अमृत योजना फेज-2 : न समय की बंदिश, न मोटर चलाने की झंझट नल खोला और पानी हाजिर
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Sat, Jan 3, 2026
पायलट प्रोजेक्ट के सफल होते ही दूसरे वार्डों में भी लागू होगी व्यवस्था

उन्नाव। शहर के पीडी नगर वार्ड के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। शासन ने अमृत योजना के दूसरे चरण में यहां अत्याधुनिक पेयजल योजना को मंजूरी दे दी है। इस पायलट प्रोजेक्ट पर 26.72 करोड़ रुपये खर्च होंगे। योजना के पूरा होते ही वार्ड के करीब 15 हजार लोगों को चौबीसों घंटे साफ पानी मिलेगा। अटल मिशन फॉर रीजूवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन यानी अमृत योजना के फेज टू में उन्नाव शहर के वार्ड नंबर 18 पीडी नगर को चुना गया है। यह शहर का पहला वार्ड होगा, जहां पूरी तरह ऑटोमेटिक सिस्टम से जलापूर्ति की जाएगी। इसी वजह से इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा रहा है।इस योजना के तहत इलाके में बड़े भूमिगत जल टैंक बनाए जाएंगे। इन टैंकों से पानी सीधे पाइप लाइनों के जरिए घरों तक पहुंचेगा। हर घर में मीटर लगेगा, ताकि जलापूर्ति पर नजर रखी जा सके। खास बात यह है कि टैंकों में पानी का स्तर कम होते ही सेंसर खुद सक्रिय हो जाएंगे और पंप अपने आप चालू हो जाएंगे। इससे पानी की सप्लाई बिना रुके जारी रहेगी। योजना में ऐसी मशीनें लगाई जाएंगी, जो पाइप लाइनों में लगातार सही दबाव बनाए रखेंगी। इससे ऊंचाई वाले इलाकों और आखिरी छोर के घरों तक भी समान रूप से पानी पहुंचेगा। अभी तक लोगों को कम प्रेशर और अनियमित सप्लाई की जो परेशानी झेलनी पड़ती थी, उससे निजात मिलने की उम्मीद है। शिकायतों के समाधान के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। इस पेयजल योजना के लिए विशेष तकनीकी टीमें बनाई जाएंगी। उपभोक्ता मोबाइल फोन या एप के माध्यम से पानी न आने, लीकेज, प्रेशर कम होने जैसी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। शिकायत मिलते ही रैपिड टीम मौके पर पहुंचेगी और तय समय के भीतर फॉल्ट ठीक करेगी। जल निगम के अधिशासी अभियंता पंकज रंजन झा के अनुसार, यह पूरी व्यवस्था ऑनलाइन कंट्रोल सिस्टम से जुड़ी होगी। कंट्रोल रूम से टैंकों के जलस्तर, पंप की स्थिति और सप्लाई पर नजर रखी जाएगी। जैसे ही कहीं कोई दिक्कत सामने आएगी, तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि इस सिस्टम में पानी खत्म होने जैसी स्थिति ही नहीं बनेगी। पहले चरण में करीब 3500 घरों को इस नई व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। योजना को जून 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो आने वाले समय में उन्नाव शहर के अन्य वार्डों में भी इसी तरह की ऑटोमेटिक और चौबीसों घंटे जलापूर्ति व्यवस्था लागू की जाएगी। कुल मिलाकर पीडी नगर के लिए यह योजना जीवन स्तर सुधारने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। लगातार पानी मिलने से न सिर्फ घरेलू जरूरतें आसान होंगी, बल्कि लोगों को रोजमर्रा की परेशानियों से भी राहत मिलेगी।
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Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news
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