संत मिलनदास हत्याकांड : एक लाख का इनामी इसराइल पुलिस मुठभेड़ में ढेर
Mon, Jun 15, 2026
जवाबी कार्रवाई में दरोगा की जान बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई, एसओजी सिपाही घायल
उन्नाव। बांगरमऊ के चर्चित बाबा मिलनदास हत्याकांड में सोमवार तड़के बड़ा घटनाक्रम सामने आया। हत्या के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश इसराइल उर्फ इजराइल पुत्र शकुर निवासी मोहल्ला पूर्विया टोला, कस्बा व थाना बांगरमऊ की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक सोमवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे थाना बांगरमऊ पुलिस और एसओजी टीम आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि बाबा मिलनदास हत्याकांड का वांछित आरोपी इजराइल ताजपुर अंडरपास के पास मौजूद है और अपने एक साथी का इंतजार कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस का कहना है कि घिरता देख आरोपी को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन उसने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान चली एक गोली उपनिरीक्षक न्यूटन कुमार सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी। जैकेट होने के कारण उनकी जान बच गई। वहीं एसओजी टीम के आरक्षी विकास भदौरिया के हाथ में गोली लगने से वह घायल हो गए।इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान लगी गोली से इसराइल गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांगरमऊ लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके से एक तमंचा, .315 बोर के दो खोखा कारतूस और हत्या में इस्तेमाल किए जाने की आशंका वाला एक चाकू बरामद किया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। गौरतलब है कि 9 जून को बांगरमऊ के घूरेटोला मोहल्ले में निर्माणाधीन मंदिर के पास संत बाबा मिलनदास की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था। लोगों ने बांगरमऊ-हरदोई मार्ग पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन भी किया था। हत्या के बाद पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने इसराइल, यामीन, शानू, मोहम्मद शफी और लल्ली उर्फ अजय गौतम समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने यामीन, शफी, लल्ली उर्फ अजय गौतम और अली मोहम्मद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं मुख्य आरोपी इसराइल और शानू लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस ने इजराइल की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था और उसकी तलाश में कई टीमें लगाई गई थीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुख्य आरोपी के मारे जाने के बाद भी मामले की जांच जारी रहेगी। फरार आरोपी शानू समेत अन्य कड़ियों को जोड़कर पूरे हत्याकांड की साजिश और घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।
सपा प्रचार यात्रा में बवाल : दो नेताओं के समर्थकों के बीच हाथापाई
Sun, Jun 14, 2026
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप, पुलिस कर रही जांच
उन्नाव। भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्र में रविवार को समाजवादी पार्टी की एक प्रचार रैली के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब दो स्थानीय नेताओं के काफिले में शामिल वाहन आपस में टकरा गए। मामूली टक्कर से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते समर्थकों के बीच कहासुनी और फिर हाथापाई तक पहुंच गया। घटना के बाद कुछ देर के लिए रैली का माहौल भी प्रभावित रहा। सपा नेता श्रीनारायण पाल के नेतृत्व में क्षेत्र में प्रचार रैली निकाली जा रही थी। रैली सुमेरपुर से शुरू होकर विभिन्न गांवों और कस्बों से गुजरते हुए आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान बिहार-बक्सर मार्ग पर भदेवरा गांव के पास जिला पंचायत सदस्य भूपेंद्र यादव और सपा नेता महेंद्र यादव के वाहनों की आपस में टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वाहन टकराने के बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच पहले बहस शुरू हुई। कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और समर्थक एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी, गालीगलौज और धक्का-मुक्की करने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन कुछ समय तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच पहले से भी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को लेकर खींचतान रही है। ऐसे में वाहन टकराने की घटना ने विवाद को और बढ़ा दिया। बताया जा रहा है कि दोनों नेता आगामी जिला पंचायत राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और समर्थकों के बीच भी मजबूत पकड़ रखते हैं। घटना की सूचना मिलने पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया। काफी समझाइश के बाद मामला शांत हुआ और रैली आगे बढ़ सकी। इस मामले में दोनों पक्षों ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है। पुलिस का कहना है कि तहरीरों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष राहुल सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों से शिकायत मिली है। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
साक्षी महाराज का अखिलेश पर हमला : कहा- अपराधियों के खिलाफ कड़ा रुख जारी
Sun, Jun 14, 2026
बांगरमऊ में साधु हत्या प्रकरण का भी किया जिक्र, कहा- अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूरी
उन्नाव। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा सत्ता में आने पर पुलिस एनकाउंटरों की जांच कराने संबंधी दिए गए बयान पर भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और जो लोग कानून का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना स्वाभाविक है। रविवार को गदनखेड़ा स्थित साक्षी धाम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि कानून का सम्मान करने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन जो लोग कानून को चुनौती देंगे, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। सांसद ने बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के उस बयान पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने सरकार बनने पर एनकाउंटर मामलों की जांच कराने की बात कही थी। साक्षी महाराज ने कहा कि जनता कानून व्यवस्था और सुरक्षा के मुद्दे पर अपना फैसला करती है और प्रदेश की जनता अपराध मुक्त वातावरण चाहती है। बांगरमऊ क्षेत्र में हाल ही में हुई साधु की हत्या के मामले का उल्लेख करते हुए सांसद ने कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई ही समाज में कानून का भय बनाए रख सकती है। आगामी विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए साक्षी महाराज ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी को जनता का समर्थन नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता विकास, सुरक्षा और सुशासन के मुद्दों पर सरकार के साथ खड़ी है और अगले चुनाव में भी विपक्ष को निराशा हाथ लगेगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी से ज्यादा महत्वपूर्ण जनता का विश्वास होता है और जनता अपना निर्णय समय आने पर स्वयं देगी।