: उन्नाव में रिश्वतखोर महिला लेखपाल रंगे हाथ गिरफ्तार
Fri, Sep 12, 2025
किसान की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। पुरवा तहसील में शुक्रवार को एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की। महिला लेखपाल ममता प्रजापति को किसान से 50 हजार रुपये लेते समय रंगे हाथ दबोच लिया गया। जमीन का काम कराने के लिए रिश्वत मांगी जा रही थी। किसान श्रीराम ने लखनऊ एंटी करप्शन कार्यालय में शिकायत की थी। जांच के बाद जाल बिछाकर टीम ने यह कार्रवाई की। कार्रवाई की खबर फैलते ही तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। लोगों के बीच इस घटना पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। अधिकारियों ने तुरंत गिरफ्तारी की पुष्टि की।
जमीन कामर्शियल कराने के नाम पर मांगे थे रुपये
मोहिनीखेड़ा गांव निवासी किसान श्रीराम की तीन बिस्वा भूमि अकोहरी-मौरावां मार्ग किनारे कोरटगंज गांव के पास है। वह इस भूमि को कामर्शियल कराना चाहता था, लेकिन प्रक्रिया लंबे समय से अटकी हुई थी। श्रीराम का आरोप है कि काफी प्रयास के बाद क्षेत्रीय लेखपाल ममता प्रजापति ने उससे 75 हजार रुपये की मांग की। किसान ने इतनी रकम देने से हाथ खड़े कर दिए। लेकिन काफी समय तक काम रुका रहने पर उसने बातचीत कर समझौता किया। आखिर में 50 हजार रुपये पर सौदा तय हुआ। इसके बाद किसान ने बेटे अवधेश के साथ एंटी करप्शन कार्यालय में शिकायत की। टीम ने जांच की तो मामला सही पाया गया।
शिकायत के बाद रची गई योजना
शिकायत की पुष्टि होते ही एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई की तैयारी शुरू की। शुक्रवार अपराह्न श्रीराम का बेटा अवधेश नकदी लेकर तहसील कार्यालय पहुंचा। योजना के मुताबिक जैसे ही उसने महिला लेखपाल को 50 हजार रुपये दिए, टीम सतर्क हो गई। महिला लेखपाल ने जैसे ही रकम पकड़ी, टीम ने उसे पकड़ लिया। पूरी रकम बरामद कर लेखपाल को हिरासत में ले लिया गया। कार्रवाई के दौरान पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। टीम ने तुरंत उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी।इसके बाद लेखपाल को मौरावां थाने ले जाया गया।
तहसील में खलबली, विरोध पर भी सख्ती
कार्रवाई की जानकारी होते ही तहसील परिसर में खलबली मच गई। कुछ लोगों ने विरोध करते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया।एंटी करप्शन टीम ने सभी को चेतावनी दी कि कार्रवाई में बाधा डालने पर वे भी जद में आ जाएंगे। चेतावनी के बाद माहौल शांत हो गया और लोग पीछे हट गए। कार्रवाई के बाद कार्यालय के कर्मचारी खामोश दिखाई दिए। घटना के बाद तहसील में माहौल तनावपूर्ण बना रहा। लेखपाल को थाने भेजा गया। मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया देर शाम तक चलती रही।
: यूपी फतेहपुर के आरके हॉस्पिटल में तोड़फोड़ और मारपीट, डॉक्टर से 2 लाख लूटने का आरोप!
Fri, Sep 12, 2025
यूपी फतेहपुर के आरके हॉस्पिटल में तोड़फोड़ और मारपीट, डॉक्टर से 2 लाख लूटने का आरोप!
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में अवंतीबाई चौराहा स्थित आरके हॉस्पिटल में हंगामे का मामला सामने आया है। नई किरण सेवा समिति के कोषाध्यक्ष रामजी राम की तहरीर पर पीयूष तिवारी, विपिन द्विवेदी, सोनू दलाल उर्फ गोलू समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।जानकारी के अनुसार, सराय अम्भैया गांव निवासी राधा देवी का सड़क हादसे में घायल होने के बाद 5 जुलाई को आरके हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 31 जुलाई को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनकी मौत हो गई।इसके अगले दिन 1 अगस्त को मृतका के पति कमलेश, पीयूष तिवारी, विपिन द्विवेदी और सोनू दलाल अपने 10–15 साथियों के साथ हॉस्पिटल पहुंचे और स्टाफ से मारपीट की। आरोप है कि कैंसर पीड़ित रवि नरेश को बुरी तरह पीटा गया और डॉ. रवि आनंद को जातिसूचक गालियां दी गईं। भीड़ ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और कैश काउंटर से जबरन 2 लाख रुपये निकाल लिए।साथ ही पीड़ित ने बताया कि लूट की रकम मृतका के पति कमलेश और पीयूष तिवारी ने आपस में बांट ली। साथ ही डॉक्टरों और उनके परिवार को धमकाया गया कि पुलिस में शिकायत की तो गंभीर अंजाम भुगतना पड़ेगा।घटना के बाद हॉस्पिटल प्रशासन और समिति के पदाधिकारी दहशत में हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी है। दोषी पर उचित कार्यवाही की जाएगी!
: फतेहपुर में ज़मीन खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी, महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज!
Fri, Sep 12, 2025
फतेहपुर में ज़मीन खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी, महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज!
दरअसल उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद की कोतवाली थाना क्षेत्र में ज़मीन के सौदे को लेकर धोखाधड़ी और धमकी देने का मामला सामने आया है। पटेल नगर चौराहा निवासी नेहा शर्मा पत्नी नंदराम शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।नेहा शर्मा ने बताया कि मार्च 2023 में उन्होंने मोटी मुगल रोड, तांबेश्वर चौराहे पर एक प्लॉट खरीदने के लिए राजेश सिंह निवासी कलक्टरगंज और मृत्युंजय सिंह निवासी तांबेश्वर नगर को 2 लाख 10 हज़ार रुपये बतौर बयाना दिए थे। जब रजिस्ट्री कराने की बात हुई तो दोनों आरोपियों ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। बाद में जांच में पता चला कि वह प्लॉट विवादित है। शिकायतकर्ता के पति ने जब पैसे वापस मांगे तो आरोप है कि आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। चौकी इंचार्ज की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ और 60 हज़ार रुपये वापस कर दिए गए। बाकी 1.5 लाख रुपये एक महीने के भीतर लौटाने का वादा किया गया, लेकिन अब तक रकम नहीं लौटाई गई। उल्टा जब भी पैसे मांगे जाते हैं तो गाली-गलौज और धमकी दी जाती है।पुलिस ने इस मामले में राजेश सिंह और मृत्युंजय सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 352 और 351(2) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है!