: यूपी फतेहपुर के आरके हॉस्पिटल में तोड़फोड़ और मारपीट, डॉक्टर से 2 लाख लूटने का आरोप!
Fri, Sep 12, 2025
यूपी फतेहपुर के आरके हॉस्पिटल में तोड़फोड़ और मारपीट, डॉक्टर से 2 लाख लूटने का आरोप!
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में अवंतीबाई चौराहा स्थित आरके हॉस्पिटल में हंगामे का मामला सामने आया है। नई किरण सेवा समिति के कोषाध्यक्ष रामजी राम की तहरीर पर पीयूष तिवारी, विपिन द्विवेदी, सोनू दलाल उर्फ गोलू समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।जानकारी के अनुसार, सराय अम्भैया गांव निवासी राधा देवी का सड़क हादसे में घायल होने के बाद 5 जुलाई को आरके हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 31 जुलाई को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनकी मौत हो गई।इसके अगले दिन 1 अगस्त को मृतका के पति कमलेश, पीयूष तिवारी, विपिन द्विवेदी और सोनू दलाल अपने 10–15 साथियों के साथ हॉस्पिटल पहुंचे और स्टाफ से मारपीट की। आरोप है कि कैंसर पीड़ित रवि नरेश को बुरी तरह पीटा गया और डॉ. रवि आनंद को जातिसूचक गालियां दी गईं। भीड़ ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और कैश काउंटर से जबरन 2 लाख रुपये निकाल लिए।साथ ही पीड़ित ने बताया कि लूट की रकम मृतका के पति कमलेश और पीयूष तिवारी ने आपस में बांट ली। साथ ही डॉक्टरों और उनके परिवार को धमकाया गया कि पुलिस में शिकायत की तो गंभीर अंजाम भुगतना पड़ेगा।घटना के बाद हॉस्पिटल प्रशासन और समिति के पदाधिकारी दहशत में हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी है। दोषी पर उचित कार्यवाही की जाएगी!
: फतेहपुर में ज़मीन खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी, महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज!
Fri, Sep 12, 2025
फतेहपुर में ज़मीन खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी, महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज!
दरअसल उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद की कोतवाली थाना क्षेत्र में ज़मीन के सौदे को लेकर धोखाधड़ी और धमकी देने का मामला सामने आया है। पटेल नगर चौराहा निवासी नेहा शर्मा पत्नी नंदराम शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।नेहा शर्मा ने बताया कि मार्च 2023 में उन्होंने मोटी मुगल रोड, तांबेश्वर चौराहे पर एक प्लॉट खरीदने के लिए राजेश सिंह निवासी कलक्टरगंज और मृत्युंजय सिंह निवासी तांबेश्वर नगर को 2 लाख 10 हज़ार रुपये बतौर बयाना दिए थे। जब रजिस्ट्री कराने की बात हुई तो दोनों आरोपियों ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। बाद में जांच में पता चला कि वह प्लॉट विवादित है। शिकायतकर्ता के पति ने जब पैसे वापस मांगे तो आरोप है कि आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। चौकी इंचार्ज की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ और 60 हज़ार रुपये वापस कर दिए गए। बाकी 1.5 लाख रुपये एक महीने के भीतर लौटाने का वादा किया गया, लेकिन अब तक रकम नहीं लौटाई गई। उल्टा जब भी पैसे मांगे जाते हैं तो गाली-गलौज और धमकी दी जाती है।पुलिस ने इस मामले में राजेश सिंह और मृत्युंजय सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 352 और 351(2) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है!
: जिला अस्पताल गेट पर कार हादसा, टक्कर के बाद लगी आग
Fri, Sep 12, 2025
लेखपाल दीपेंद्र तिवारी घायल, भर्ती
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। सदर कोतवाली क्षेत्र के जिला महिला अस्पताल गेट पर गुरुवार रात बड़ा हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सीधे अस्पताल गेट से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और कुछ ही देर में उसमें आग भड़क गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि चालक उसे संभाल नहीं पाया। टक्कर होते ही जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास खड़े लोग दहशत में आ गए। हादसे की आवाज सुनकर अस्पताल परिसर में मौजूद मरीज और उनके परिजन बाहर निकल आए।
अफरा-तफरी
का
माहौल
अचानक हुई इस घटना से अस्पताल परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मरीज, तीमारदार और आसपास के लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार सीधी गेट से टकराई और टक्कर के कुछ ही पल बाद उसमें धुआं उठने लगा। लोगों में डर और घबराहट का आलम ऐसा था कि कई लोग सुरक्षित जगह ढूंढने लगे। बच्चों और महिलाओं को परिवार के लोग तुरंत अस्पताल भवन के अंदर ले गए। घटनास्थल पर कुछ देर तक चीख-पुकार और शोरगुल मचा रहा।
दमकल
विभाग
की
कार्रवाई
स्थानीय लोगों ने फायर स्टेशन को तुरंत सूचना दी और आग बुझाने का प्रयास भी किया। थोड़ी देर में दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
दमकलकर्मियों ने पानी की बौछारों से कार को ठंडा किया और आसपास खड़े लोगों को पीछे हटाया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ देर तक आसपास का माहौल धुएं से भर गया। समय रहते आग काबू में आ जाने से बड़ा हादसा टल गया।
लेखपाल
घायल
,
अस्पताल
में
भर्ती
कार चला रहे युवक की पहचान दीपेंद्र तिवारी के रूप में हुई। वह उन्नाव सदर तहसील में लेखपाल के पद पर तैनात हैं। हादसे में वह घायल हो गए। मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकाला और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति स्थिर बताई है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि लोगों ने तुरंत साहस दिखाकर दीपेंद्र को बाहर न निकाला होता तो हादसा और गंभीर हो सकता था। फिलहाल डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार देखरेख कर रही है। परिवारजन को भी सूचना दे दी गई है।
जाम
और
परेशानियां
घटना के बाद अस्पताल गेट पर लंबे समय तक जाम जैसी स्थिति बनी रही। पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ हटाकर क्षतिग्रस्त कार को सड़क से हटवाया। इस दौरान अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी हुई। एंबुलेंस और अन्य वाहनों को गेट पर रोककर पुलिस ने स्थिति संभालने की कोशिश की। ट्रैफिक पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया ताकि जाम कम किया जा सके। करीब आधे घंटे बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका।
प्रशासनिक
अधिकारी
मौके
पर
पहुंचे
सूचना पाकर प्रशासनिक अधिकारी भी तुरंत जिला अस्पताल गेट पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारियों से पूरी जानकारी ली।
अधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन से बातचीत की और सुरक्षा इंतजामों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने उनसे अपनी समस्याएं भी साझा कीं।
स्थानीयों
की
मांग
आसपास के लोगों का कहना है कि अस्पताल गेट के पास तेज रफ्तार वाहन अक्सर निकलते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने प्रशासन से यहां स्पीड ब्रेकर लगाने और ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि कई बार इस इलाके में हादसे होते-होते बचे हैं। अस्पताल में रोज सैकड़ों मरीज आते हैं, ऐसे में यहां सुरक्षा इंतजाम पुख्ता होना जरूरी है। यदि प्रशासन जल्द कदम नहीं उठाता तो भविष्य में और बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।