Fri 17 Apr 2026

ब्रेकिंग

अब शादी समारोह में नहीं पड़ेगी गैस की कमी, प्रशासन ने किया इंतजाम

मुरादाबाद पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी: अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार

पीएफ घोटाले का शिकार हुआ मजदूर, तीन साल बाद दर्ज हुआ केस

BDO भुता को सौंपा ज्ञापन,मांगे पूर्ण न होने पर सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे

एक की मौत,कई घायल, मचा हड़कंप

सूचना

BREAKING NEWS

CRIME BREAKING

दंगा नियंत्रण का मॉक ड्रिल : 300 पुलिसकर्मियों ने लिया हिस्सा

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Tue, Feb 24, 2026
Post views : 115

एएसपी उत्तरी अखिलेश सिंह की मौजूदगी में रबर बुलेट से टियर गैस तक अभ्यास

उन्नाव। किसी भी आकस्मिक हालात में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों को सुरक्षित माहौल देने के लिए मंगलवार को पुलिस लाइन परिसर में बड़े स्तर पर दंगा नियंत्रण का अभ्यास कराया गया। रिजर्व पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में यह मॉक ड्रिल वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई, जिसमें करीब 300 अधिकारी, कर्मचारी और रिक्रूट आरक्षियों ने भाग लिया।यह अभ्यास  के निर्देशन में और  के नेतृत्व में आयोजित किया गया। मकसद साफ था, किसी भी अचानक भड़कने वाली स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को पूरी तरह तैयार रखना।

भीड़ नियंत्रण के तरीके समझाए गए

ड्रिल के दौरान जवानों को अखिलेश सिंह ने बताया गया कि अगर कोई भीड़ कानून के खिलाफ व्यवहार करे या हालात बेकाबू हों तो किस क्रम में और किस तरह कार्रवाई करनी है। सबसे पहले समझाइश, फिर हल्का बल प्रयोग और जरूरत पड़ने पर तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल कैसे करना है, इस पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। मौके पर रबर बुलेट गन, एंटी राइट गन, टियर गैस गन, आंसू गैस के गोले, टियर स्मोक सेल और नेट जैसे उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। जवानों को इन उपकरणों की कार्यप्रणाली, दूरी, दिशा और सुरक्षा मानकों के बारे में विस्तार से बताया गया, ताकि किसी भी कार्रवाई के दौरान अनावश्यक नुकसान न हो।

सावधानियां भी सिखाई गईं

एएसपी अखिलेश सिंह ने स्पष्ट किया कि भीड़ नियंत्रण में संयम सबसे अहम है। किस परिस्थिति में लाठीचार्ज किया जाए, कब आंसू गैस छोड़ी जाए और किन हालात में अन्य साधनों का उपयोग जरूरी हो, इस पर चरणबद्ध जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि कार्रवाई के दौरान आम नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की भूमिका भी समझाई गई। अगर किसी स्थान पर आगजनी जैसी स्थिति बने तो पुलिस और दमकल विभाग किस तरह समन्वय के साथ काम करेंगे, इसका भी अभ्यास कराया गया।

रिक्रूट आरक्षियों के लिए खास प्रशिक्षण

ड्रिल में बड़ी संख्या में नए भर्ती हुए आरक्षियों ने भी हिस्सा लिया। वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें मौके की स्थिति को समझने, आदेश की प्रतीक्षा करने और टीम के साथ तालमेल बनाकर काम करने की सीख दी। एएसपी का कहना है कि ऐसे अभ्यास का मकसद केवल बल प्रयोग सिखाना नहीं, बल्कि स्थिति को बिगड़ने से पहले संभालने की क्षमता विकसित करना है। पुलिस का प्रयास है कि जिले में कानून व्यवस्था मजबूत रहे और लोगों को भयमुक्त वातावरण मिले। मॉक ड्रिल के अंत में अधिकारियों ने पूरे अभ्यास की समीक्षा की और जरूरी सुधार बिंदुओं पर चर्चा की, ताकि भविष्य में किसी भी चुनौतीपूर्ण हालात का सामना और बेहतर तरीके से किया जा सके।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन