निर्माणाधीन मंदिर में घुसकर साधु की हत्या : बांगरमऊ में दिनदहाड़े वारदात से तनाव
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Wed, Jun 10, 2026
चाकू से गोदकर की गई हत्या, पांच नामजद समेत कई पर मुकदमा दर्ज

भजन, नशेड़ियों की आवाजाही और जमीन विवाद समेत हर एंगल पर जांच

उन्नाव। बांगरमऊ कस्बे में मंगलवार दोपहर एक ऐसी वारदात हुई जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। घूरे टोला मोहल्ले में निर्माणाधीन मंदिर की देखरेख कर रहे साधु मिलन सिंह उर्फ मिलनदास (60) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। घटना दिनदहाड़े हुई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। मिलनदास पिछले कई महीनों से अपने घर के पास बन रहे एक मंदिर के निर्माण कार्य में जुटे थे। स्थानीय लोगों के सहयोग से मंदिर बनवाया जा रहा था और वह उसकी देखरेख भी करते थे। मंगलवार दोपहर खाना खाने के बाद वह रोज की तरह निर्माणाधीन मंदिर के पास बनी झोपड़ी में पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ युवक वहां पहुंचे और उन पर हमला कर दिया। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने मिलनदास पर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए। पीठ समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े। स्थानीय सभासद अतीक और अन्य लोगों ने घायल साधु को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हत्या की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। माहौल तनावपूर्ण हो गया और गुस्साए लोगों ने उन्नाव-हरदोई मार्ग पर जाम लगाने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई। मृतक के बड़े भाई वीरेंद्र की तहरीर पर मोहम्मद इसराइल, सफी, शानू, यामीन और लल्ली समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है। जांच के दौरान पुलिस के सामने कई संभावित कारण उभरकर आए हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि मंदिर परिसर के आसपास अक्सर भजन-कीर्तन और लाउडस्पीकर पर धार्मिक कार्यक्रम होते थे, जिसे लेकर कुछ लोग नाराज रहते थे। हालांकि पुलिस अभी इस पहलू की पुष्टि नहीं कर रही है और इसे जांच का एक बिंदु मानकर आगे बढ़ रही है। एक अन्य पहलू नशे से जुड़ा भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि जिस झोपड़ी में साधु रहते थे, वहां कुछ लोगों का आना-जाना लगा रहता था। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किसी विवाद, नशे से जुड़े विवाद या किसी अन्य व्यक्तिगत रंजिश ने तो हत्या की पृष्ठभूमि तैयार नहीं की। जमीन विवाद की संभावना को भी पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है। पुलिस को जांच में पता चला है कि जिस जमीन पर मंदिर का निर्माण कराया जा रहा था, वह पैतृक संपत्ति से जुड़ी हुई है। परिवार के विभिन्न सदस्यों में हिस्सेदारी होने और जमीन के कुछ हिस्सों के अलग-अलग लोगों को बेचे जाने की चर्चाएं भी सामने आई हैं। हालांकि मृतक के भाई का कहना है कि मंदिर की जमीन को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं था और मिलनदास की किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी भी नहीं थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस, क्षेत्राधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्षेत्रीय विधायक श्रीकांत कटियार ने भी घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर जानकारी ली तथा पुलिस अधिकारियों को जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के खुलासे के निर्देश दिए।मिलनदास का नाम बांगरमऊ के प्रसिद्ध बोधेश्वर मंदिर से भी जुड़ा रहा है। वह लंबे समय तक वहां सेवा और पूजा-अर्चना का कार्य करते रहे। दिलचस्प बात यह है कि यह पहला मौका नहीं है जब उनका नाम किसी हिंसक घटना से जुड़ा हो। वर्ष 2013 में बोधेश्वर मंदिर में हुए एक हमले में वह गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस घटना में एक अन्य सेवादार की बाद में मौत हो गई थी। इसके बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा बढ़ाई गई थी। वर्ष 2023 में भी बोधेश्वर मंदिर में एक व्यक्ति द्वारा श्रद्धालुओं पर हमला किए जाने की घटना हुई थी। उस समय भी मिलनदास मंदिर से जुड़े हुए थे और घटनाक्रम के प्रत्यक्ष गवाहों में शामिल थे। फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे की असली वजह तलाशने में जुटी है। भजन-कीर्तन को लेकर नाराजगी, आपसी रंजिश, जमीन का विवाद, नशे से जुड़े विवाद या कोई अन्य कारण, सभी संभावित बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने बांगरमऊ में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और मामले के निष्पक्ष खुलासे की मांग कर रहे हैं।
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