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उन्नाव के अशोक दीक्षित समेत पांच शराब कारोबारी घोषित शराब माफिया : टपरी डिस्टलरी घोटाले में फिर कसा शिकंजा

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Wed, Jun 10, 2026
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गैंगस्टर और संपत्ति जब्तीकरण के बाद माफिया सूची में शामिल किए गए नाम

उन्नाव। सहारनपुर की टपरी स्थित शराब फैक्ट्री कोऑपरेटिव कंपनी लिमिटेड में सामने आए बहुचर्चित टैक्स चोरी और अवैध शराब कारोबार प्रकरण में एक बार फिर कार्रवाई तेज हो गई है। गैंगस्टर और संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई के बाद अब पुलिस ने गिरोह से जुड़े पांच कारोबारियों को शराब माफिया घोषित कर उनके खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इनमें उन्नाव के गांधीनगर निवासी अशोक दीक्षित का नाम भी शामिल है। थाना बारादरी पुलिस की रिपोर्ट पर ग्रीन पार्क निवासी मनोज जायसवाल, फतेहगंज पश्चिमी के बेहटा निवासी संजय कुमार, इज्जतनगर के न्यू ब्रजलाल नगर निवासी अजय जायसवाल, उन्नाव के गांधीनगर निवासी अशोक दीक्षित तथा आजमगढ़ के शिवपुरम गढ़वान निवासी अरुण कुमार पांडेय को शराब माफिया घोषित किया गया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह संगठित रूप से अवैध शराब तस्करी और उससे जुड़े अपराधों के माध्यम से आर्थिक लाभ अर्जित कर रहा था। रिकॉर्ड के अनुसार मनोज जायसवाल के खिलाफ गैंगस्टर समेत चार मुकदमे दर्ज हैं, जबकि अशोक दीक्षित के खिलाफ गैंगस्टर सहित तीन मामले दर्ज बताए गए हैं। वहीं अरुण कुमार पांडेय और संजय कुमार पर भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। मार्च 2021 में सहारनपुर स्थित टपरी डिस्टलरी से बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी और शराब की अवैध निकासी का मामला उजागर हुआ था। आरोप था कि आबकारी अधिकारियों, शराब कारोबारियों और फैक्ट्री प्रबंधन की मिलीभगत से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया। मामले में सहारनपुर, बरेली के बारादरी और कानपुर में मुकदमे दर्ज हुए थे। बाद में इसकी जांच लखनऊ एसआईटी को सौंप दी गई थी। जांच के दौरान कुल 27 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। गिरोह का सरगना दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर निवासी प्रणय अनेजा को बनाया गया था। जांच में फैक्ट्री के अधिकारियों, कर्मचारियों, ट्रांसपोर्टरों, शराब कारोबारियों और आबकारी विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी सामने आई थी। इसी कड़ी में उन्नाव निवासी अशोक दीक्षित का नाम भी गिरोह के सक्रिय सदस्यों में शामिल किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों की आर्थिक और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से माफिया सूची में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ आगे भी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्नाव निवासी अशोक दीक्षित का नाम दोबारा चर्चा में आने से जिले में भी इस कार्रवाई को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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