आज से यूपी बोर्ड परीक्षा : 122 केंद्रों पर 71 हजार से अधिक परीक्षार्थी
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Wed, Feb 18, 2026
कंट्रोल रूम और आईकार्ड व्यवस्था देर शाम तक उलझी रही
उन्नाव। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं मंगलवार, 18 फरवरी से जिले में शुरू हो रही हैं। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले तक तैयारियों को अंतिम रूप देने में प्रशासन और शिक्षा विभाग जुटा रहा। कई व्यवस्थाएं देर शाम तक पूरी नहीं हो सकीं, जिससे अफसरों और केंद्र प्रभारियों की चिंता बढ़ी रही। जिले में इस बार 122 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कुल 71,581 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगे। निगरानी के लिए करीब 3600 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गई है। इन सभी को क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र जारी किए जा रहे हैं ताकि ड्यूटी की निगरानी डिजिटल तरीके से की जा सके। डीआईओएस कार्यालय में देर शाम तक आईकार्ड वितरण का काम चलता रहा। कई शिक्षक पहचान पत्र लेने के लिए कतार में दिखाई दिए।
कंट्रोल रूम कनेक्टिविटी ने बढ़ाई चिंता
जिले में बनाए गए कंट्रोल रूम को लखनऊ स्थित बोर्ड मुख्यालय से जोड़ा जाना था, ताकि परीक्षा की लाइव मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग हो सके। लेकिन परीक्षा शुरू होने से कुछ घंटे पहले तक तकनीकी कनेक्टिविटी पूरी तरह स्थापित नहीं हो सकी थी। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी टीम देर रात तक काम में जुटी रही।
सचल दल की तैनाती पर सवाल
परीक्षा के दौरान नकल रोकने और औचक निरीक्षण के लिए छह सचल दल गठित किए गए हैं। इनमें तीसरे दल की जिम्मेदारी जीआईसी के प्रधानाचार्य परमात्मा शरण को दी गई है। हालांकि नियमों के मुताबिक परीक्षा के दौरान केंद्र व्यवस्थापक का अपने केंद्र पर मौजूद रहना अनिवार्य होता है। इस पर सवाल उठे तो डीआईओएस सुनील दत्त ने बताया कि अनुभवी प्रधानाचार्यों की कमी के चलते यह व्यवस्था की गई है। उनकी अनुपस्थिति में संबंधित केंद्र पर जूनियर शिक्षक जिम्मेदारी संभालेंगे।
एक ही संकलन केंद्र से बढ़ेगी परेशानी
इस बार उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन के लिए पूरे जिले में सिर्फ एक ही मुख्य केंद्र बनाया गया है, जो शहर के जीआईसी में स्थित है। पहले उप-संकलन केंद्र भी बनाए जाते थे, जिससे दूरस्थ केंद्रों को राहत मिलती थी। अब 40 से 45 किलोमीटर दूर के परीक्षा केंद्रों को भी परीक्षा खत्म होने के दो घंटे के भीतर कॉपियां मुख्य केंद्र तक पहुंचानी होंगी। कुंवर रामबख्श सिंह इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य जगतपाल सिंह ने मांग की है कि पहले की तरह मोहान में उप-संकलन केंद्र बहाल किया जाए। उनका कहना है कि लंबी दूरी और समय सीमा के कारण शिक्षकों पर अतिरिक्त दबाव रहेगा। इस पर डीआईओएस ने साफ किया कि इस बार उप-संकलन केंद्र की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है और सभी केंद्रों को मुख्य संकलन केंद्र पर ही कॉपियां जमा करनी होंगी।
सुरक्षा और पारदर्शिता पर प्रशासन का जोर
प्रशासन का कहना है कि परीक्षा को नकलमुक्त और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। सीसीटीवी निगरानी, क्यूआर कोड आईकार्ड और सचल दल की सक्रियता के जरिए पारदर्शिता सुनिश्चित करने का दावा किया जा रहा है। अब देखना होगा कि पहले दिन व्यवस्थाएं कितनी सुचारू रहती हैं और दूरस्थ केंद्रों से कॉपियों का संकलन समय पर हो पाता है या नहीं। जिले में इतने बड़े पैमाने पर हो रही परीक्षा प्रशासनिक क्षमता की भी एक बड़ी परीक्षा मानी जा रही है।
Tags :
Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन