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बीसी में नौ लाख रुपये फंसे : इंसाफ के लिए कोर्ट पहुंचा दूध कारोबारी

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Sat, Oct 17, 2026
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तीन योजनाओं में निवेश के नाम पर रकम देने का दावा, रुपये मांगने पर धमकी देने का आरोप

उन्नाव। कमाई बढ़ाने और मुनाफा पाने की उम्मीद में बीसी में रुपये लगाए, लेकिन अब रकम वापस मिलने का इंतजार है। चौरा गांव निवासी दूध कारोबारी नीरज कुमार ने गद्दियाना निवासी अनवार अहमद उर्फ शीबू पर नौ लाख रुपये वापस नहीं करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने वर्ष 2021 से 2023 के बीच तीन बीसी योजनाओं में किश्तों के जरिए रकम दी थी। रुपये वापस मांगने पर उसे टालमटोल का सामना करना पड़ा। बाद में धमकी देने का आरोप भी लगाया गया। पुलिस से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने की बात कहते हुए कारोबारी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। मामले में सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।

दूध पहुंचाने के दौरान हुई थी पहचान

नीरज कुमार के मुताबिक, वह खेती और पशुपालन के साथ दूध का कारोबार करता है। कोतवाली सदर के सामने स्थित मुन्ना स्वीट्स हाउस पर वह दूध पहुंचाता था। इसी दुकान पर आने-जाने के दौरान वर्ष 2021 में उसकी मुलाकात अनवार अहमद उर्फ शीबू से हुई थी। शिकायत में कहा गया है कि मुन्ना स्वीट्स के मालिक श्याम कुमार के माध्यम से दोनों की पहचान हुई थी।

तीन बीसी योजनाओं में रकम लगाने का दावा

शिकायतकर्ता का आरोप है कि अनवार ने उसे बताया था कि वह बीसी समूह चलाता है और इसमें कई लोग जुड़े हैं। उसके मुताबिक, बीसी में रुपये लगाने से सदस्यों को फायदा हो रहा है और वह भी इसमें शामिल होकर मुनाफा कमा सकता है। नीरज का कहना है कि इसी भरोसे पर वह तीन बीसी योजनाओं में सदस्य बना और 26 जनवरी 2021 से वर्ष 2023 तक किश्तों में रुपये देता रहा। नीरज ने अपनी शिकायत में कुल नौ लाख रुपये देने का दावा किया है। उसका कहना है कि इसके लिए उसने यूको बैंक और पोस्ट ऑफिस के खातों से रकम निकाली थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, रुपये देने से जुड़े विवरण उसके पास सुरक्षित हैं।

दुकान पर रुपये देने की कही बात

नीरज ने शिकायत में बताया कि उसने बीसी की रकम मुन्ना स्वीट्स की दुकान पर दी थी। उस समय दुकान के मालिक श्याम कुमार और पास में स्थित द्विवेदी नर्सिंग होम के मालिक मिक्रांत द्विवेदी के मौजूद रहने की बात भी कही गई है। शिकायत में दोनों को बीसी समूह का सदस्य बताया गया है। हालांकि, इस मामले में उनकी भूमिका को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

रकम मांगने पर विवाद बढ़ने का आरोप

शिकायतकर्ता के मुताबिक, बीसी में रुपये लगाने के बाद जब उसने अपनी रकम और मुनाफा वापस मांगा तो उसे भुगतान नहीं किया गया। उसका आरोप है कि लंबे समय तक रुपये नहीं मिलने के कारण वह आर्थिक परेशानी में आ गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि 18 अगस्त 2026 को रकम मांगने पर अनवार ने कार्रवाई करने की स्थिति में भविष्य में ठीक नहीं होने की धमकी दी।

पुलिस से शिकायत के बाद अदालत की शरण

नीरज का कहना है कि उसने पहले पुलिस को सूचना दी और कोतवाली सदर पुलिस के साथ पुलिस अधीक्षक को भी लिखित शिकायत दी। आरोप है कि इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। इस पर उसने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। अब मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है।

जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल शिकायतकर्ता के आरोपों और रुपये के लेनदेन की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। बीसी की योजनाओं की वास्तविक स्थिति, रकम दिए जाने के साक्ष्य और कथित धमकी के संबंध में जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। रिपोर्ट दर्ज होने का मतलब आरोप साबित होना नहीं है। मामले में दूसरे पक्ष का बयान उपलब्ध होने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।

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