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: अमन-चैन के लिए स्थगित हुआ जुलूस-ए-गौसे-आज़म

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Fri, Oct 3, 2025
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शहर काज़ी का बड़ा फैसला, भाईचारे को दी प्राथमिकता

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

उन्नाव। 11वीं शरीफ पर निकलने वाला जुलूस-ए-गौसे-आज़म (जुलूस-ए-गौसिया) इस साल उन्नाव में आयोजित नहीं होगा। शहर काज़ी मौलाना नईम अहमद मिस्बाही ने हाल ही में बरेली के हालात को देखते हुए यह अहम फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अमन-चैन और भाईचारे से बढ़कर कोई चीज नहीं है, इसलिए इस बार जुलूस को मुल्तवी (स्थगित) करने का निर्णय लिया गया है। शुक्रवार को सुन्नी तंजीम अइम्मा-ए-मसाजिद और रूयत-ए-हिलाल कमेटी की संयुक्त बैठक जामा मस्जिद परिसर में हुई। बैठक में मौलाना इरफान खान बिराखी, मौलाना असलम मदनी, मौलाना शुऐब खान बिराखी, हाफिज बनवारी हसन, मौलाना मुशर्रफ हुसैन अज़ीमी समेत कई उलेमा और जिम्मेदार लोग मौजूद रहे। बैठक में शहर के जनप्रतिनिधि और सम्मानित लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभासद मेराजउद्दीन अहमद, सभासद आराफात बेग, सभासद फहाद सिद्दीकी, सभासद दिलशाद समेत अन्य गणमान्य शख्सियतों ने भी विचार-विमर्श में हिस्सा लिया।

उलेमा का संदेश

शहर काज़ी ने कहा कि 11वीं सब्र और आस्था का महीना है। जुलूस और मजलिसों में भाईचारा और अनुशासन बनाए रखना सबसे जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि अमन और सौहार्द हमारी पहली प्राथमिकता है। इसलिए इंशाअल्लाह, अगले साल यह जुलूस अपने पारंपरिक अंदाज और शानो-शौकत के साथ निकलेगा।

मौलाना असलम मदनी की अपील

गरीब नवाज़ फाउंडेशन के अध्यक्ष मौलाना असलम मदनी ने कहा कि मौजूदा हालात में शांति बनाए रखना सबसे जरूरी है। इस्लाम हमेशा सब्र और भाईचारे का पैग़ाम देता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और सामाजिक सौहार्द कायम रखने में सहयोग करें।

सपा नेता नियाज़ खान का बयान

सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष नियाज़ खान ने कहा कि जुलूस का न निकलना भले ही थोड़ा दुखद लगे, लेकिन अमन और भाईचारे से बढ़कर कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि उलेमा और जिम्मेदार लोगों ने जो फैसला लिया है, वह पूरी तरह समाज की भलाई के लिए है और हम सबको इसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने नौजवानों से अपील की कि वे शांति, सौहार्द और भाईचारे का संदेश आगे बढ़ाएं और हर हाल में सकारात्मक भूमिका निभाएं।

शांति और भाईचारे पर दिया जोर

बैठक मे उलेमाओं नें कहा कि ग्यारहवीं शरीफ़ के मौके पर घर-घर फातिहा ख्वानी और दुआओं का सिलसिला जारी रहेगा। उलेमा ने युवाओं से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और अमन, शांति और भाईचारे का पैग़ाम फैलाने में आगे आएं।

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