शेयर बाजार में निवेश का झांसा : मुनाफे का लालच देकर खाते से उड़ाए 81 हजार रुपये
Fri, Dec 26, 2025
शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज, साइबर हेल्प डेस्क जांच में जुटी
उन्नाव। सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला तालिब सरांय में रहने वाली एक महिला के साथ ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि 11 से 20 नवंबर के बीच उसके बैंक खाते से कुल 81 हजार 789 रुपये की रकम धोखाधड़ी से निकाल ली गई। पीड़ित महिला अशर काविश के अनुसार 11 नवंबर को उसके मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। कॉल करने वाली महिला ने अपना नाम मुस्कान बताते हुए खुद को एक नामी ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताया। बातचीत के दौरान महिला ने शेयर बाजार में निवेश कर मुनाफा कमाने का झांसा दिया और भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में एक ट्रेडिंग एप के जरिए डिमैट अकाउंट खुलवाया। पीड़िता का कहना है कि शुरुआती कुछ दिनों में एप के माध्यम से ट्रेडिंग करवाई गई, जिसमें उसे मुनाफा भी दिखाया गया। प्रॉफिट के नाम पर करीब 40 प्रतिशत हिस्सा मिलने से उसे कॉल करने वाली महिला पर पूरा भरोसा हो गया। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए ठग ने एक और एप्लिकेशन डाउनलोड करने को कहा। जैसे ही महिला ने बताए गए एप्लिकेशन को अपने मोबाइल में डाउनलोड किया, उसी दौरान उसके बैंक खाते से 81 हजार 789 रुपये कट गए। खाते से पैसे निकलने का मैसेज आते ही महिला ने तुरंत फोन कर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कॉल करने पर नंबर बंद जाने लगा। इसके बाद महिला को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ। घटना के बाद पीड़िता ने सदर कोतवाली पहुंचकर पूरे मामले की तहरीर दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर हेल्प डेस्क की टीम को जांच में लगाया गया है। ठगों की पहचान और रकम की रिकवरी के प्रयास किए जा रहे हैं। शहर कोतवाल ने आम लोगों से अपील की है कि अनजान कॉल, लिंक या एप्लिकेशन के झांसे में न आएं। ऑनलाइन ट्रेडिंग या निवेश से जुड़े किसी भी ऑफर को स्वीकार करने से पहले उसकी पूरी जानकारी और प्रमाणिकता जरूर जांच लें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।
उन्नाव में देर रात एनकाउंटर : नौ मुकदमों वाला चोर दबोचा गया
Thu, Dec 25, 2025
फायरिंग में घायल हुआ शातिर चोर, कई थानों में दर्ज हैं मुकदमे
उन्नाव। जिले में सक्रिय चोरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार रात असोहा पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी। संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के बाद एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। मुठभेड़ में बदमाश के बाएं पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार देर रात असोहा थाना क्षेत्र के भल्लाफार्म से कालूखेड़ा मार्ग पर जंगलीखेड़ा नहर पुलिया के पास संदिग्ध लोगों और वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक पैशन प्रो मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक वहां पहुंचे। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया तो बाइक सवार घबरा गए और अचानक फायरिंग करते हुए भागने लगे।स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में वह सड़क पर गिर पड़ा, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर मौके पर ही पकड़ लिया। उसका साथी अंधेरे और झाड़ियों का सहारा लेकर फरार हो गया। गिरफ्तार बदमाश की पहचान शेरा उर्फ गोलू उम्र करीब 26 वर्ष, निवासी रउकरना थाना माखी जनपद उन्नाव के रूप में हुई है। फिलहाल वह दही थाना क्षेत्र के औद्योगिक इलाके में रह रहा था। पूछताछ में उसने जिले के अलग अलग थाना क्षेत्रों में चोरी की कई वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से चोरी के दो बोरे पीतल के घंटे बरामद किए, जिनका कुल वजन लगभग डेढ़ क्विंटल बताया जा रहा है। इसके अलावा एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई पैशन प्रो मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया कि शेरा उर्फ गोलू कोई नया नाम नहीं है। उसके खिलाफ औरास, बेहटामुजावर, फतेहपुर चौरासी, माखी, सफीपुर और असोहा थानों में चोरी के कुल नौ मुकदमे पहले से दर्ज हैं। लंबे समय से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। मुठभेड़ में घायल बदमाश को तुरंत उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र असोहा में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अलग अलग टीमें गठित कर दी हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में चोरी और अपराध की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। फरार बदमाश को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
