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शीतलहर में बच्चों की सेहत से खिलवाड़ : डीएम के आदेश के बाद भी निजी स्कूलों की मनमानी जारी

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Fri, Dec 19, 2025
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19 और 20 दिसंबर को अवकाश घोषित किया, फिर भी कई निजी स्कूलों में कक्षाएं जारी

उन्नाव। कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए जिलाधिकारी उन्नाव द्वारा जनपद के सभी विद्यालयों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे। इन निर्देशों के क्रम में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने भी आदेश जारी करते हुए कक्षा 01 से 05 तक के छात्र-छात्राओं के लिए 19 और 20 दिसंबर को अवकाश घोषित किया है। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। बीएसए के आदेश के अनुसार यह अवकाश परिषदीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त सभी विद्यालयों पर लागू है। इसके बावजूद कई निजी स्कूलों द्वारा आदेशों को नजरअंदाज कर कक्षाएं संचालित किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। सुबह के समय घने कोहरे और तेज ठंड में छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल बुलाया जा रहा है, जिससे अभिभावकों में नाराजगी और चिंता दोनों बढ़ गई हैं।

बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रही लापरवाही

अभिभावकों का कहना है कि ठंड के इस मौसम में बच्चों को घर से बाहर निकालना ही जोखिम भरा है। सर्दी-खांसी, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बना हुआ है, ऐसे में स्कूलों की यह जिद बच्चों की सेहत पर भारी पड़ सकती है। कई अभिभावकों ने आरोप लगाया कि अवकाश के बावजूद स्कूल प्रबंधन उपस्थिति और पढ़ाई का हवाला देकर बच्चों को आने के लिए बाध्य कर रहा है।

आदेश स्पष्ट, फिर भी अमल पर संदेह

जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेशों के बाद भी यदि निजी विद्यालय मनमानी कर रहे हैं, तो यह प्रशासनिक निर्देशों के सम्मान पर सवाल खड़े करता है। आमजन का कहना है कि आदेश केवल जारी करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उनका सख्ती से पालन कराना भी जरूरी है। यदि उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई नहीं होती, तो भविष्य में ऐसे आदेश केवल औपचारिक बनकर रह जाएंगे।

कार्रवाई की उम्मीद

लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आदेशों की अवहेलना करने वाले निजी विद्यालयों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कदम उठाए जाएं। इससे न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि प्रशासनिक आदेशों की विश्वसनीयता भी बनी रहेगी। फिलहाल यह मुद्दा शहर और ग्रामीण इलाकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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