्र को कानून हाथ में लेकर इस तरह की कार्रवाई करने का मौका ही नहीं मिलता। हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई लापरवाही स्वीकार नहीं की गई है।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। गोकुल की तहरीर पर नौ अगस्त को मुकदमा दर्ज किया गया। एफआईआर में दोनों आरोपियों पर मारपीट, जान से मारने की धमकी, अपमानित करने समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई है।
पुलिस बोली, वीडियो सामने आते ही की कार्रवाई
थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
जमीन का सौदा भारी न पड़ जाए : लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से मिली हत्या की धमकी, रिपोर्ट दर्ज
Sun, Aug 9, 2026
फोन करने वाले ने खुद को गैंग का सदस्य बताया, पीड़ित के भाई व साथी को भी धमकाया
उन्नाव। नवाबगंज क्षेत्र में जमीन खरीदने को लेकर एक व्यक्ति को फोन पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि फोन करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए नवाबगंज और आसपास के गांवों में खरीदी गई जमीन छोड़ने की धमकी दी। ऐसा न करने पर पीड़ित के साथ उसके छोटे भाई और साथी को भी जान से मरवाने की बात कही गई। पीड़ित की तहरीर पर अजगैन पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नवाबगंज के वार्ड नंबर एक दुर्गा मंदिर रोड निवासी देवेन्द्र सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह नवाबगंज और आसपास के गांवों में जमीन खरीद चुका है। आरोप है कि नौ अगस्त को उसके मोबाइल पर एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने जमीनों को छोड़ने की बात कही। विरोध करने पर उसे जान से मरवाने की धमकी दी गई। पीड़ित के अनुसार, फोन करने वाले ने उसके छोटे भाई शिवेन्द्र सिंह और उसके साथ रहने वाले दिनेश कुमार को भी जान से मरवाने की धमकी दी। बातचीत के दौरान उसने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का व्यक्ति बताया। धमकी भरे फोन की कई रिकॉर्डिंग होने की बात भी पीड़ित ने पुलिस को बताई है।
परिवार में दहशत
देवेन्द्र ने पुलिस को बताया कि धमकी मिलने के बाद से वह और उसका परिवार काफी परेशान है। उसे आशंका है कि आरोपित उसके और उसके भाई व साथी के साथ कोई अप्रिय घटना कर सकता है। पीड़ित ने बताया कि वह डर के कारण घर से बाहर निकलने में भी असहज महसूस कर रहा है।
मोबाइल नंबर की जांच की मांग
पीड़ित ने पुलिस से धमकी देने वाले मोबाइल नंबर की जांच कर आरोपित के खिलाफ कार्रवाई करने और सुरक्षा दिलाने की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मोबाइल नंबर और उपलब्ध कराई गई रिकॉर्डिंग के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि धमकी देने वाला व्यक्ति वास्तव में किसी आपराधिक गिरोह से जुड़ा है या उसने डराने के लिए गिरोह का नाम लिया है।
इलाज के लिए परेशान था परिवार : अंकित सिंह परिहार ने बढ़ाया मदद का हाथ
Sun, Aug 9, 2026
बीमारी के साथ आर्थिक संकट से जूझ रहा था परिवार, मदद मिलने से इलाज की राह हुई आसान
उन्नाव। भगवंतनगर क्षेत्र के सुमेरपुर ब्लॉक के जालिमगंज गांव के कुतुबपुर निवासी चंद्रभान यादव गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। बीमारी के चलते उनके सामने इलाज कराने के साथ ही आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया था। ऐसे मुश्किल समय में समाजवादी पार्टी के नेता अंकित सिंह परिहार ने उनकी मदद के लिए आगे आते हुए उपचार की जरूरी आर्थिक व्यवस्था कराई। चंद्रभान की बीमारी और परिवार की आर्थिक स्थिति की जानकारी मिलने पर सपा नेता अंकित सिंह परिहार ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने इलाज में किसी तरह की आर्थिक परेशानी आड़े न आए, इसके लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया। इसके बाद चंद्रभान के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई। परिजनों के मुताबिक बीमारी के कारण चंद्रभान का इलाज लगातार चल रहा है। इलाज का खर्च बढ़ने से परिवार के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई थी। ऐसे में समय पर मिली मदद उनके लिए काफी राहत लेकर आई। परिवार ने सपा नेता अंकित सिंह परिहार का आभार जताते हुए कहा कि बीमारी के मुश्किल दौर में मिली सहायता से इलाज जारी रखने में सहूलियत होगी। अंकित सिंह परिहार ने कहा कि जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना सामाजिक जिम्मेदारी है। बीमारी किसी भी परिवार के लिए बेहद कठिन समय होता है और आर्थिक परेशानी के कारण किसी का इलाज प्रभावित न हो, इसके लिए हर संभव सहयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने चंद्रभान के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। सपा नेता की इस पहल की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इस तरह की मदद काफी मायने रखती है। समय पर मिलने वाला सहयोग न सिर्फ इलाज में सहारा बनता है, बल्कि पीड़ित परिवार का हौसला भी बढ़ाता है।