करोड़ों की चमक फीकी : ईडी की कार्रवाई के बाद अब मारपीट केस में घिरा अनुराग द्विवेदी
Tue, Dec 23, 2025
अजगैन थाने में मुकदमा दर्ज, 7-8 अज्ञात युवकों की तलाश
उन्नाव। नवाबगंज इलाके से ताल्लुक रखने वाला अनुराग द्विवेदी, जो कुछ समय पहले तक सोशल मीडिया पर अपनी महंगी गाड़ियों, आलीशान पार्टियों और क्रिकेट प्रेडिक्शन को लेकर चर्चा में रहता था, अब एक के बाद एक मामलों में घिरता नजर आ रहा है। प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद जहां उसकी आर्थिक गतिविधियां जांच के दायरे में हैं, वहीं अब एक मारपीट का मामला सामने आने से उसकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
बस रोककर हंगामा, एफआईआर में थार का नंबर दर्ज
ताजा मामला 6 दिसंबर का बताया जा रहा है। अजगैन थाना क्षेत्र में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की एक बस छात्रों को लेकर जा रही थी। आरोप है कि रास्ते में एक थार गाड़ी ने बस को रुकवाया। थार से उतरे युवकों ने बस के अंदर घुसकर न सिर्फ हंगामा किया, बल्कि यूनिवर्सिटी के कोऑर्डिनेटर के साथ मारपीट भी की। पीड़ित को ऑर्डिनेटर की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। एफआईआर में साफ तौर पर यूपी 35 बीएम 0001 नंबर की थार का जिक्र है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह गाड़ी यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी के नाम पाई गई है। फिलहाल अजगैन पुलिस ने 7 से 8 अज्ञात युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
ईडी की कार्रवाई से पहले ही दबाव में था अनुराग
मारपीट की इस घटना से पहले ही अनुराग द्विवेदी पर ईडी का शिकंजा कस चुका है। पश्चिम बंगाल में दर्ज एक अवैध सट्टेबाजी मामले में उसे कई बार समन भेजे गए, लेकिन पेश न होने पर ईडी ने सख्त कदम उठाया। 19 दिसंबर को ईडी की टीम ने एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान 10 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की लग्जरी गाड़ियां जब्त की गईं। साथ ही बैंक खातों में जमा करीब 3 करोड़ रुपये की रकम को फ्रीज कर दिया गया। छापे के दौरान घर से लगभग 20 लाख रुपये नकद मिलने की भी पुष्टि हुई है। इसके अलावा मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई अहम दस्तावेज ईडी ने अपने कब्जे में लिए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
गांव से ग्लैमर तक का सफर
अनुराग द्विवेदी का नाम तब तेजी से उभरा, जब उसने फैंटेसी क्रिकेट और प्रेडिक्शन के जरिए सोशल मीडिया पर बड़ी फॉलोइंग बना ली। छोटे से गांव से निकलकर उसने खुद को एक सफल यूट्यूबर और प्रेडिक्शन एक्सपर्ट के तौर पर पेश किया। महंगी गाड़ियां, विदेश यात्राएं और लग्जरी लाइफस्टाइल उसके वीडियो का हिस्सा बन गईं। आरोप है कि इसी प्रेडिक्शन और सट्टेबाजी से जुड़े ऐप्स के जरिए उसने करोड़ों रुपये कमाए। बाद में वह दुबई शिफ्ट हो गया। 21 नवंबर को दुबई के एक क्लब में हुई उसकी भव्य शादी भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी, जिसने उसे फिर से सुर्खियों में ला दिया।
अब दोहरी जांच के घेरे में
फिलहाल अनुराग द्विवेदी का घर बंद पड़ा है और वह फरार बताया जा रहा है। एक तरफ ईडी उसकी आय और संपत्ति के स्रोतों की गहन जांच कर रही है, तो दूसरी तरफ अजगैन पुलिस मारपीट के मामले में कार्रवाई की तैयारी में जुटी है। कानूनी जानकारों की मानें तो यदि दोनों मामलों में आरोप साबित होते हैं, तो अनुराग के लिए आगे की राह आसान नहीं होगी। जिस युवक को कभी यूथ आइकॉन और लग्जरी लाइफस्टाइल का प्रतीक माना जाता था, वही अब कानून की सख्त नजरों में है। आने वाले दिनों में जांच क्या मोड़ लेती है, इस पर पूरे जिले की नजर बनी हुई है।