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लेदर इंडस्ट्री में उछाल के संकेत : टैक्स फ्री एक्सपोर्ट का फायदा, चमड़ा कारोबार में तेजी की उम्मीद

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Thu, Apr 30, 2026
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असद इराकी का दावा—एफटीए से दो-तीन साल में कई गुना बढ़ सकता है निर्यात

उन्नाव। भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) ने सेंट्रल यूपी के औद्योगिक क्षेत्र, खासकर उन्नाव और कानपुर के उद्यमियों में नई उम्मीद जगा दी है। इस समझौते के तहत अब भारत से जाने वाले कई उत्पादों पर न्यूजीलैंड में आयात शुल्क नहीं लगेगा, जिससे निर्यात को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। सबसे ज्यादा उत्साह चमड़ा उद्योग से जुड़े कारोबारियों में देखा जा रहा है। उन्नाव और कानपुर देश के बड़े लेदर हब माने जाते हैं, जहां से जूते-चप्पल, बैग और अन्य चर्म उत्पाद बड़े पैमाने पर विदेशों में भेजे जाते हैं। कारोबारियों का कहना है कि अब तक जिन देशों में टैक्स के कारण प्रतिस्पर्धा मुश्किल होती थी, वहां भारतीय उत्पाद ज्यादा किफायती हो जाएंगे। चर्म निर्यातक असद कमाल इराकी के मुताबिक, मौजूदा समय में कानपुर-उन्नाव क्षेत्र से सालाना करीब 7 हजार करोड़ रुपये का लेदर निर्यात होता है। एफटीए लागू होने के बाद यह आंकड़ा अगले एक साल में 8 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। उनका मानना है कि आने वाले दो से तीन वर्षों में न्यूजीलैंड के साथ व्यापार में कई गुना बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। असद इराकी ने बताया कि अभी न्यूजीलैंड का कुल आयात बाजार करीब 500 मिलियन डॉलर का है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी लगभग 12 प्रतिशत ही है। ऐसे में शुल्क खत्म होने से भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ेगी और बाजार में हिस्सेदारी भी तेजी से बढ़ सकती है। सिर्फ चमड़ा ही नहीं, बल्कि कपड़ा, इंजीनियरिंग सामान और प्रोसेस्ड फूड इंडस्ट्री को भी इस समझौते से फायदा मिलेगा। छोटे और मझोले उद्यमों के लिए यह एक बड़ा मौका माना जा रहा है, जिससे उन्हें नए बाजार में पैर जमाने का अवसर मिलेगा। स्थानीय उद्योग संगठनों का कहना है कि अगर सरकार की नीतिगत सहायता और लॉजिस्टिक्स बेहतर रहे, तो उन्नाव और कानपुर क्षेत्र अकेले ही भारत-न्यूजीलैंड व्यापार में 25 से 30 फीसदी तक हिस्सेदारी निभा सकते हैं। इससे न सिर्फ कारोबार बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। कुल मिलाकर, यह समझौता सेंट्रल यूपी के उद्योग जगत के लिए एक नए दौर की शुरुआत की तरह देखा जा रहा है, जहां वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा के नए रास्ते खुलते नजर आ रहे हैं।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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