: यूपी के हाथरस में भोजन नहीं दिया तो पड़ गई अपनी जान गवानी; युवक ने धारदार हथियार से कर दी थी वृद्ध की हत्या!
Wed, Sep 17, 2025
यूपी के हाथरस में भोजन नहीं दिया तो पड़ गई अपनी जान गवानी; युवक ने धारदार हथियार से कर दी थी वृद्ध की हत्या!
उत्तर प्रदेश हाथरस : दरअसल जनपद के चंदपा कोतवली क्षेत्र के गांव केवलगढ़ी में हुई वृद्ध की हत्या का राज खुल गया है, पुलिस ने हत्या करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है, उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया है, पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसे भोजन के बदले उस दिन गाली खाने को मिली थी, इसलिए उसे मौत के घाट उतार दिया. इस खुलासे के बाद गांव के लोग भी हैरान हैंजानकारी के मुताबिक, 13 सितंबर 2025 को हरिओम उपाध्याय पुत्र स्व. डोरीलाल उपाध्याय (75) निवासी गांव केवलगढ़ी, थाना चंदपा, जनपद हाथरस ने तहरीर पिता की हत्या की तहरीर दी थी, हरिओम उपाध्याय ने तहरीर में बताया कि पिता डोरीलाल उपाध्याय की ट्यूबवेल पर सोते समय हत्या कर दी गई. शव वहीं खेत पर पड़ा मिला था. चंदपा कोतवली में यह मुकदमा दर्ज किया गया थापुलिस अधीक्षक हाथरस और अपर पुलिस अधीक्षक हाथरस द्वारा घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके पर पहुंचकर फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया गया. पुलिस अधीक्षक ने हत्याकांड के खुलासे के लिए सीओ सादाबाद के लीडरशिप में टीमों का गठन किया.एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा द्वारा गठित टीमों के प्रयास से 16 सितंबर 2025 को एंटी थेफ्ट टीम और थाना चंदपा पुलिस की संयुक्त कार्रावई में डोरीलाल की हत्या करने वाले अभियुक्त किशनपाल कश्यप उर्फ किस्सू पुत्र स्व. श्रीपाल कश्यप निवासी, गांव केवलगढ़ी, कोतवली चंदपा को नगला भुस तिराहे के पास से गिरफ्तार किया गया, इसकी निशादेही से हत्या में इस्तेमाल लोहे का बल्लम बरामद हुआ अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया की डोरीलाल (75) की 12/13 सितंबर को केवलगढ़ी में धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी. 16 सितंबर को अभियुक्त किशनपाल निवासी केवलगढ़ी को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने बताया कि वह डोरीलाल को बचपन से जानता था.वह उनके खेत की रखवाली करता था, जिसके बदले वह पैसा नहीं देते थे, सिर्फ खाना ही देते थे. उस रात उसने उनसे खाना मांगा तो वह गाली-गलौज करने लगे. तब उसने गुस्से में आकर बल्लम से उनकी हत्या कर दी, अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है!
