उत्तम हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द : दुष्कर्म और हत्या के आरोपी देवकांत के अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Wed, Jun 10, 2026
नोटिस का जवाब न देने पर सीएमओ ने किया पंजीकरण निरस्त; आज कोर्ट में पेश होगा आरोपी
उन्नाव। अस्पताल में काम करने वाली युवती से दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, जबरन गर्भपात और बाद में हत्या के सनसनीखेज मामले में जेल भेजे गए मुख्य आरोपी देवकांत उत्तम के अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर के चर्चित उत्तम हॉस्पिटल का पंजीकरण मंगलवार को निरस्त कर दिया गया। अस्पताल देवकांत की पत्नी मोनिका उत्तम के नाम पर पंजीकृत था। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई उस जांच के बाद हुई, जिसमें अस्पताल संचालन से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अस्पताल में न तो कोई नियमित डॉक्टर मिला और न ही प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद था। इसके अलावा अस्पताल संचालन से जुड़े आवश्यक मानकों का भी पालन नहीं पाया गया। दरअसल, बीते शुक्रवार को एसीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार ने उत्तम हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान कई खामियां मिलने पर अस्पताल को नोटिस जारी करते हुए अस्थायी रूप से बंद करा दिया गया था। अस्पताल प्रबंधन को तीन दिन के भीतर अपना पक्ष रखने और कमियों का जवाब देने का मौका दिया गया था, लेकिन तय समय सीमा के भीतर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद सीएमओ डॉ. अजय कुमार शर्मा ने अस्पताल का पंजीकरण निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि जिले में संचालित अन्य निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की भी जांच कराई जाएगी। जहां भी नियमों का उल्लंघन या लापरवाही मिलेगी, वहां कड़ी कार्रवाई की जाएगी।गौरतलब है कि उत्तम हॉस्पिटल के संचालक देवकांत उत्तम पर अस्पताल में कार्यरत एक युवती का लंबे समय तक शारीरिक शोषण करने का आरोप है। आरोप है कि उसने युवती के फोटो और वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया, कई बार जबरन संबंध बनाए और गर्भपात भी कराया। पीड़िता द्वारा पुलिस से शिकायत किए जाने के बाद उसके अपहरण और हत्या का मामला भी सामने आया, जिसके बाद यह प्रकरण प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया।
आज सीजेएम कोर्ट में होगी पेशी
दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, गर्भपात और हत्या के मामले में आरोपी देवकांत उत्तम को बुधवार को उन्नाव की सीजेएम अदालत में पेश किया जाएगा। उन्नाव सदर कोतवाली पुलिस ने आरोपी से पूछताछ और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए न्यायालय से बी-वारंट प्राप्त किया था। अदालत ने आरोपी को 10 जून को पेश करने का आदेश दिया था। आदेश के अनुपालन में कानपुर पुलिस उसे उन्नाव न्यायालय लेकर आएगी। सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्र के अनुसार पुलिस ने न्यायालय से यह भी अनुरोध किया है कि आवश्यक पूछताछ और कानूनी कार्रवाई पूरी होने तक आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में उन्नाव जेल में रखा जाए। आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।
Tags :
Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन