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वकी रशीद बोले- 'कलम की आवाज दबाना लोकतंत्र को खतरे में डालना'

ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में AIMIM उतरी, वकीलों के आंदोलन को दिया समर्थन

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*ई-रजिस्ट्री के विरोध में वकीलों के साथ AIMIM, : वकी रशीद बोले- 'कलम की आवाज दबाना लोकतंत्र को खतरे में डालना'

आलम वारसी 2

Thu, Jun 25, 2026
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मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाली ई-रजिस्ट्री व्यवस्था और रजिस्ट्री कार्यालय का काम निजी संस्थाओं को सौंपे जाने के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार जारी है। इस आंदोलन को अब AIMIM का भी समर्थन मिल गया है।

बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी, मुरादाबाद के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन में AIMIM के प्रदेश सचिव वकी रशीद एडवोकेट शामिल हुए। पार्टी के प्रदेश सचिव वकी रशीद ने कहा कि वे बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी और प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के निर्देश पर, जिला अध्यक्ष और आमिर एडवोकेट के साथ समर्थन देने पहुंचे हैं।

उन्होंने कहा कि जब भी कलम की आवाज, अधिवक्ता की आवाज को दबाया जाएगा तो समझ लीजिए लोकतंत्र खतरे में है। वकीलों की आवाज को कोई दबा नहीं सकता। इस देश को वकीलों ने ही आजाद कराया था। जो लोग समझ रहे हैं कि वे अधिवक्ताओं पर गैर जरूरी काले कानून लाकर दिखा देंगे, याद रखिए हुकूमत उखाड़ कर फेंक दी जाएगी।

आंदोलनकारियों की मांग है कि सरकार प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस ले। उनका कहना है कि यह व्यवस्था न तो आम जनता के हित में है और न ही अधिवक्ताओं के। AIMIM ने भी जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर वकीलों की मांगों का समर्थन किया।

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