: सात साल में ही बेकार हुआ 62 करोड़ का गंगा पुल
Wed, Sep 17, 2025
बीघापुर-कानपुर को जोड़ने वाला मार्ग पूरी तरह कटा, पीडब्ल्यूडी ने बंद कराया आवागमन
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। बीघापुर तहसील को कानपुर के महराजपुर से जोड़ने वाला गंगा नदी पर बना पुल सात साल में ही अनुपयोगी हो गया। रविवार को पहुंच मार्ग नदी में समा जाने के बाद पीडब्ल्यूडी ने पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया।
वर्ष 2018 में 62.91 करोड़ की लागत से एक किमी लंबा पुल तैयार हुआ था। शुरुआत से ही कानपुर छोर की ओर नदी का रुख बदलने लगा और डोमनपुरवा गांव के पास रेत जमने लगी। नतीजतन पुल के नीचे आधे हिस्से में पानी का बहाव रुक गया और दूसरी तरफ कटान तेज हो गया। तीन साल पहले ही बीघापुर की तरफ का पहुंच मार्ग बह गया था, जिसमें किसानों की करीब 100 बीघा जमीन भी नदी में समा गई थी। तब पीडब्ल्यूडी ने अस्थायी वैकल्पिक रास्ता बनाकर केवल पैदल और दोपहिया वाहनों को राहत दी थी।
कटान रोकने के उपाय अधूरे
2021 में शासन ने अप्रोच रोड दोबारा बनाने के लिए 4.20 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। तकनीकी टीम ने पुल से 500 मीटर की दूरी पर दोनों किनारों पर मजबूत कंक्रीट की दीवार (बंड वॉल) बनाने का सुझाव दिया था। इस पर करीब 30 करोड़ की लागत आती, लेकिन बजट न मिलने से काम अधर में लटक गया।
आईआईटी की सलाह – पुल की लंबाई बढ़ाई जाए
इधर, मार्च 2025 में पीडब्ल्यूडी ने बनारस आईआईटी की टीम से सर्वे कराया। प्रोफेसर पीके दीक्षित की रिपोर्ट में बताया गया कि गंगा की धारा कभी उन्नाव की ओर और कभी कानपुर की ओर कटान करती है। ऐसे में पुल को सुरक्षित रखने के लिए इसकी लंबाई एक किलोमीटर और बढ़ानी होगी।
पीडब्ल्यूडी एक्सईएन हरदयाल अहिरवार ने बताया कि बीघापुर की तरफ की अप्रोच रोड कटने के बाद अब कानपुर छोर डोमनपुरवा गांव के पास भी सड़क कट रही है। इससे पुल बंद करना पड़ा। बनारस आईआईटी की रिपोर्ट के आधार पर पुल की लंबाई बढ़ाने के लिए सेतु निगम से एस्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। उच्चाधिकारियों की स्वीकृति और बजट मिलने के बाद काम शुरू होगा।
: शहर की घनी बस्ती में कबाड़ी तार जलाकर फैला रहे ज़हर
Tue, Sep 16, 2025
नगर पालिका, प्रदूषण विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। शहर की घनी आबादी वाले एबी नगर मोहम्मदिया मस्जिद नाला रोड क्षेत्र के लोग इन दिनों जहरीले धुएं से बेहाल हैं। एबी नगर इलाके में अवैध रूप से कबाड़ का काम चल रहा है। कबाड़ का काम करने वाले लोग आए दिन बिजली के तार और प्लास्टिक सामग्री जलाकर तांबा निकालने का काम कर रहे हैं। इससे उठने वाला जहरीला धुआं पूरे इलाके में फैल जाता है और घरों के अंदर तक पहुंचकर लोगों का जीना मुश्किल कर देता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। कई लोग सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और खांसी जैसी शिकायतों से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक लंबे समय तक ऐसे धुएं के संपर्क में रहना गंभीर फेफड़ों की बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।
प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि तार और कचरा जलाने पर नगर पालिका की ओर से जुर्माने का प्रावधान है, इसके बावजूद खुलेआम यह धंधा चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि न तो नगर पालिका और न ही प्रदूषण विभाग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। धुआं इतना घना होता है कि खिड़की-दरवाजे बंद करने के बाद भी वह घरों में घुस जाता है। महिलाएं और बच्चे पूरे दिन धुएं में रहने को मजबूर हैं।
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बड़ा सवाल
लोग पूछ रहे हैं कि आखिर प्रशासन और प्रदूषण विभाग की नज़र इस गंदे धंधे पर क्यों नहीं पड़ती। नगर पालिका नियम के मुताबिक कूड़ा या तार जलाने पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन हकीकत यह है कि जहरीले धुएं से पूरा मोहल्ला हलकान है और जिम्मेदार विभाग चुप्पी साधे बैठे हैं।
स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि तुरंत छापेमारी कर इस खतरनाक काम को रोका जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।