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आरोप : सरकारी ठेके की 50 हजार की फर्जी एफडीआर लगाई, रिपोर्ट दर्ज

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Sun, Aug 9, 2026
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उन्नाव मंडी द्वितीय के परिवहन ठेके का मामला, प्रीति कंस्ट्रक्शन की प्रोपराइटर की मुश्किलें बढ़ी

उन्नाव। सरकारी क्रय केंद्र पर परिवहन का ठेका लेने के लिए जमा कराई गई 50 हजार रुपये की एफडीआर (फिक्स्ड डिपॉजिट रिसिप्ट) फर्जी निकलने के बाद मामला सदर कोतवाली पहुंच गया। खाद्य एवं विपणन विभाग के सत्यापन में एफडीआर कूटरचित मिलने के बाद पुलिस ने प्रीति कंस्ट्रक्शन की प्रोपराइटर प्रीति गुप्ता समेत अन्य के खिलाफ सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे असली बताकर इस्तेमाल किया गया। साथ ही दूसरे की पहचान का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करने का आरोप भी लगाया गया है। मामला उन्नाव मंडी द्वितीय के क्रय केंद्र का है और यहां पर धान के साथ मक्का, बाजरा और ज्वार की खरीद के लिए बनाए गए केंद्रों तथा आगामी गेहूं खरीद परिवहन ठेके से जुड़ा है। विभागीय तहरीर के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए क्रय केंद्र पर परिवहन कार्य के लिए मेसर्स प्रीति कंस्ट्रक्शन को ठेकेदार नियुक्त किया गया था। ठेका प्रक्रिया में निर्धारित प्रतिभूति राशि जमा करना जरूरी था। इसी के तहत फर्म की ओर से 50 हजार रुपये की एफडीआर प्रस्तुत की गई। दस्तावेज में एफडीआर भारतीय स्टेट बैंक, पिसावां, सीतापुर से जारी होना दर्शाया गया था। इसे सम्भागीय खाद्य नियंत्रक, लखनऊ सम्भाग के पक्ष में बंधक किए जाने का विवरण भी दर्ज था। विभाग ने एफडीआर का सत्यापन कराया तो मामला संदिग्ध पाया गया और जांच में इसे कूटरचित व फर्जी बताया गया।

अफसरों के निर्देश पर थाने पहुंचा मामला

एफडीआर के फर्जी पाए जाने के बाद मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। सम्भागीय खाद्य नियंत्रक, लखनऊ सम्भाग और जिला खाद्य विपणन अधिकारी, उन्नाव के स्तर से संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद विपणन निरीक्षक निशा शुक्ला ने सदर कोतवाली में तहरीर दी। सदर कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्रीति कंस्ट्रक्शन की प्रोपराइटर प्रीति गुप्ता व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, दूसरे की पहचान का इस्तेमाल कर ठगी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उसे असली बताकर इस्तेमाल करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज है।

किसने तैयार की एफडीआर, जांच में खुलेगा राज

अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित होगी कि कथित फर्जी एफडीआर तैयार कैसे हुई। इसे बैंक से जारी दिखाने के पीछे किसकी भूमिका रही और इसे सरकारी ठेका प्रक्रिया में किसने प्रस्तुत किया, इसकी पड़ताल की जाएगी। पुलिस एफडीआर में दर्ज बैंक संबंधी विवरण का सत्यापन कराने के साथ दस्तावेज पर किए गए हस्ताक्षरों की भी जांच करेगी। जांच के दौरान ठेका प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज भी देखे जा सकते हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फर्जी एफडीआर कब और किसके माध्यम से विभाग के पास पहुंची।

सरकारी ठेके में इस्तेमाल होने से मामला गंभीर

फर्जी बताई गई एफडीआर किसी निजी लेनदेन के लिए नहीं, बल्कि सरकारी क्रय केंद्र के परिवहन ठेके की प्रतिभूति के तौर पर प्रस्तुत की गई थी। इसी वजह से विभाग ने मामले में पुलिस कार्रवाई कराई है। हालांकि एफआईआर में लगाए गए आरोप अभी जांच के अधीन हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उसका इस्तेमाल करने में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट होगी।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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