उन्नाव में 17 मार्च से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू : 87 केंद्रों पर होगा क्रय
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Sat, Feb 21, 2026
इस बार समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी, 48 घंटे में सीधे खाते में भुगतान का दावा
उन्नाव। रबी सीजन की फसल कटाई से पहले ही सरकार ने गेहूं खरीद की तैयारी तेज कर दी है। जिले में 17 मार्च से सरकारी खरीद शुरू होगी और इसके लिए 87 क्रय केंद्रों को मंजूरी दी गई है। प्रशासन का कहना है कि किसानों को इस बार पहले से बेहतर दाम और समय पर भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा। इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2589 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। पिछले साल यह दर 2425 रुपये थी। यानी किसानों को प्रति क्विंटल 160 रुपये अधिक मिलेंगे। बढ़ी हुई कीमत से जिले के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
तीन एजेंसियों को जिम्मेदारी
जिले में खरीद का जिम्मा तीन प्रमुख एजेंसियों को सौंपा गया है। इनमें विपणन शाखा के 15 केंद्र, पीसीएफ के 70 केंद्र और एफसीआई के 2 केंद्र शामिल हैं। प्रशासन का दावा है कि सभी केंद्रों पर तौल, भंडारण और भुगतान की व्यवस्था पहले से दुरुस्त की जा रही है, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो।
पंजीकरण अनिवार्य, तभी होगी खरीद
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष यादव ने बताया कि सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने से पहले किसानों को विभागीय पोर्टल www.fcs.up.gov.in पर पंजीकरण कराना जरूरी है। बिना पंजीकरण के खरीद नहीं की जाएगी। अब तक 62 किसान अपना पंजीकरण करा चुके हैं, लेकिन प्रशासन का मानना है कि संख्या तेजी से बढ़ेगी। पंजीकरण के समय खतौनी, बैंक पासबुक और आधार कार्ड में दर्ज नाम एक जैसा होना चाहिए। नाम में अंतर होने पर भुगतान में देरी हो सकती है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे पहले दस्तावेजों की जांच कर लें।
48 घंटे में खाते में पैसा
इस बार भुगतान पूरी तरह ऑनलाइन होगा। अधिकारियों का कहना है कि खरीद के 48 घंटे के भीतर राशि सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। इसके लिए बैंक खाता आधार और एनपीसीआई से लिंक होना अनिवार्य है। पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भुगतान और तौल की सूचना भी भेजी जाएगी।
प्रशासन की तैयारी पर नजर
जिला प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों को समय से केंद्र चालू करने और व्यवस्था पारदर्शी रखने के निर्देश दिए हैं। पिछले वर्षों में कई जगहों पर तौल में देरी और भुगतान को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। इस बार व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। किसानों के लिए यह खरीद सत्र अहम माना जा रहा है। बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य और तय समय सीमा में भुगतान का वादा तभी असरदार होगा जब जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं सही ढंग से लागू हों। फिलहाल निगाहें 17 मार्च पर टिकी हैं, जब जिले में सरकारी खरीद औपचारिक रूप से शुरू होगी।
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Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news
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