सन नियो की अभिनेत्रियों ने माँ के प्रति जताया प्यार : हरिति और भाग्यश्री ने साझा कीं भावुक यादें
Fri, May 8, 2026
यूपी/मप्र मई 2026: माँ का प्यार एक ऐसा अहसास है जो वक्त के साथ और गहरा होता जाता है। वह न केवल हमारी ताकत होती हैं, बल्कि मुश्किल समय में हमारा सबसे सुरक्षित ठिकाना भी होती हैं। इस मदर्स डे के खास मौके पर, सन नियो के दो प्रमुख शो की अभिनेत्रियों ने अपनी माँ के साथ अपने खास जुड़ाव और पुरानी यादों को ताजा किया है।
हरिति जोशी: "माँ की ममता ही मेरी सबसे बड़ी ताकत"
धारावाहिक 'दिव्य प्रेम प्यार और रहस्य की कहानी' में 'तारा' के रूप में नजर आने वाली बाल कलाकार हरिति जोशी अपनी माँ को अपनी दुनिया मानती हैं। उन्होंने एक भावुक पल याद करते हुए बताया:
"मेरी माँ का प्यार पूरी तरह निस्वार्थ है। मुझे याद है जब एक बार मैं बहुत बीमार थी, तब माँ पूरी रात सोई नहीं थीं। वह रात भर मेरे सिर पर ठंडी पट्टियाँ रखती रहीं ताकि मेरा बुखार कम हो सके। उनकी वह देखभाल मेरे लिए अनमोल है।"
हरिति ने आगे बताया कि वह इस मदर्स डे को खास बनाने के लिए अपनी माँ के लिए खुद कार्ड बनाएँगी और उनके पसंदीदा पकवान बनाकर उन्हें सरप्राइज देंगी।
भाग्यश्री मिश्रा: "मेरे लिए हर दिन मदर्स डे है"
वहीं, 'सत्या साची' में 'साची' का मुख्य किरदार निभा रहीं भाग्यश्री मिश्रा का मानना है कि माँ के प्रति सम्मान जताने के लिए एक दिन काफी नहीं है। उनके अनुसार:
हर पल जरूरत
: "भले ही मैं अब आत्मनिर्भर हूँ, लेकिन मानसिक शांति के लिए मुझे आज भी सबसे पहले अपनी माँ की जरूरत होती है।"
सुकून का ठिकाना
: "शूटिंग की थकान के बाद जब मैं घर लौटकर माँ से बातें करती हूँ, तो मेरा सारा तनाव खत्म हो जाता है। वह मेरे लिए सुकून का दूसरा नाम हैं।"
भाग्यश्री ने कहा कि वह अपनी माँ के लिए हर दिन को खास बनाने की कोशिश करती हैं, क्योंकि उनके बिना उनका जीवन अधूरा है।
मनोरंजन का सफर जारी है
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इन कलाकारों के शानदार अभिनय को देखने के लिए जुड़ें सन नियो के साथ:
दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी – शाम 7:30 बजे
सत्या साची – रात 8:00 बजे
तीन लाख आबादी को राहत : शहर में चार नलकूप भवनों का होगा पुनर्निर्माण
Fri, May 8, 2026
शासन से मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी, जल्द शुरू होगा काम
उन्नाव। शहर में लंबे समय से जर्जर पड़े नलकूप भवनों को अब नया रूप मिलने जा रहा है। शहर की पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर पालिका ने चार पुराने नलकूप भवनों के पुनर्निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। शासन स्तर से परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अब जल्द ही निर्माण कार्य जमीन पर दिखाई देने लगेगा। इस काम पर करीब 24.01 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। शहर की करीब तीन लाख आबादी को रोजाना पानी सप्लाई करने के लिए नगर पालिका के पास कुल 20 नलकूप हैं। इनमें कई नलकूप भवन वर्षों पुराने हो चुके हैं और उनकी हालत काफी खराब हो गई है। बरसात और समय के असर से भवनों में जगह-जगह जर्जरता आ गई थी, जिससे संचालन और रखरखाव में भी दिक्कतें आ रही थीं। इसी को देखते हुए नगर पालिका ने चार नलकूप भवनों के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। मंजूरी मिलने वाले नलकूपों में बाबूगंज, पीडी नगर, कासिफ अली सराय के दो नलकूप और एबी नगर क्षेत्र का नलकूप शामिल है। नगर पालिका प्रशासन के मुताबिक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जल्द ही निर्माण एजेंसी काम शुरू करेगी। नगर पालिका का कहना है कि नए भवन बनने से नलकूपों के संचालन में आसानी होगी और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पहले से अधिक सुचारु हो सकेगी। गर्मी के मौसम में शहर में पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए इस परियोजना को काफी अहम माना जा रहा है। ईओ संजय गौतम ने बताया कि पुराने भवनों की स्थिति लगातार खराब हो रही थी, जिसके चलते पुनर्निर्माण जरूरी हो गया था। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लोगों को शुद्ध और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही भविष्य में तकनीकी दिक्कतों की संभावना भी कम होगी।
बाल श्रम पर सख्ती : अभियान के दौरान चार नाबालिग काम करते मिले
Fri, May 8, 2026
पुरवा क्षेत्र में होटल, ढाबों और दुकानों पर श्रम विभाग की छापेमारी, संचालकों को नोटिस जारी
उन्नाव। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसी कड़ी में उन्नाव में श्रम विभाग ने बाल एवं किशोर श्रमिकों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। गुरुवार को पुरवा तहसील क्षेत्र में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में चार बाल एवं किशोर श्रमिक काम करते मिले। टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किया। अभियान का नेतृत्व श्रम प्रवर्तन अधिकारी राधेश्याम सिंह ने किया। उनके साथ इन्दीवर जोशी, अनिल कुमार सिंह, एएचटी यूनिट की उपनिरीक्षक पूजा और पुलिस बल भी मौजूद रहा। टीम ने कई दुकानों और प्रतिष्ठानों में पहुंचकर काम कर रहे बच्चों और किशोरों की जांच की। निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर नाबालिग बच्चों से श्रम कराए जाने की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने बताया कि बाल श्रम निषेध कानून के तहत बच्चों से काम कराना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बच्चों के पुनर्वास और उन्हें शिक्षा से जोड़ने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी। श्रम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। खासतौर पर होटल, ढाबा, फैक्ट्री, वर्कशॉप और बाजार क्षेत्रों में नियमित जांच की जाएगी ताकि किसी भी नाबालिग से मजदूरी न कराई जा सके।विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं बाल श्रम कराया जाता दिखे तो उसकी सूचना प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।