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अब नहीं चलेंगे पुराने बहाने : डीएम की दो टूक, लंबित प्रकरण खत्म करें वरना होगी कार्रवाई

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Sat, Feb 14, 2026
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बड़े बकायेदारों की सूची बनाकर सख्त वसूली अभियान चलाने के आदेश

उन्नाव। राजस्व और तहसील से जुड़े कामों की रफ्तार पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में साफ कर दिया गया कि पुराने मामलों को ढोने की संस्कृति अब नहीं चलेगी। तय समय के भीतर काम पूरा करना ही प्राथमिकता होगी। डीएम ने तहसील न्यायालयों में लंबित वादों की बिंदुवार समीक्षा की। धारा 34, 67 समेत वर्षों से लंबित चल रहे मामलों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने विशेष अभियान चलाकर इनका निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी न्यायालय में पुराने मुकदमे बिना ठोस कारण के लंबित मिले तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। लापरवाही पर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। बैठक में स्वामित्व योजना की प्रगति भी एजेंडे में रही। कई तहसीलों में घरौनी वितरण की रफ्तार अपेक्षा से कम पाई गई। डीएम ने कहा कि ड्रोन सर्वे, अभिलेखों के मिलान और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं तेजी से पूरी कर पात्र ग्रामीणों को जल्द घरौनी उपलब्ध कराई जाए। यह सरकार की प्राथमिक योजनाओं में शामिल है, इसलिए इसमें ढिलाई की गुंजाइश नहीं है। राजस्व वसूली को लेकर भी कड़ा संदेश दिया गया। बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ अभियान चलाने को कहा गया। स्पष्ट निर्देश रहे कि लक्ष्य के अनुरूप वसूली हर हाल में सुनिश्चित हो। जरूरत पड़ने पर विधिक कार्रवाई भी की जाए। डीएम ने कहा कि राजस्व वसूली सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का पैमाना है। मुख्यमंत्री संदर्भों की समीक्षा के दौरान भी समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी तहसील में संदर्भ लंबित न रहें और डिफॉल्टर की स्थिति बनने से पहले ही मामलों का समाधान कर लिया जाए। शिकायतों का जवाब औपचारिकता नहीं, संतोषजनक होना चाहिए। पैमाइश से जुड़े मामलों में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को चेतावनी दी गई कि कार्य में लापरवाही या शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी। डीएम ने दो टूक कहा कि राजस्व विभाग की छवि सीधे तौर पर जनता के अनुभव से बनती है, इसलिए फील्ड स्तर पर जवाबदेही तय होगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुशील कुमार गोंड, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अमिताभ यादव, सिटी मजिस्ट्रेट राजीव राज के साथ सदर, हसनगंज, पुरवा और बीघापुर तहसीलों के उपजिलाधिकारी व तहसीलदार मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अगली समीक्षा में प्रगति जमीन पर दिखनी चाहिए, कागजों पर नहीं।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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