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गणतंत्र दिवस पर शिक्षा की अलख : बच्चों के हाथ में किताबें और सपनों को नई दिशा

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Tue, Jan 27, 2026
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आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने की पहल, बांटी गई कॉपी-किताबें

उन्नाव। गणतंत्र दिवस के मौके पर सिर्फ झंडारोहण और भाषण तक कार्यक्रम सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा को केंद्र में रखकर एक सार्थक पहल भी देखने को मिली। बिछिया ब्लॉक के मैता गांव में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों बच्चों को पठन-पाठन सामग्री बांटी गई और उन्हें पढ़ाई के महत्व का संदेश दिया गया। किताब, कॉपी और पेन हाथ में आते ही बच्चों के चेहरों पर जो खुशी दिखी, वही इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।सोमवार को गांव में गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में पठन-पाठन सामग्री वितरण और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान 300 से अधिक बच्चों को कॉपी, किताबें, पेन, पेंसिल, रबर, कटर समेत रोजमर्रा की शैक्षिक सामग्री दी गई। आयोजन का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई से जोड़ना और यह भरोसा देना था कि संसाधनों की कमी उनके सपनों की राह में बाधा नहीं बनेगी।कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार और शिक्षक लल्लू राम सिंह ने बच्चों से सीधी और सरल भाषा में संवाद किया। उन्होंने अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी यूं ही नहीं मिली है, इसके पीछे हजारों बलिदान छिपे हैं। उन्होंने बच्चों को समझाया कि जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए संघर्ष किया, वैसे ही आज की पीढ़ी का सबसे बड़ा दायित्व शिक्षा के जरिए देश को मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि किताबें और कलम ही बच्चों का सबसे सशक्त हथियार हैं। इस दौरान बच्चों को गणतंत्र दिवस के मायने भी बताए गए। संविधान, लोकतंत्र और नागरिक जिम्मेदारियों पर चर्चा करते हुए उन्हें यह समझाया गया कि अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन भी उतना ही जरूरी है। बच्चों ने मन लगाकर पढ़ाई करने और अच्छा नागरिक बनने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के आयोजकों का कहना था कि ऐसे छोटे प्रयास बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज को आगे ले जाने का सबसे मजबूत माध्यम है और इसी सोच के साथ यह आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजक सुरेश राजपूत, धर्मेंद्र लोधी, कमलेश राजपूत, शिव लाल, नरपति सिंह लोधी, कौशल राजपूत समेत कई ग्रामीण और अभिभावक मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में बच्चों और ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की और भविष्य में ऐसे आयोजनों को लगातार करने की जरूरत पर जोर दिया।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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