इस्तीफ़े के बाद बड़ा एक्शन : सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री सस्पेंड,मंडलायुक्त करेंगे जाँच
THE LUCKNOW TIMES
Tue, Jan 27, 2026
अर्धरात्रि खाली किया सरकारी आवास,समर्थकों की भीड़ ने लगाए जय शिवा–जय भवानी के नारे
प्रशासनिक अनुशासन बनाम भावनाएं:अलंकार अग्निहोत्री निलंबित,सियासी घमासान तेज
बरेली से लखनऊ-दिल्ली तक हो रही हलचल: सिटी मजिस्ट्रेट पर गिराई गाज,यूजीसी नियम और शंकराचार्य विवाद केंद्र के मुख्य विन्दु
बरेली में गणतंत्र दिवस के अवसर पर इस्तीफ़ा देकर प्रशासनिक और राजनीतिक की गलियों भारी हलचल मचाने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री पर अब शासन ने सख़्त कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की विभागीय जाँच के आदेश जारी किए गए हैं और जाँच की जिम्मेदारी बरेली मंडल आयुक्त भूपेंद्र एस,चौधरी को सौंपी गई है।
शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर रहते हुए उनके आचरण को प्रथम दृष्टया अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना गया है।यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक(अनुशासन एवं अपील) नियमावली–1999 के तहत की गई है।निलंबन अवधि के दौरान उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा किसी भी प्रकार का अतिरिक्त भत्ता नहीं दिया जाएगा।
अर्धरात्रि सरकारी आवास कर दिया खाली,बरेली में बनाया ठिकाना
शासन की कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद घटनाक्रम ने एक नाटकीय मोड़ ले लिया।अलंकार अग्निहोत्री ने रात करीब 11,00 बजे सरकारी आवास खाली कर दिया। फिलहाल बरेली में ही बे अपने परिचितों के यहां ठहरे हुए हैं। आदेश अनुसार निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय शामली तय किया गया है और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक रहेगी।
डीएम आवास पर बैठक के बाद लगाए गंभीर आरोप
इस्तीफ़ा देने के बाद शाम करीब 7:30 बजे अलंकार अग्निहोत्री जिलाधिकारी अविनाश सिंह के आवास पहुंचे जहां लगभग एक घंटे तक चली बातचीत के बाद बाहर निकलते ही उन्होंने सनसनी खेज आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया, लखनऊ से फोन आए और कथित रूप से अपशब्दों का इस्तेमाल करने भी आरोप लगाया।
हालांकि जिला प्रशासन ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन बताते हुए खारिज कर दिया है।
UGC नियम और शंकराचार्य प्रकरण बना विवाद की जड़
अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफ़े के पीछे यूजीसी के नए नियम व प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से कथित मारपीट को कारण बताया।उन्होंने इसे सनातन, ब्राह्मण समाज और साधु-संतों के अपमान से जोड़ते हुए इस मुद्दे को बड़ावा दिया जिसमें सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ कई ब्राह्मण संगठनों ने भी खुलकर समर्थन कर प्रदर्शन किए।
एडीएम कंपाउंड में उमड़ी भीड़,समर्थन में गूंजे नारे
देर रात्रि में आवास खाली करने के दौरान एडीएम कंपाउंड में सैकड़ों समर्थकों की भीड़ जमा हो गई।जैसे ही अलंकार अग्निहोत्री कार में बैठकर रवाना हुए तो भीड़ ने उनके समर्थन में ‘जय शिवा,जय भवानी’के नारे भी लगाए जहाँ माहौल पूर्ण रूप से भावनात्मक उग्र नजर आया।
शासन बनाम संवेदना: टकराव गहराया
एक ओर शासन इसे प्रशासनिक अनुशासन और मर्यादा का सवाल बता रहा है वहीं दूसरी ओर अलंकार अग्निहोत्री इसे वैचारिक संघर्ष और सामाजिक सम्मान से जोड़ा है।इस्तीफ़ा,निलंबन और जाँच सड़कों पर उतरा समर्थन,पूरे घटनाक्रम ने बरेली से लेकर लखनऊ-दिल्ली तक सियासी और सामाजिक बहस गति को तेज कर दिया है।
बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या यह मामला सिर्फ एक अफसर तक सीमित रहेगा या आगे और बड़े राजनीतिक समीकरण बनेंगे!
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Alankar Agnihotri
City magistrate alankar Agnihotri
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